बर्तन धोए, चौकीदारी की और संघर्षों से लड़कर बनाई पहचान, अब ओटीटी पर इस अभिनेता का जलवा

गंभीर और असरदार किरदारों के लिए मशहूर अभिनेता अमित साध आज अपना 43वां जन्मदिन मना रहे हैं। आर्थिक तंगी और मानसिक संघर्ष से जूझते हुए उन्होंने जो मुकाम हासिल किया, वह कई लोगों के लिए प्रेरणा है।

फिल्मी पर्दे पर सिर्फ नायक ही नहीं, बल्कि कई ऐसे कलाकार भी होते हैं जो अपने सशक्त अभिनय के दम पर दर्शकों के दिलों में खास जगह बना लेते हैं। अमित साध इन्हीं कलाकारों में शुमार हैं। अपने गंभीर और प्रभावशाली किरदारों के कारण उन्होंने मनोरंजन जगत में अलग पहचान कायम की है। आज, 5 जून को वह अपना 43वां जन्मदिन मना रहे हैं।

आसान नहीं रहा कामयाबी का सफर

आज ओटीटी की दुनिया का जाना-पहचाना चेहरा बन चुके अमित साध का यहां तक पहुंचने का रास्ता बेहद कठिन रहा। पिता के निधन के बाद आर्थिक तंगी से जूझते हुए उन्हें छोटे-मोटे काम करने पड़े। कई मीडिया रिपोर्ट्स और इंटरव्यू में वह बता चुके हैं कि संघर्ष के दौर में उन्होंने बर्तन धोने से लेकर चौकीदारी तक का काम किया।

दिल्ली में जन्म, लखनऊ में पढ़ाई

अमित साध उन लोगों में से हैं जो परिस्थितियों के आगे कभी हार नहीं मानते। उन्होंने अपने जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे और अपनी मेहनत के बल पर इंडस्ट्री में मुकाम बनाया। उनका जन्म 5 जून 1983 को दिल्ली में हुआ था। उनका परिवार मूल रूप से पंजाब से ताल्लुक रखता है, जबकि उनकी पढ़ाई-लिखाई लखनऊ में हुई।

16 साल की उम्र में पिता का साया उठा

उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा झटका तब आया, जब महज 16 साल की उम्र में उनके पिता का निधन हो गया। उनके पिता राष्ट्रीय स्तर के हॉकी खिलाड़ी और परिवार का बड़ा सहारा थे। पिता के जाने के बाद अमित का जीवन पूरी तरह बदल गया। परिवार की जिम्मेदारियां उन पर आ गईं और कम उम्र में ही उन्हें कई मुश्किलों से दो-चार होना पड़ा।

फुटपाथ पर बिताई रातें, टूटने की कगार पर पहुंचे

आर्थिक परेशानियों के साथ-साथ वह मानसिक तनाव से भी जूझते रहे। हालात इतने बिगड़ गए कि उन्होंने कई बार अपना जीवन समाप्त करने की भी कोशिश की। उस दौर में उन्हें फुटपाथ पर सोना पड़ा, दूसरों के घरों में बर्तन मांजने पड़े और चौकीदारी भी करनी पड़ी। जिंदगी से इस कदर हताश हो चुके थे कि वह आत्महत्या तक करना चाहते थे, लेकिन तभी एक दोस्त ने उनकी जान बचाई।

टीवी से शुरुआत और रिजेक्शन का दौर

अभिनय के शौक ने उन्हें फिल्मी दुनिया तक पहुंचाया। उन्होंने अपने करियर का आगाज टेलीविजन से किया और कई हिट शोज में नजर आए। शुरुआती पहचान मिलने के बावजूद उनकी राह आसान नहीं रही। एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें काम मिलना लगभग बंद हो गया।

इस बारे में खुद अमित ने खुलासा करते हुए बताया था कि कुछ कारणों से उन्हें टीवी इंडस्ट्री में लगातार मौके नहीं मिल रहे थे और ज्यादातर रिजेक्शन ही झेलना पड़ रहा था। बावजूद इसके उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। अपने संघर्ष और निराशा को ही ताकत बनाकर उन्होंने फिल्मों की ओर रुख किया।

बॉलीवुड में दमदार पारी

साल 2010 में फिल्म 'फूंक 2' के जरिए उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा। इसके बाद 'काई पो छे' ने उनके करियर को नई पहचान दी। इस फिल्म में उनके अभिनय की दर्शकों और समीक्षकों, दोनों ने जमकर सराहना की। आगे चलकर वह 'सुल्तान', 'गोल्ड', 'सरकार 3' और 'गुड्डू रंगीला' जैसी फिल्मों में दिखे और अपने सशक्त अभिनय से लोगों का दिल जीतते रहे।

ओटीटी पर बने बड़े स्टार

फिल्मों के अलावा अमित साध ने ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी अपनी मजबूत पकड़ बनाई। वेब सीरीज 'ब्रीद: इनटू द शैडोज' में निभाया उनका पुलिस अधिकारी का किरदार खूब पसंद किया गया। बाद में वह 'ब्रीद: इनटू द शैडोज सीजन 2' में भी नजर आए। इस सीरीज ने उन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म का बड़ा सितारा बना दिया। अमित रियलिटी शोज का भी हिस्सा रह चुके हैं और 'बिग बॉस', 'नच बलिए' तथा 'फीयर फैक्टर' जैसे कार्यक्रमों में दिखाई दे चुके हैं।

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