MP Weather: मध्य प्रदेश के 6 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, नदी-नालों में उफान; जानें मौसम विभाग की चेतावनी

मध्य प्रदेश में मानसून की सक्रियता के चलते सागर, देवास और बैतूल समेत 6 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, वहीं अन्य जिलों में येलो अलर्ट के साथ वज्रपात की चेतावनी है।

मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो चुका है, जिसके कारण राज्य के लगभग सभी हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर जारी है। रविवार को प्रदेश के आधे से अधिक हिस्से में भारी और अति भारी बारिश दर्ज की गई, जिससे जनजीवन काफी प्रभावित हुआ है। अत्यधिक बारिश के कारण कई क्षेत्रों में नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। कुछ इलाकों से ऐसी तस्वीरें भी सामने आई हैं जहां पानी के तेज बहाव में दोपहिया वाहन बहते हुए दिखाई दिए। आज, यानी 6 जुलाई 2026, दिन सोमवार को भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश का यह सिलसिला इसी तरह जारी रहने की उम्मीद जताई गई है। मौसम विभाग ने स्थिति को देखते हुए राज्य के कई जिलों में अलर्ट जारी किया है।

इन 6 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी, हो सकती है अति तीव्र बारिश

भोपाल स्थित मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी किए गए ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, मध्य प्रदेश के छह प्रमुख जिलों में भारी से अति भारी बारिश की आशंका है। इसके लिए मौसम विभाग ने बाकायदा ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। जिन जिलों के लिए यह चेतावनी जारी की गई है, उनमें सागर, देवास, अलीराजपुर, बैतूल, दमोह और अनूपपुर शामिल हैं। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष रूप से सावधान रहने की हिदायत दी गई है।

मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इन जिलों में 115.6 मिमी से लेकर 204.4 मिमी तक अत्यंत तीव्र वर्षा दर्ज की जा सकती है। इसके साथ ही इन इलाकों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने इन जिलों के निवासियों को सलाह दी है कि वे बहुत जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें और यात्रा करने से पहले मौसम की नवीनतम जानकारी अवश्य ले लें। यदि अनिवार्य न हो, तो आज के दिन यात्राओं को टालना ही बेहतर विकल्प होगा।

बाकी जिलों के लिए येलो अलर्ट और आकाशीय बिजली की चेतावनी

मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के बाकी बचे जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के मुताबिक, पूर्वी, मध्य और दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में कहीं-कहीं गरज-चमक और तेज हवा के साथ भारी बारिश होने की संभावना बनी हुई है। इन क्षेत्रों में भी मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान लगाया गया है। इसके अलावा, कई जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है, जो सुरक्षा के लिहाज से बेहद चिंताजनक है।

प्रमुख शहरों में कैसा रहेगा मौसम और तापमान का हाल

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर समेत सूबे के लगभग सभी बड़े शहरों में आज आसमान में बादलों का डेरा रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, इन शहरों में दिनभर बादल छाए रहेंगे और समय-समय पर रुक-रुककर हल्की से मध्यम बारिश का दौर चलता रहेगा। इस लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य के अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने की उम्मीद है। तापमान में आई इस गिरावट से लोगों को पिछले कुछ दिनों से सता रही उमस और उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

बंगाल की खाड़ी में सिस्टम सक्रिय, जारी रहेगा बारिश का दौर

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बने वेदर सिस्टम और मानसूनी ट्रफ के सक्रिय होने की वजह से मध्य प्रदेश को पर्याप्त नमी मिल रही है। यही वजह है कि राज्य में अगले कुछ दिनों तक बारिश का यह दौर थमने वाला नहीं है। लगातार हो रही यह वर्षा खरीफ की फसलों के लिए काफी वरदान साबित हो रही है, क्योंकि इससे खेतों को भरपूर नमी मिल रही है। किसानों के लिए यह मौसम बेहद अनुकूल माना जा रहा है। हालांकि, मौसम विभाग ने उन किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है जिनके क्षेत्रों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है, ताकि फसलों को जलभराव के कारण होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।

प्रशासन और मौसम विभाग की लोगों से सावधान रहने की अपील

लगातार हो रही तेज बारिश के कारण राज्य के कई निचले इलाकों में जलभराव यानी पानी भरने की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है। नदियों, तालाबों और बरसाती नालों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिसे देखते हुए जिला प्रशासनों ने भी अलर्ट जारी किया है। स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग ने संयुक्त रूप से लोगों से अपील की है कि वे अत्यधिक खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें। इसके साथ ही, उफनते हुए नदी-नालों को पार करने का जोखिम उठाने से कड़ाई से मना किया गया है।

विभाग ने आकाशीय बिजली से बचाव के लिए भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि जब बिजली कड़क रही हो, तब वे भूलकर भी पेड़ों के नीचे, खुले मैदानों या बिजली के खंभों और ट्रांसफार्मर के पास न खड़े हों, क्योंकि ऐसी जगहों पर बिजली गिरने का खतरा सबसे अधिक होता है।

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