मध्य प्रदेश के मैहर जिले से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जिले के अमरपाटन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खरमसेड़ा गांव में एक परोपकारी प्रयास भयानक त्रासदी में बदल गया। दरअसल, गांव के एक कुएं में गिरे बेजुबान बैल की जान बचाने के लिए उतरे चार स्थानीय युवक खुद मौत के मुंह में समा गए। कुएं के भीतर अचानक फैली किसी जहरीली गैस के कारण दम घुटने से तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चौथे युवक की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। इस घटना के बाद से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और हर कोई स्तब्ध है।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा
घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब खरमसेड़ा गांव में एक बैल अचानक खुले हुए कुएं में गिर गया। जानवर को तड़पत देख गांव के युवकों ने मानवता दिखाते हुए उसे सुरक्षित बाहर निकालने का फैसला किया। बिना किसी सुरक्षा उपकरण या गैस मास्क के, युवक कुएं के भीतर उतरने लगे। उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि कुएं की गहराई में मौत उनका इंतजार कर रही है। जैसे ही वे नीचे पहुंचे, वहां मौजूद जहरीली गैस का प्रभाव उन पर होने लगा। कुएं के अंदर ऑक्सीजन की कमी और जहरीली गैस के तीव्र रिसाव के कारण उन्हें संभलने का बिल्कुल भी मौका नहीं मिला और वे बेहोश होकर नीचे गिर पड़े।
एक के बाद एक नीचे उतरे चार युवक
शुरुआती तौर पर मिली जानकारी और जांच के अनुसार, यह हादसा तब और बड़ा हो गया जब एक-एक करके चार लोग कुएं में उतरे। सबसे पहले तीन युवक बैल को सहारा देने और उसे बांधने के इरादे से कुएं के अंदर गए थे। जब काफी देर तक अंदर से कोई हलचल नहीं हुई और उनकी आवाजें आना बंद हो गईं, तो बाहर खड़े लोगों को चिंता सताने लगी। स्थिति को भांपते हुए चौथा युवक अपने साथियों को बचाने के उद्देश्य से कुएं के भीतर दाखिल हुआ। लेकिन वह भी जहरीली गैस की चपेट में आ गया और बेहोश हो गया।
बाहर खड़े ग्रामीणों को जब यह अहसास हुआ कि कोई बहुत बड़ी अनहोनी हो चुकी है, तो उन्होंने तुरंत मोर्चा संभाला। ग्रामीणों ने भारी सूझबूझ और कड़ी मशक्कत के बाद रस्सियों के सहारे चारों युवकों को एक-एक कर कुएं से बाहर निकाला।
अस्पताल में चल रहा है इलाज और पुलिस की कार्रवाई
ग्रामीणों ने इस दुर्घटना की सूचना तत्काल आपातकालीन सेवा डायल-112 को दी। सूचना मिलते ही अमरपाटन पुलिस और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। सभी अचेत युवकों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने तीन युवकों को मृत घोषित कर दिया। वहीं, चौथे युवक की हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों ने उसे तुरंत वेंटिलेटर पर रखा है और उसकी जान बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, अगले कुछ घंटे उस युवक के जीवन के लिए बेहद नाजुक और संवेदनशील हैं।
पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर लिया है और तीनों मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि कुएं में घुटनों तक पानी भरा हुआ था, जिसके कारण गैस का दबाव और अधिक बढ़ गया था।
बिना सुरक्षा उपकरणों के कुएं में उतरना खतरनाक
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा के प्रति लापरवाही को उजागर किया है। विशेषज्ञों और स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे कभी भी बिना उचित सुरक्षा उपकरणों के पुराने, गहरे या ढके हुए कुओं में न उतरें। अक्सर ऐसे स्थानों पर मीथेन, कार्बन मोनोऑक्साइड या अन्य जहरीली गैसों का जमाव हो जाता है, जो सांस लेते ही मनुष्य को अचेत कर देती हैं और चंद मिनटों में जान ले लेती हैं। ऐसी स्थिति में हमेशा विशेषज्ञ टीमों या अग्निशमन विभाग की मदद लेनी चाहिए।
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