संभल में सरकारी जमीन घोटाले पर बड़ी कार्रवाई: पूर्व SDM बर्खास्त, सरकारी वकील समेत 6 लोग गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के संभल में गंगा किनारे की 1144 बीघा सरकारी जमीन के फर्जीवाड़े में बड़ी कार्रवाई हुई है, जिसमें पूर्व SDM और सरकारी वकील समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

उत्तर प्रदेश के संभल जिले से सरकारी भूमि से जुड़ा एक बेहद गंभीर और बड़ा धोखाधड़ी का मामला प्रकाश में आया है। यहां गंगा नदी के पावन तट पर स्थित करीब 1144 बीघा बहुमूल्य सरकारी जमीन को गलत और अवैध तरीके से दूसरों के नाम पर आवंटित करने के आरोप में पुलिस प्रशासन ने बेहद सख्त और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस पूरे फर्जीवाड़े में संलिप्त पाए जाने के बाद बर्खास्त किए जा चुके तत्कालीन SDM ओमवीर सिंह, पूर्व सरकारी वकील जय भारद्वाज और पूर्व ग्राम प्रधान विक्रांत सहित कुल 6 लोगों को पुलिस ने दबोच लिया है और उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है। राजस्व विभाग के भीतर इस बड़ी कार्रवाई के बाद से हड़कंप की स्थिति बनी हुई है और जमीन का लेखा-जोखा रखने वाले तमाम अधिकारियों में घबराहट साफ देखी जा सकती है।

गंगा नदी के किनारे की बहुमूल्य भूमि पर हुआ फर्जीवाड़ा

पुलिस और स्थानीय प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, भूमि धोखाधड़ी का यह विशालकाय मामला गुन्नौर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले असदपुर, सुखैला और उसके आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है। इन क्षेत्रों में गंगा नदी के बिल्कुल किनारे झाऊ श्रेणी की बेहद कीमती सरकारी जमीन स्थित थी। यह पूरी भूमि चकबंदी की प्रक्रिया के अंतर्गत आ रही थी। इसी का फायदा उठाकर भू-माफियाओं और भ्रष्ट प्रशासनिक अधिकारियों ने आपस में साठगांठ की। इस मिलीभगत के बाद जमीन के नकली और फर्जी कागजात तैयार किए गए और अवैध तरीके से इसके पट्टे दूसरों के नाम पर स्वीकृत करवा लिए गए।

इस बड़े घोटाले की भनक लगते ही शिकायतकर्ता लेखपाल स्वाति शर्मा की शिकायत पर कार्रवाई शुरू हुई। उनकी तहरीर के आधार पर बीते 2 जुलाई को गुन्नौर पुलिस थाने में एक मुकदमा दर्ज कराया गया। इस पूरे आपराधिक षड्यंत्र में कुल 19 नामजद आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, जालसाजी और आपराधिक साजिश रचने जैसी बेहद गंभीर कानूनी धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई थी।

नियमों और कानूनों को ताक पर रखकर दोबारा बांटी गई जमीन

इस मामले की गहन जांच में एक बेहद चौंकाने वाला सच उजागर हुआ है। जांच में सामने आया कि वर्ष 2018 में भी इस पूरी भूमि के आवंटन से जुड़े दस्तावेजों को अवैध पाते हुए रद्द कर दिया गया था और उस वक्त भी कई आरोपियों के खिलाफ कानूनी मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसके बावजूद, साल 2019 में तत्कालीन SDM ओमवीर सिंह ने अपने पद और अधिकारों का घोर दुरुपयोग किया। उन्होंने नियमों को दरकिनार करते हुए कुल 162 लोगों के नाम पर इन पट्टों को दोबारा मंजूर कर दिया।

जांच टीम ने अपनी पड़ताल में पाया कि इस बार जमीन के दोबारा आवंटन की प्रक्रिया में सभी आवश्यक नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई गई थीं:

  • जमीन आवंटन के लिए ग्राम सभा की कोई भी खुली बैठक आयोजित नहीं की गई थी।
  • इस प्रक्रिया में गांव के लोगों या संबंधित पक्षों की कोई सहमति नहीं ली गई थी।
  • नियम के अनुसार होने वाली लॉटरी की प्रक्रिया को भी पूरी तरह से छोड़ दिया गया था।
  • लाभार्थियों की कुल संख्या और आवंटित की जाने वाली जमीन के हिस्सों के निर्धारण में भी बहुत बड़े पैमाने पर हेराफेरी की गई थी।

विशेष जांच समिति की रिपोर्ट के बाद हुई गिरफ्तारियां

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच समिति का गठन किया गया था, जिसने गहन छानबीन के बाद अपनी रिपोर्ट 4 जून 2026 को जिलाधिकारी (DM) के समक्ष प्रस्तुत की। इस विस्तृत रिपोर्ट के सामने आते ही पुलिस प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया और आरोपियों की धरपकड़ का अभियान तेज कर दिया गया।

शुक्रवार के दिन पुलिस ने इस मामले से जुड़े आरोपियों पर शिकंजा कसते हुए कार्रवाई की। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए लोगों में शामिल हैं:

  • बर्खास्त तत्कालीन SDM ओमवीर सिंह
  • पूर्व सरकारी वकील जय भारद्वाज
  • तत्कालीन चकबंदी लेखपाल भीमराव सिंह
  • पूर्व कानूनगो राजवीर सिंह
  • सेवा से बर्खास्त किए जा चुके चकबंदी अधिकारी महेंद्र सिंह

पुलिस ने इन सभी पकड़े गए आरोपियों को CJM अदालत के समक्ष पेश किया, जहां से माननीय न्यायालय ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि इस बड़े घोटाले में शामिल अन्य फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है, साथ ही विभाग के कुछ अन्य संदिग्ध अधिकारियों की भूमिका का भी बारीकी से आकलन किया जा रहा है।

https://www.indiatv.in/uttar-pradesh/sambhal-land-scam-former-sdm-dismissed-6-officials-arrested-in-1000-bigha-government-land-fraud-2026-07-03-1229036