अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा खुलासा, अविनाश की ब्रेजा कार जब्त, अनुकल्प की गाड़ियों पर भी पुलिस का शिकंजा

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने आरोपी अविनाश शुक्ला की 13 घंटे की रिमांड पूरी कर ली है। जांच के दौरान प्रतापगढ़ से एक ब्रेजा कार बरामद की गई है, और तीन अन्य गाड़ियां भी पुलिस के रडार पर हैं।

अयोध्या के प्रसिद्ध राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में पुलिस की तफ्तीश अब काफी तेज हो चुकी है। इस मामले के मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला की पुलिस रिमांड की अवधि समाप्त होने के बाद उसे वापस अयोध्या जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने आरोपी अविनाश शुक्ला को 13 घंटे की रिमांड पर लिया था, जिस दौरान उससे बेहद गहनता से पूछताछ की गई। इस पूछताछ और जांच-पड़ताल के दौरान पुलिस के हाथ कुछ बेहद महत्वपूर्ण सुराग लगे हैं। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर एक संदिग्ध गाड़ी को जब्त किया है, जिसे प्रतापगढ़ स्थित उसके घर से बरामद किया गया है।

चोरी के पैसों से खरीदी गई ब्रेजा कार बरामद

पुलिस को शक है कि बरामद की गई ब्रेजा कार को मंदिर के चढ़ावे से चोरी की गई रकम से ही खरीदा गया था। इतना ही नहीं, यह भी आरोप है कि इस कार का उपयोग चोरी किए गए पैसों को इधर-उधर ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था। जांच में यह सामने आया है कि यह ब्रेजा कार अविनाश शुक्ला के नाम पर नहीं, बल्कि उसके भाई अभिषेक के नाम पर रजिस्टर्ड है। यह गाड़ी सेकेंड हैंड खरीदी गई थी।

पुलिस की टीम ने रिमांड के दौरान अविनाश को कौशल्यापुरी स्थित योग सेंटर और 12 कोसी परिक्रमा मार्ग पर ले जाकर भी जांच-पड़ताल की। अविनाश शुक्ला इसी योग सेंटर में निवास करता था। गौरतलब है कि बीते 5 जून को जब पुलिस ने इस योग सेंटर पर छापा मारा था, तब अविनाश के बक्से से 5 लाख रुपये की भारी-भरकम नकदी बरामद हुई थी।

भाई अभिषेक और दूसरे आरोपी अनुकल्प पर भी गहराया शिकंजा

अविनाश का भाई अभिषेक अयोध्या में ही एक सरकारी प्राइमरी स्कूल का शिक्षक है। पुलिस ने इस मामले में अभिषेक से योग केंद्र में ही कड़ी पूछताछ की थी, हालांकि बाद में उसे छोड़ दिया गया। लेकिन पुलिस ने इस ब्रेजा कार को चोरी की रकम से बनाई गई संपत्ति मानते हुए अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोरी की इस राशि से और कौन-कौन सी अचल या चल संपत्तियां खरीदी गई थीं।

इसके साथ ही, इस पूरे मामले में एक अन्य आरोपी अनुकल्प की भूमिका भी पुलिस के रडार पर है। अनुकल्प की गाड़ियों की भी अयोध्या पुलिस बारीकी से पड़ताल कर रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अनुकल्प ने हाल ही में सफेद रंग की एक डिजायर कार बुक कराई थी, जिसकी फोटो उसने सोशल मीडिया पर भी साझा की थी। इसके अलावा, उसने कथित रूप से चोरी की रकम का इस्तेमाल करके एक स्कॉर्पियो गाड़ी भी बुक की थी। हालांकि, इस गाड़ी की डिलीवरी लेने से पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का मानना है कि इन दोनों गाड़ियों की बुकिंग के लिए चंदे की चोरी के पैसों का ही इस्तेमाल किया जा रहा था।

शनिवार को अन्य आरोपियों की कस्टडी मांग सकती है पुलिस

अयोध्या पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई में अब तक कुल तीन गाड़ियां जांच के दायरे में आ चुकी हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस मामले की तह तक जाने के लिए पुलिस की टीम आगामी शनिवार को कोर्ट से इस मामले में गिरफ्तार किए गए किसी अन्य आरोपी की पुलिस कस्टडी रिमांड की मांग कर सकती है, ताकि पूछताछ के सिलसिले को आगे बढ़ाया जा सके और चोरी के इस बड़े सिंडिकेट का पूरी तरह से पर्दाफाश किया जा सके।

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