केतन अग्रवाल की मौत का सदमा नहीं सह पाए दादा देवीचंद, पुणे के अस्पताल में इलाज के दौरान हुआ निधन

पुणे में लोहगढ़ किले से धकेलकर मार दिए गए केतन अग्रवाल के दादा देवीचंद अग्रवाल का निधन हो गया है। परिजनों का कहना है कि वे अपने पोते की निर्मम हत्या के सदमे को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे।

पुणे में केतन अग्रवाल की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में अग्रवाल परिवार अभी संभल भी नहीं पाया था कि उन पर दुखों का एक और पहाड़ टूट पड़ा है। केतन अग्रवाल के दादा देवीचंद अग्रवाल अब इस दुनिया में नहीं रहे। शनिवार रात करीब 9.45 बजे उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली। 71 वर्षीय देवीचंद अग्रवाल पिछले दो दिनों से अस्पताल के ICU में भर्ती थे, जहां उनका इलाज चल रहा था। लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

पोते की मौत के सदमे से उबर नहीं पाए दादा

पारिवारिक सूत्रों और रिश्तेदारों का कहना है कि केतन की बेरहमी से हुई हत्या के बाद देवीचंद अग्रवाल को गहरा मानसिक आघात लगा था। वे अपने जवान पोते को खोने के गम को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे। इस भयावह घटना ने उन्हें अंदर से पूरी तरह झकझोर कर रख दिया था। वे दिन-रात केवल इसी दुखद हादसे के बारे में सोचते रहते थे और उन्हें परिवार के भविष्य की चिंता सताए जा रही थी। परिजनों के अनुसार, देवीचंद जी को इस बात का भी बेहद पछतावा था कि उन्होंने केतन का रिश्ता सिया गोयल से तय करने का फैसला क्यों लिया था।

इंसाफ के लिए कैंडल मार्च में हुए थे शामिल

केतन अग्रवाल को न्याय दिलाने की मांग को लेकर बीते 27 जून को पुणे की सड़कों पर एक विशाल कैंडल लाइट मार्च निकाला गया था। अपने खराब स्वास्थ्य के बावजूद दादा देवीचंद अग्रवाल भी इस मार्च में शामिल हुए थे। उस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने अपनी आंखों में आंसू लिए बेहद भावुक शब्दों में कहा था, "हमारे अपने ही लोगों ने हमारे साथ विश्वासघात किया है। जिन लोगों पर हमने बरसों तक भरोसा किया, जिन्हें हम सालों से जानते थे, उन्होंने ही हमें यह कभी न भूलने वाला जख्म दे दिया।"

लोहगढ़ किले में क्या हुआ था 18 जून को?

गौरतलब है कि बीती 18 जून को पुणे के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल लोहगढ़ किले में एक बड़ा हादसा सामने आया था, जहां ऊंचाई से गिरकर केतन अग्रवाल की मौत हो गई थी। शुरुआत में इस घटना को एक सामान्य दुर्घटना माना जा रहा था। 26 साल के केतन अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ ट्रैकिंग और घूमने के लिए लोहगढ़ किला गए थे, जो सैलानियों के बीच काफी लोकप्रिय है। वहां अचानक वे एक गहरी खाई में गिर गए थे।

हालांकि, इस मामले में तब नया मोड़ आया जब पुलिस ने तफ्तीश के बाद केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके 22 साल के दोस्त चेतन को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में यह आरोप लगाया गया है कि सिया और चेतन के बीच प्रेम संबंध थे और उन दोनों ने मिलकर ही केतन को किले की ऊंचाई से नीचे धकेल दिया था जिससे उनकी मौत हो गई। फिलहाल आरोपी सिया और चेतन दोनों ही पुलिस हिरासत में हैं और पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।

शादी की खुशियां मातम में बदलीं

अग्रवाल और गोयल परिवार के बीच केतन और सिया का रिश्ता तय हुआ था। इस साल फरवरी महीने में दोनों की बड़ी धूमधाम से सगाई हुई थी। परिवार के मुताबिक, इसी साल दोनों की शादी होने वाली थी। शादी के लिए पैलेस और अन्य बुकिंग भी की जा चुकी थी और दोनों घरों में शादी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही थीं। लेकिन इस दर्दनाक वारदात ने हंसते-खेलते परिवार की सारी खुशियां छीन लीं और अब दादा के चले जाने से परिवार पूरी तरह टूट चुका है।

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