बच्चों के कमरे का वास्तु और उसका महत्व
माता-पिता अक्सर अपने बच्चों के कमरों को बेहद आकर्षक और रंगीन बनाने की कोशिश करते हैं। इसके लिए वे कई तरह के खिलौने, सजावटी वस्तुएं और पेंटिंग्स का उपयोग करते हैं। हालांकि, वास्तु शास्त्र के जानकारों का मानना है कि केवल सौंदर्य ही काफी नहीं है, बल्कि कमरे में रखी गई हर छोटी-बड़ी चीज बच्चे के स्वभाव और उनके मानसिक विकास को प्रभावित करती है।
क्या कहता है वास्तु शास्त्र?
अंबाला के ज्योतिषाचार्य पंडित दीपलाल जयपुरी के अनुसार, बच्चों के कमरे को सजाते समय कुछ खास नियमों का पालन करना बहुत आवश्यक है। वास्तु के सिद्धांतों में दी गई कुछ जरूरी सलाह नीचे दी गई है:
- टूटा हुआ सामान: बच्चों के कमरे में कभी भी टूटे हुए खिलौने या अन्य क्षतिग्रस्त वस्तुएं नहीं रखनी चाहिए। वास्तु में इन्हें नकारात्मक ऊर्जा का केंद्र माना जाता है, जो बच्चे की तरक्की में बाधा डाल सकती हैं।
- फर्नीचर का चयन: कमरे में बहुत अधिक भारी या बड़े आकार के फर्नीचर को रखने से बचना चाहिए। यह बच्चों के लिए असहज हो सकता है और कमरे के वातावरण को भारी बना सकता है।
- चित्रों का चुनाव: कमरे की दीवारों पर कभी भी ऐसी पेंटिंग्स न लगाएं जो डरावनी हों, हिंसा को बढ़ावा देती हों या विनाश का संकेत देती हों। ऐसी तस्वीरें बच्चे के कोमल मन पर बुरा प्रभाव डाल सकती हैं।
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