दिल्ली के गेस्ट हाउस के रूप में होगा इस्तेमाल
अरविंद केजरीवाल का पुराना आधिकारिक आवास, जिसे राजनीतिक गलियारों में बीजेपी द्वारा 'शीश महल' के नाम से संबोधित किया गया था, अब एक नए स्वरूप में नजर आएगा। दिल्ली सरकार के विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, इस बंगले को भविष्य में एक बड़े राज्य अतिथि गृह और सांस्कृतिक केंद्र में बदलने की पूरी तैयारी कर ली गई है। लोक निर्माण विभाग यानी PWD और सरकार के उच्च पदस्थ अधिकारियों ने इस संबंध में कार्ययोजना को अंतिम रूप दे दिया है।
नई योजना और उपयोग की रूपरेखा
दिल्ली के सिविल लाइंस स्थित 6, फ्लैगस्टाफ रोड वाला यह सरकारी बंगला अरविंद केजरीवाल द्वारा घर खाली किए जाने के बाद से ही उपयोग में नहीं है। सरकार की योजना इसे अन्य राज्यों के स्टेट भवन या गेस्ट हाउस की तर्ज पर इस्तेमाल करने की है। यहां दूसरे राज्यों से आने वाले मंत्रियों, केंद्रीय स्तर के अधिकारियों और सरकार के आधिकारिक मेहमानों को ठहराया जाएगा। इस सेवा के बदले सरकार द्वारा एक निश्चित शुल्क भी वसूला जाएगा।
इस पूरे परिसर को केवल प्रशासनिक कार्यों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। इसके पिछले हिस्से और साथ में बन रही नई इमारत को जोड़कर एक विशाल कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जाएगा। इस नए केंद्र में एक अत्याधुनिक ऑडिटोरियम, बैठक कक्ष और बड़े कॉन्फ्रेंस हॉल की सुविधा होगी। इन स्थानों पर साहित्यिक गोष्ठियां, कला प्रदर्शनियां और विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा सकेगा। इसके साथ ही, परिसर में एक आधुनिक प्रतीक्षालय और बड़ी पार्किंग की व्यवस्था भी की जाएगी। आगंतुकों की सुविधा के लिए एक सार्वजनिक कैफेटेरिया खोलने का भी प्रस्ताव है, जहां आम लोग भी पारंपरिक व्यंजनों का आनंद ले सकेंगे।
दिल्ली को पहली बार मिलेगा स्टेट भवन
हैरानी की बात यह है कि दिल्ली के पास अब तक अपना कोई समर्पित स्टेट गेस्ट हाउस नहीं है, जहां बाहर से आने वाले राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिनिधिमंडलों को ठहराया जा सके। हालांकि यह बंगला वर्तमान में खाली है, लेकिन इसके रखरखाव पर अभी भी ध्यान दिया जा रहा है। लगभग 10 कर्मचारी इस बंगले की देखरेख में तैनात हैं, जो प्रतिदिन सफाई के साथ-साथ एयर कंडीशनर और फ्रिज जैसे बिजली के उपकरणों को चालू रखने का काम करते हैं ताकि संपत्ति को नुकसान न पहुंचे।
विवादों और जांच का रहा है पुराना नाता
मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए अरविंद केजरीवाल के इस बंगले के नवीनीकरण को लेकर जमकर राजनीतिक घमासान मचा था। वर्ष 2022 में, उपराज्यपाल के निर्देश के बाद दिल्ली सरकार के सतर्कता विभाग ने PWD द्वारा किए गए रेनोवेशन कार्य में वित्तीय अनियमितताओं और लागत में भारी बढ़ोतरी के आरोपों की जांच शुरू की थी। बीजेपी ने इस बंगले को 'शीश महल' का नाम देकर इसे सरकारी खजाने की फिजूलखर्ची बताया था। इस मामले में विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे विजेंद्र गुप्ता की शिकायत के बाद से ही केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI इसकी जांच कर रही है।
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