हरियाणा के झज्जर जिले के अंतर्गत आने वाले बहादुरगढ़ से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो कुख्यात शूटर मार गिराए गए हैं। इस संयुक्त कार्रवाई को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की टीम ने अंजाम दिया है। दोनों तरफ से हुई भीषण गोलाबारी में पुलिस ने दोनों अपराधियों को ढेर कर दिया, जबकि इस कार्रवाई के दौरान एक पुलिस कांस्टेबल भी गंभीर रूप से घायल हुआ है।
बहादुरगढ़ के बालौर बाईपास पर चलीं ताबड़तोड़ गोलियां
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मुठभेड़ की यह सनसनीखेज वारदात बहादुरगढ़ के बालौर बाईपास इलाके में हुई। गुप्त सूचना के आधार पर दिल्ली पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस स्पेशल सेल और बहादुरगढ़ एसटीएफ की टीम ने बालौर बाईपास के पास इन बदमाशों की घेराबंदी की थी। खुद को पुलिस से घिरा देख बदमाशों ने आत्मसमर्पण करने के बजाय सीधे फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस टीम की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की गई। दोनों तरफ से करीब 12 से 13 राउंड गोलियां चलीं, जिसमें दोनों शूटर गंभीर रूप से जख्मी हो गए और बाद में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
कौन थे मारे गए शूटर और क्या था इन पर इनाम
मुठभेड़ में मारे गए दोनों बदमाशों की पहचान लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सक्रिय शार्पशूटरों के रूप में हुई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इनका विवरण इस प्रकार है:
- प्रवेश: यह हिसार के टिब्बा दानाशेर का रहने वाला था और जय प्रकाश का पुत्र था।
- हिमांशु: यह भी हिसार जिले के ही गांव जाखोद खेड़ा का निवासी था और सुशील कुमार का पुत्र था।
इन दोनों ही बदमाशों पर हरियाणा पुलिस की तरफ से 1-1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। ये दोनों लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर चल रहे थे और कानून के लिए बड़ी चुनौती बने हुए थे।
हांसी के जिम संचालक कपिल की हत्या का मामला
एसटीएफ के पुलिस अधीक्षक (SP) विक्रांत भूषण ने बताया कि मारे गए दोनों शूटर पिछले महीने हरियाणा के हांसी में हुए एक बड़े हत्याकांड के मुख्य आरोपी थे। वहां दिनदहाड़े एक जिम संचालक कपिल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस वारदात के संबंध में हांसी शहर थाने में 11 जून 2026 को एफआईआर संख्या 379/11.06.2026 दर्ज की गई थी। इस मामले में दोनों आरोपी वांछित चल रहे थे और पुलिस उनकी सरगर्मी से तलाश कर रही थी।
किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे शूटर
पुलिस को पुख्ता सूचना मिली थी कि प्रवेश और हिमांशु हथियारों से लैस होकर बहादुरगढ़ में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से घूम रहे हैं। इसी इनपुट के आधार पर दोनों सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त जाल बिछाया था। जैसे ही पुलिस ने उन्हें ललकारा, बदमाशों ने अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।
बुलेटप्रूफ जैकेट ने बचाई कई पुलिसकर्मियों की जान
इस मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की ओर से चलाई गई गोलियां पुलिस टीम के चार सदस्यों की बुलेटप्रूफ जैकेट पर जा लगीं, जिससे उनकी जान बच गई। हालांकि, इस गोलाबारी में एक पुलिस कांस्टेबल गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल कांस्टेबल को तुरंत स्थानीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार देने के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए हायर मेडिकल सेंटर रेफर कर दिया है, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस अधिकारी जल्द ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर इस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी साझा करेंगे।
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