मजबूत मसूड़ों और स्वस्थ दांतों के लिए आजमाएं ये खास तरीके, मार्शल आर्ट एक्सपर्ट सुमित वर्मन से जानें जबड़े की कसरत के फायदे

पलामू के मार्शल आर्ट विशेषज्ञ सुमित वर्मन ने दांतों और मसूड़ों को मजबूत रखने के लिए कुछ खास पारंपरिक और आधुनिक तरीके साझा किए हैं, जिनमें जबड़े का व्यायाम भी शामिल है।

आज के समय में हमारा खानपान और जीवनशैली तेजी से बदल रही है। इस बदलाव का सबसे सीधा और बुरा असर हमारे स्वास्थ्य के साथ-साथ दांतों की सेहत पर भी पड़ रहा है। पलामू के लोगों के बीच भी यह समस्या आम होती जा रही है। अधिक मीठा खाना, कोल्ड ड्रिंक पीना और जंक फूड का सेवन करना आजकल के व्यंजनों का मुख्य हिस्सा बन चुका है, जिसके कारण बहुत ही कम उम्र में लोगों के दांत खराब होने लगते हैं। दांतों में कीड़े लगना, मसूड़ों से खून आना, मुंह से बदबू आना और दांतों में संवेदनशीलता यानी सेंसिटिविटी जैसी समस्याएं आजकल बहुत आम हो चुकी हैं।

कई बार लोग अपने मुंह की सफाई पर ध्यान नहीं देते, जिससे कम उम्र में ही उन्हें डेंटिस्ट के चक्कर लगाने पड़ते हैं। खासकर बच्चों के दांतों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। मजबूत और स्वस्थ दांत केवल खाना चबाने के ही काम नहीं आते, बल्कि ये हमारे अच्छे पाचन और संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत आवश्यक हैं। इसी विषय पर झारखंड के पलामू से मार्शल आर्ट विशेषज्ञ सुमित वर्मन ने कुछ बेहद महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं। उन्होंने बताया कि कैसे हम अपनी दैनिक आदतों में थोड़ा बदलाव करके और कुछ आसान कसरतों की मदद से अपने दांतों और जबड़ों को लंबे समय तक मजबूत रख सकते हैं।

जंगली जानवरों के दांतों का रहस्य

मार्शल आर्ट एक्सपर्ट सुमित वर्मन ने अपनी बात की शुरुआत एक बहुत ही दिलचस्प उदाहरण के साथ की। उन्होंने बताया कि जंगल में रहने वाले जानवर कभी ब्रश नहीं करते, फिर भी उनके दांत और जबड़े बेहद मजबूत होते हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि वे लगातार अपने जबड़ों का उपयोग करते रहते हैं। जानवर अपनी प्राकृतिक भोजन चबाने की प्रक्रिया के जरिए अपने जबड़े और दांतों को हमेशा सक्रिय रखते हैं। इस निरंतर गतिविधि से उनके मुंह और चेहरे की मांसपेशियां मजबूत बनी रहती हैं। इंसान भी यदि अपने जबड़ों की नियमित रूप से एक्सरसाइज यानी व्यायाम करें, तो वे अपने दांतों को लंबे समय तक स्वस्थ रख सकते हैं।

चेहरे और जबड़े को मजबूत बनाने वाले आसान व्यायाम

सुमित वर्मन ने कुछ बेहद सरल और प्रभावी व्यायामों के बारे में बताया है, जिन्हें कोई भी अपने घर पर आसानी से कर सकता है:

  • मुंह को घुमाना: सुबह के समय कुछ मिनट तक अपने मुंह को दाएं-बाएं और फिर गोलाकार दिशा में घुमाने का अभ्यास करें। यह जबड़े की मांसपेशियों को सक्रिय करने का एक बेहतरीन तरीका है।
  • ध्वनियों का स्पष्ट उच्चारण: अंग्रेजी के अक्षरों जैसे "O" और "X" की ध्वनियों का बार-बार और स्पष्ट रूप से उच्चारण करें। इससे चेहरे और जबड़ों की मांसपेशियों का बहुत अच्छा व्यायाम होता है।
  • च्युइंगम चबाना: यदि आपको कोई गंभीर चिकित्सकीय या दंत समस्या नहीं है, तो डॉक्टर की सलाह पर सीमित मात्रा में शुगर-फ्री च्युइंगम चबा सकते हैं। इससे जबड़ों की मांसपेशियां सक्रिय रहती हैं और चबाने की क्षमता में सुधार होता है।

दांतों की सफाई के नियम: आधुनिक और पारंपरिक तरीके

व्यायाम के अलावा सुमित वर्मन ने दांतों की नियमित और सही तरीके से सफाई करने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि दांतों को मजबूत रखने का सबसे बुनियादी नियम उनकी सही सफाई है। हमें दिन में कम से कम दो बार ब्रश करने की आदत डालनी चाहिए, एक बार सुबह उठने के बाद और दूसरी बार रात को सोने से पहले।

इसके साथ ही उन्होंने भारत के पारंपरिक तरीकों का भी जिक्र किया। सुमित ने बताया कि पुराने समय में लोग अपने दांतों और मसूड़ों को मजबूत रखने के लिए प्राकृतिक चीजों का उपयोग करते थे। पहले के लोग नमक, कोयला और सरसों के तेल के मिश्रण से अपने मुंह और दांतों की सफाई करते थे, जिससे मसूड़े स्वस्थ रहते थे। इसके अलावा, भारत में आज भी ग्रामीण इलाकों में नीम और चिचड़ी जैसी औषधीय वनस्पतियों की दातून का उपयोग किया जाता है। ये प्राकृतिक दातून दांतों को कीड़ों से बचाने और मुंह को तरोताजा रखने में बेहद असरदार साबित होते हैं। अतः आधुनिक तकनीकों के साथ-साथ इन पारंपरिक आदतों को अपनाकर भी हम अपने ओरल हेल्थ को बेहतर बना सकते हैं।

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