हिमाचल प्रदेश के पर्यटन और परिवहन क्षेत्र में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। शिमला, किन्नौर और कुल्लू जैसे पहाड़ी जिलों के बाद अब 'छोटी काशी' के नाम से प्रसिद्ध मंडी जिला भी हवाई मार्ग के जरिए देश के अन्य हिस्सों से सीधे जुड़ गया है। सोमवार को मंडी से केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के बीच बहुप्रतीक्षित हेली टैक्सी सेवा का आधिकारिक तौर पर शुभारंभ किया गया। इस हवाई सेवा के प्रारंभ होने से अब इन दो महत्वपूर्ण शहरों के बीच की दूरी सिमट गई है और यात्री मात्र 30 मिनट की हवाई यात्रा कर चंडीगढ़ पहुंच सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य की राजधानी शिमला से वर्चुअल माध्यम के जरिए इस नई और अत्याधुनिक हवाई सेवा का विधिवत उद्घाटन किया। हालांकि, उद्घाटन के पहले दिन खराब मौसम के कारण पहली उड़ान संचालित नहीं की जा सकी, परंतु प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि मौसम साफ रहने की स्थिति में इस मार्ग पर प्रतिदिन नियमित रूप से दो उड़ानों का संचालन किया जाएगा। इस नई सेवा से स्थानीय लोगों के साथ-साथ राज्य की खूबसूरत वादियों का दीदार करने आने वाले सैलानियों को भी आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी।
कांगनीधार हेलीपोर्ट बना हवाई कनेक्टिविटी का नया केंद्र
यह नई हेली टैक्सी सेवा मंडी शहर के पास नवनिर्मित कांगनीधार हेलीपोर्ट से संचालित की जा रही है। आधुनिक यात्री सुविधाओं और आवश्यक अवसंरचना से पूरी तरह लैस कांगनीधार हेलीपोर्ट आने वाले समय में क्षेत्र की हवाई यात्राओं के एक प्रमुख और महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित होने के लिए तैयार है।
मंडी के जिला उपायुक्त अपूर्व देवगन ने इस सेवा के बारे में विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि हेलीकॉप्टर में एक समय में कुल 6 यात्रियों के बैठने का प्रावधान किया गया है। आपातकालीन परिस्थितियों में यात्रा करने वाले लोगों या बेहद कम समय में चंडीगढ़ पहुंचने की इच्छा रखने वाले यात्रियों के लिए यह सेवा अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। मौसम अनुकूल रहने की स्थिति में दैनिक आधार पर दो फेरे लगाए जाएंगे, जिससे दोनों शहरों के बीच आवागमन सुगम हो जाएगा।
उड़ानों की विस्तृत समय-सारणी
प्रशासन और विमानन कंपनी की ओर से दैनिक उड़ानों के संचालन के लिए एक सुव्यवस्थित समय-सारणी जारी की गई है। उड़ानों का विवरण इस प्रकार है:
- मंडी से चंडीगढ़ के लिए पहली उड़ान: यह उड़ान सुबह 8 बजकर 50 मिनट पर मंडी से प्रस्थान करेगी।
- मंडी से चंडीगढ़ के लिए दूसरी उड़ान: यह उड़ान सुबह 11 बजकर 10 मिनट पर चंडीगढ़ के लिए रवाना होगी।
- चंडीगढ़ से मंडी के लिए पहली उड़ान: यह वापसी उड़ान सुबह 9 बजकर 20 मिनट पर चंडीगढ़ से उड़ान भरेगी।
- चंडीगढ़ से मंडी के लिए दूसरी उड़ान: चंडीगढ़ से मंडी के लिए यह उड़ान सुबह 11 बजकर 40 मिनट पर प्रस्थान करेगी।
आरसीएस-उड़ान योजना और निजी ऑपरेटर का समन्वय
इस मार्ग पर हवाई सेवा का संचालन दो अलग-अलग व्यावसायिक मॉडलों के तहत किया जा रहा है। भारत सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना (RCS-UDAN) के तहत मंडी और चंडीगढ़ के सीधे मार्ग पर हेली टैक्सी का संचालन किया जाएगा। वहीं दूसरी ओर, गैर-आरसीएस यानी पूर्ण रूप से बाजार आधारित मॉडल के तहत कुल्लू-मंडी-चंडीगढ़ सेक्टर के लिए निजी विमानन प्रदाता कंपनी हेरिटेज एविएशन प्राइवेट लिमिटेड की ओर से हेलीकॉप्टर सेवा का संचालन किया जाएगा।
इस गैर-आरसीएस कुल्लू-मंडी-चंडीगढ़ हवाई मार्ग का विस्तृत शेड्यूल इस प्रकार निर्धारित किया गया है:
- सुबह 9:00 बजे कुल्लू से उड़ान संचालित होगी और ठीक 10 मिनट बाद सुबह 9:10 बजे यह हेलीकॉप्टर मंडी पहुंचेगा।
- मंडी से सुबह 9:15 बजे रवाना होकर यह हेलीकॉप्टर सुबह 9:45 बजे चंडीगढ़ पहुंचेगा।
- वापसी की उड़ान के तहत, चंडीगढ़ से सुबह 10:00 बजे हेलीकॉप्टर उड़ान भरेगा और सुबह 10:30 बजे मंडी पहुंचेगा।
- मंडी से सुबह 10:35 बजे प्रस्थान कर यह हेलीकॉप्टर सुबह 10:45 बजे कुल्लू पहुंचेगा।
किराये की दरें और सड़क मार्ग से तुलनात्मक लाभ
विभिन्न सेक्टरों के यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हवाई यात्रा का किराया भी बेहद सोच-समझकर निर्धारित किया गया है:
- RCS-UDAN योजना के अंतर्गत आने वाले सीधे मंडी-चंडीगढ़ सेक्टर के लिए एक तरफ का किराया प्रति यात्री 3,500 रुपये तय किया गया है।
- गैर-आरसीएस मॉडल के तहत संचालित होने वाले कुल्लू-मंडी-चंडीगढ़ सेक्टर के लिए किराया 8,500 रुपये प्रति यात्री निर्धारित किया गया है।
दिलचस्प बात यह है कि यह नया हवाई मार्ग यात्रियों के लिए पारंपरिक सड़क मार्ग से कहीं अधिक सस्ता और समय की बचत करने वाला साबित हो रहा है। मंडी से चंडीगढ़ की सड़क मार्ग से दूरी लगभग 164 किलोमीटर है। इस दूरी को पहाड़ी रास्तों से होते हुए निजी कार या टैक्सी से तय करने में सामान्य रूप से तीन से साढ़े तीन घंटे का समय लग जाता है।
यदि कोई व्यक्ति अकेले सफर कर रहा है और सड़क मार्ग से जाने के लिए एक छोटी निजी टैक्सी बुक करता है, तो उसे एक तरफ की यात्रा के लिए लगभग 4,500 रुपये का किराया चुकाना पड़ता है। वहीं, यदि आरामदायक यात्रा के लिए बड़ी गाड़ी जैसे कि इनोवा किराए पर ली जाए, तो यह किराया 6,000 रुपये तक पहुंच जाता है। इस तुलना से स्पष्ट है कि मंडी से चंडीगढ़ के बीच की हवाई टैक्सी का 3,500 रुपये का किराया न केवल समय की भारी बचत करता है, बल्कि व्यक्तिगत रूप से टैक्सी किराए पर लेने की तुलना में भी काफी सस्ता और किफायती है।
पर्यटन और स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया संबल
इस सेवा के ऐतिहासिक शुभारंभ पर मंडी और कुल्लू के निवासियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश के दूर-दराज के क्षेत्रों और पहाड़ी अंचलों में हवाई संपर्क को लगातार मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इन हेलीकॉप्टर सेवाओं की शुरुआत प्रदेश के परिवहन क्षेत्र में एक अत्यंत महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। इससे न केवल पर्यटन क्षेत्र में तेजी आएगी और पर्यटकों को सुगम यात्रा का विकल्प मिलेगा, बल्कि आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की क्षमता भी काफी सुदृढ़ होगी।
इस अवसर पर मंडी में पारंपरिक पूजा-अर्चना का आयोजन भी किया गया जिसमें कई प्रशासनिक अधिकारी और राजनीतिक चेहरे शामिल हुए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन ठाकुर ने इस सेवा की सराहना करते हुए बताया कि सरकार पहले चरण में राज्य के सभी प्रमुख जिला मुख्यालयों को इस प्रकार की हवाई सेवाओं से जोड़ने का काम सक्रियता से कर रही है, जिसमें से अधिकांश जिलों को पहले ही जोड़ा जा चुका है। इसके बाद, आगामी दूसरे चरण में उपमंडल स्तर तक भी हेली टैक्सी सेवाएं शुरू करने की दिशा में कार्य योजना तैयार की जाएगी।
इस शुभ अवसर पर कांगनीधार हेलीपोर्ट पर मंडी के जिला उपायुक्त अपूर्व देवगन, हिमाचल प्रदेश जल प्रबंधन बोर्ड के उपाध्यक्ष शशि शर्मा, कांग्रेस की जिला अध्यक्ष चंपा ठाकुर और कांग्रेस नेता पवन ठाकुर सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी नेताओं और स्थानीय लोगों ने इस सेवा की सराहना की और इसे मंडी जिले के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए अत्यंत लाभकारी बताया।
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