‘पांडे हों या देशपांडे, महाराष्ट्र में बिजनेस करना है तो मराठी बोलना जरूरी’, ऑटो चालकों पर मंत्री प्रताप सरनाईक का बड़ा बयान

महाराष्ट्र में ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा को अनिवार्य किए जाने के फैसले पर राजनीति तेज हो गई है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने दोटूक कहा है कि राज्य में व्यवसाय करने के लिए स्थानीय भाषा का ज्ञान होना आवश्यक है।

ऑटो चालकों के लिए मराठी बोलना अनिवार्य: मंत्री प्रताप सरनाईक का बयान

महाराष्ट्र में ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा को अनिवार्य किए जाने के फैसले के बीच राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक का एक बड़ा बयान सामने आया है। एकनाथ शिंदे गुट वाली शिवसेना के वरिष्ठ नेता प्रताप सरनाईक ने दोटूक शब्दों में कहा है कि यदि किसी को भी महाराष्ट्र में रहकर अपना व्यवसाय चलाना है, तो उसे व्यावहारिक मराठी भाषा का ज्ञान होना ही चाहिए, चाहे वह पांडे हो या फिर देशपांडे।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी यात्री ऑटो रिक्शा में सफर कर रहे हैं, उनके साथ चालकों को बुनियादी और व्यावहारिक मराठी में बातचीत करना आना बेहद जरूरी है। परिवहन मंत्री ने साफ किया कि इस नियम का मकसद किसी पर भाषा थोपना नहीं, बल्कि यात्रियों की सुविधा के लिए आपसी संवाद को आसान बनाना है।

16 अगस्त से पूरे राज्य में लागू होगा नया नियम

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने इस नियम को लागू करने की तारीख का भी ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि आगामी 16 अगस्त से इस नियम को पूरी सख्ती के साथ धरातल पर उतारा जाएगा। मंत्री ने कहा कि हम यह बिल्कुल नहीं कह रहे हैं कि आप अपने घरों के भीतर भी जाकर केवल मराठी में ही बातचीत करें। लेकिन जब आप सड़क पर होते हैं और जनता को सेवा दे रहे होते हैं, तो आपको यात्रियों के साथ व्यावहारिक मराठी में बात करने की समझ होनी चाहिए।

मराठी सिखाने के लिए नियुक्त किए गए शिक्षक, लगेगा जुर्माना

इस नई व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए सरकार की ओर से विशेष तैयारियां भी की गई हैं। परिवहन मंत्री ने जानकारी दी कि गैर-मराठी चालकों को भाषा सिखाने के उद्देश्य से कई शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। इसके बावजूद जो चालक यात्रियों के साथ मराठी में बातचीत करते हुए नहीं पाए जाएंगे, उन पर आर्थिक जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अन्य प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

गैर-मराठी चालकों के लिए चलाया जा रहा विशेष पाठ्यक्रम

महाराष्ट्र में ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी पढ़ना, लिखना और बोलना अनिवार्य करने की दिशा में तैयारियां तेज हो चुकी हैं। इसके तहत गैर-मराठी चालकों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है।

  • इस कार्यक्रम का नाम 'मराठी भाषा संवाद पाठ्यक्रम' रखा गया है।
  • इस पूरे पाठ्यक्रम की अवधि लगभग 4 घंटे की निर्धारित की गई है।
  • प्रशिक्षण की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद चालकों को एक आधिकारिक प्रमाणपत्र दिया जाता है।

डोंबिवली में डॉक्टर के साथ हुई मारपीट पर जताया आक्रोश

इस दौरान मंत्री प्रताप सरनाईक ने कल्याण डोंबिवली में एक डॉक्टर के साथ हुई मारपीट की गंभीर घटना पर भी अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हम इस शर्मनाक घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। इस पूरे मामले पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। सरनाईक ने भरोसा दिलाते हुए कहा कि हमारी पार्टी में जब भी इस तरह की कोई अप्रिय घटना घटती है, तो खुद नेताजी उस पर पैनी नजर रखते हैं। उन्होंने कहा कि शिंदे साहब इस मामले में अंतिम निर्णय लेंगे और दोषी नगरसेवक के खिलाफ निश्चित रूप से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

क्या है कल्याण-डोंबिवली शास्त्रीनगर अस्पताल का पूरा मामला?

दरअसल, डोंबिवली में स्थित कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) के शास्त्रीनगर अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के साथ मारपीट की घटना के बाद से महाराष्ट्र की राजनीति में उबाल आ गया है। आरोप है कि शिवसेना के पार्षद रमेश म्हात्रे अपने कुछ समर्थकों के साथ अस्पताल परिसर में घुसे और वहां मौजूद महिला डॉक्टरों सहित अन्य चिकित्सा कर्मियों और नर्सिंग स्टाफ के साथ न केवल धक्का-मुक्की की, बल्कि उनके साथ मारपीट भी की। पीड़ित डॉक्टरों का यह भी आरोप है कि उन्हें जान से मारने की धमकियां दी गईं। अस्पताल परिसर में हुई यह पूरी हिंसक घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिसकी अब चारों तरफ निंदा हो रही है।

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