भगवान शिव की आराधना और उपासना का सबसे पावन महीना सावन इस साल 30 जुलाई से शुरू होने जा रहा है, जो 28 अगस्त तक चलेगा। इस पावन महीने में कुल चार सोमवार पड़ेंगे, जिनमें देश भर के मंदिरों में शिवभक्तों का तांता लगेगा। बिहार की राजधानी पटना में स्थित प्रसिद्ध महावीर मंदिर में भी सावन के दौरान रुद्राभिषेक कराने के लिए विशेष और भव्य तैयारियां की जा रही हैं। पटना जंक्शन के पास स्थित इस ऐतिहासिक मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्था की गई है ताकि वे बिना किसी परेशानी के महादेव की पूजा-अर्चना कर सकें। मंदिर प्रशासन ने रुद्राभिषेक के लिए समय-सारणी, बुकिंग की प्रक्रिया और अलग-अलग दिनों के लिए शुल्क की पूरी सूची जारी कर दी है।
मंदिर परिसर में चार शिवलिंगों पर होगी रुद्राभिषेक की व्यवस्था
पटना के महावीर मंदिर में इस बार सावन के पवित्र महीने के दौरान भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर में स्थापित चारों शिवलिंगों पर रुद्राभिषेक कराने का विशेष प्रबंध किया गया है। भक्तों की सुविधा के लिए समय का विशेष निर्धारण किया गया है ताकि पूजा सुचारू रूप से चल सके।
- चार में से तीन शिवलिंगों पर रुद्राभिषेक की प्रक्रिया सुबह 5 बजे से ही प्रारंभ कर दी जाएगी।
- वहीं, महावीर जी की प्रतिमा के ठीक बगल में स्थित चौथे शिवलिंग पर रुद्राभिषेक का आयोजन दोपहर 12 बजे से किया जाएगा।
- इस विशेष शिवलिंग पर आम श्रद्धालु सुबह 5 बजे से लेकर 10 बजे तक जलाभिषेक कर सकेंगे।
मंदिर प्रबंधन का कहना है कि समय के इस विभाजन से श्रद्धालुओं को कतारों में अधिक समय नहीं बिताना पड़ेगा और सभी भक्त शांतिपूर्वक बाबा भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त कर सकेंगे।
घर से सामग्री लाने की जरूरत नहीं, मंदिर प्रशासन करेगा पूरी व्यवस्था
रुद्राभिषेक करने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए महावीर मंदिर प्रशासन ने एक बेहद सराहनीय कदम उठाया है। जिन भक्तों ने रुद्राभिषेक के लिए पहले से बुकिंग कराई है, उन्हें पूजा से संबंधित कोई भी सामग्री अपने साथ लाने की आवश्यकता नहीं होगी। पूजन सामग्री जैसे फल, फूल, बेलपत्र, दूध, दही, शहद, गंगाजल और अन्य आवश्यक वस्तुएं मंदिर प्रबंधन द्वारा ही उपलब्ध कराई जाएंगी। श्रद्धालुओं को केवल अपने निर्धारित समय पर मंदिर परिसर में उपस्थित होना होगा, ताकि तय समय पर धार्मिक अनुष्ठान को शुरू किया जा सके। वर्तमान में मंदिर में रुद्राभिषेक के लिए अग्रिम बुकिंग यानी प्री-बुकिंग की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। भक्त मंदिर कार्यालय से सीधे संपर्क करके अपनी बुकिंग सुरक्षित कर सकते हैं।
गर्मी से मिलेगी राहत, वातानुकूलित बनाए गए हैं सभी शिव मंडप
सावन के महीने में पड़ने वाली उमस और भीषण गर्मी को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सहूलियत का पूरा ख्याल रखा है। पूरे मंदिर परिसर को न केवल फूलों और आकर्षक रोशनी से सजाया जाएगा, बल्कि सभी चारों शिव मंडपों को पूरी तरह से वातानुकूलित यानी एसी कर दिया गया है।
श्री महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल ने इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए बताया कि हर साल सावन के महीने में रुद्राभिषेक के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। इस वर्ष उमस भरी गर्मी से भक्तों को बचाने और उन्हें एक सुखद और शांतिपूर्ण वातावरण प्रदान करने के लिए सभी मंडपों में एयर कंडीशनर लगाए गए हैं। मंदिर प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर एक भक्त बिना किसी शारीरिक कष्ट के पूरी श्रद्धा और एकाग्रता के साथ भगवान शिव की भक्ति में लीन हो सके।
जानिए कितना लगेगा शुल्क: रुद्राभिषेक और महारुद्राभिषेक की रेट लिस्ट
महावीर मंदिर न्यास समिति द्वारा अलग-अलग दिनों और तिथियों के महत्व के अनुसार रुद्राभिषेक और महारुद्राभिषेक के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित किए गए हैं। भक्तों की जानकारी के लिए इसकी विस्तृत सूची नीचे दी गई है:
साधारण रुद्राभिषेक के लिए निर्धारित शुल्क:
- सावन के प्रत्येक सोमवार, महाशिवरात्रि, नागपंचमी और माघ महीने की नरक निवारण चतुर्दशी के दिन रुद्राभिषेक का शुल्क 3,100 रुपये तय किया गया है।
- सावन के सोमवार को छोड़कर अन्य दिनों में रुद्राभिषेक कराने के लिए श्रद्धालुओं को 2,500 रुपये का शुल्क देना होगा।
- सामान्य दिनों के रविवार और अन्य विशेष त्योहारों के अवसरों पर यह शुल्क 2,310 रुपये निर्धारित है।
- साधारण और सामान्य दिनों में रुद्राभिषेक कराने के लिए न्यूनतम शुल्क 1,650 रुपये रखा गया है।
तीन घंटे के विशेष महारुद्राभिषेक के लिए शुल्क:
- साधारण दिनों में तीन घंटे चलने वाले महारुद्राभिषेक का शुल्क 6,100 रुपये निर्धारित किया गया है।
- साल के अन्य विशेष धार्मिक दिनों पर महारुद्राभिषेक कराने के लिए भक्तों को 6,400 रुपये देने होंगे।
- सावन के सोमवार, विशेष अवसरों और मंदिर द्वारा निर्धारित अन्य महत्वपूर्ण तिथियों पर महारुद्राभिषेक कराने का शुल्क 7,100 रुपये रखा गया है।
धार्मिक ग्रंथों में सावन और शिव पूजा का असीम महत्व
सनातन धर्म की मान्यताओं के अनुसार, सावन का महीना देवाधिदेव महादेव को अत्यंत प्रिय है। इस पूरे महीने में शिवलिंग पर पवित्र जल, कच्चा दूध, अक्षत, चंदन और विशेष रूप से बेलपत्र चढ़ाने से भक्तों को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। ऐसा माना जाता है कि सावन के दिनों में की गई साधारण पूजा भी भगवान शिव को तुरंत प्रसन्न कर देती है और वे अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं।
धार्मिक ग्रंथों और पुराणों में भी इस महीने की महिमा का विस्तार से गुणगान मिलता है:
- स्कंद पुराण के अनुसार, सावन के सोमवार का व्रत रखना और शिवलिंग पर जलाभिषेक करना मनुष्य के जीवन के सभी कष्टों को हर लेता है और उसे विशेष फल की प्राप्ति होती है।
- शिवपुराण में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि संपूर्ण वर्ष के बारह महीनों में श्रावण मास भगवान शिव का सबसे प्रिय समय है। इस समय की गई भक्ति का फल कई गुना बढ़कर मिलता है।
- लिंग पुराण के विवरण के अनुसार, जो व्यक्ति सावन के महीने में प्रतिदिन नियमित रूप से शिवलिंग पर जल अर्पित करता है, उसे अनेक महान यज्ञों के संपादन के समान ही पुण्य फल प्राप्त होता है।
- इसके अतिरिक्त, श्रीमद्भागवत और वायु पुराण में भी कहा गया है कि सावन के दौरान शिव पूजा, दान-पुण्य के कार्य और पवित्र नदियों में स्नान करने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है तथा उसके आध्यात्मिक कल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है।
इन्हीं दिव्य मान्यताओं के कारण सावन के दौरान पटना के महावीर मंदिर में रुद्राभिषेक कराने का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है, जहां श्रद्धालु पूरी आस्था के साथ भगवान शिव और संकटमोचन हनुमान दोनों की कृपा एक साथ प्राप्त करते हैं।
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