बिना रसायनों के सुरक्षित फसल
बिहार के छपरा जिले में किसानों ने खेती को जहर मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल शुरू की है। यहां के किसान अब न केवल जैविक खेती को अपना रहे हैं बल्कि फसलों को कीड़ों से सुरक्षित रखने के लिए दवाओं के विकल्प के तौर पर नए वैज्ञानिक तरीके भी खोज रहे हैं। किसान नर्मदेश्वर गिरी जैसे प्रगतिशील किसान अपनी फसलों को हानिकारक कीटनाशकों से बचाने के लिए एक खास यंत्र का उपयोग कर रहे हैं।
फ्रूट फ्लाई ट्रैप की कार्यप्रणाली
यह विशेष कीटनाशक यंत्र, जिसे फ्रूट फ्लाई ट्रैप के नाम से जाना जाता है, बेहद प्रभावी साबित हो रहा है। इसके इस्तेमाल से फल, फूल और सब्जियों को कीड़ों से सुरक्षित रखना आसान हो गया है। इस यंत्र की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया है कि:
- इस विशेष यंत्र को सीधे पौधों या फलों के पास लगाया जाता है।
- यंत्र की बनावट ऐसी है कि कीड़े फल या सब्जी की ओर जाने के बजाय यंत्र के अंदर आकर्षित होते हैं।
- यंत्र के भीतर एक खास तरह की गंध छोड़ी जाती है, जिससे कीड़े उसकी ओर खिंचे चले आते हैं।
- यंत्र के अंदर प्रवेश करते ही कीड़े फंस जाते हैं और वहीं उनकी मौत हो जाती है।
जैविक खेती को बढ़ावा
इस तकनीक को अपनाने से किसानों को बाजार में मिलने वाली महंगी और हानिकारक रासायनिक दवाओं के छिड़काव से छुटकारा मिल गया है। अब किसान स्वयं भी जैविक दवाएं तैयार कर रहे हैं, जिससे खेती की लागत कम हो रही है और उपभोक्ताओं को जहर मुक्त सब्जियां तथा फल प्राप्त हो रहे हैं। यह नवाचार न केवल मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में मदद कर रहा है, बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी काफी फायदेमंद साबित हो रहा है।
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