अंबाला में तनाव और विरोध का माहौल
हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज हाल ही में अंबाला में एक ऐसी स्थिति का सामना करते हुए दिखाई दिए, जिसने सभी को हैरान कर दिया। अंबाला छावनी में बिजली विभाग के कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए थे। राज्य भर से आए हजारों बिजली कर्मचारियों ने मंत्री के आवास के बाहर डेरा डाल रखा था। भारी भीड़ के कारण सड़कों पर जाम की स्थिति बन गई थी और चारों तरफ हरियाणा सरकार और अनिल विज के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे गूंज रहे थे। माहौल पूरी तरह से गरम था और प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को मनवाने के लिए पूरी तरह से अडिग दिखाई दे रहे थे।
अनिल विज का बेखौफ अंदाज
प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ और अपने खिलाफ हो रही नारेबाजी के बीच ऊर्जा मंत्री अनिल विज का काफिला वहां पहुंचा। किसी भी प्रकार की सुरक्षा या बाधा की परवाह न करते हुए विज अपनी गाड़ी से नीचे उतरे और सीधे उग्र भीड़ के बीच पहुंच गए। जब उनके आसपास खड़े प्रदर्शनकारी उनके विरुद्ध नारे लगा रहे थे, तब उन्होंने बड़े ही शांत और बेखौफ अंदाज में कर्मचारियों से कहा कि 'नारे जरा और जोर से लगाओ।' उनके इस अप्रत्याशित व्यवहार को देखकर प्रदर्शनकारी एक पल के लिए ठिठक गए और नारेबाजी का शोर थोड़ा कम हो गया।
बीमार भाई को छोड़कर पहुंचे प्रदर्शनकारियों के पास
भीड़ के बीच पहुंचने के बाद अनिल विज ने एक ऐसी बात साझा की जिसने वहां मौजूद हर कर्मचारी को भावुक कर दिया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि उनके बड़े भाई को दिल की बीमारी के कारण PGI चंडीगढ़ में भर्ती कराया गया है। विज ने बताया कि वे अभी-अभी अपने भाई को अस्पताल में छोड़कर आ रहे हैं। उन्होंने कहा, 'मैं वहां अस्पताल में अपने भाई के पास था, लेकिन जैसे ही मुझे जानकारी मिली कि मेरे कर्मचारी भाई सड़कों पर अपनी मांगों को लेकर बैठे हैं, तो मैं उन्हें छोड़कर आप लोगों के बीच चला आया, क्योंकि आप सब भी मेरे भाई ही हैं।'
मुर्दाबाद से जिंदाबाद में बदला माहौल
मंत्री की इन बातों ने प्रदर्शनकारियों के मन को छू लिया। उनके द्वारा जताई गई आत्मीयता और संवेदनशीलता का असर तत्काल देखने को मिला। कुछ क्षण पहले जो भीड़ अनिल विज के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगा रही थी, वही भीड़ अब अनिल विज जिंदाबाद के नारे लगाने लगी। विरोध और गुस्से का माहौल पल भर में पूरी तरह से बदल गया और प्रदर्शन शांतिपूर्ण संवाद में तब्दील हो गया।
बिजली कर्मचारियों को मिला आश्वासन
कर्मचारियों के आक्रोश को शांत करने के बाद अनिल विज ने उनकी समस्याओं के समाधान का वादा किया। उन्होंने कर्मचारियों की मांगों को लेकर निम्नलिखित ठोस आश्वासन दिए:
- 15 से 20 दिनों का समय लेते हुए मंत्री ने वादा किया कि वे यूनियन के प्रतिनिधियों को आधिकारिक पत्र भेजकर चंडीगढ़ में चर्चा के लिए बुलाएंगे।
- उन्होंने आश्वासन दिया कि चंडीगढ़ में बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कर्मचारियों की सीधी बैठक करवाई जाएगी ताकि उनकी समस्याओं पर विस्तृत चर्चा हो सके।
- विज ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों की जो भी जायज मांगें हैं, उन्हें पूरा करने के लिए सरकार ईमानदारी से हरसंभव प्रयास करेगी।
इस ठोस आश्वासन के मिलने के बाद प्रदर्शनकारी कर्मचारी पूरी तरह संतुष्ट नजर आए। उन्होंने अपना ज्ञापन ऊर्जा मंत्री को सौंपा और इसके बाद अपना धरना शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त करने का निर्णय लिया। इस पूरी घटना ने एक बार फिर से अनिल विज की कार्यशैली और जनता के बीच उनकी पकड़ को स्पष्ट कर दिया है।
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