राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026: उज्जैन के 'त्रिनेत्र' प्रोजेक्ट को मिला गोल्ड, पूरे देश में अपनाया जाएगा यह एआई मॉडल

उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में लागू एआई-आधारित सुरक्षा प्रणाली 'त्रिनेत्र' को 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन में स्वर्ण पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। अब केंद्र सरकार इस मॉडल को पूरे भारत में लागू करने की तैयारी कर रही है।

डिजिटल गवर्नेंस में उज्जैन का डंका

मध्य प्रदेश का उज्जैन जिला डिजिटल शासन व्यवस्था के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया है। जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन के दौरान उज्जैन की विशेष उपलब्धि को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। श्री महाकालेश्वर मंदिर में सुरक्षा और निगरानी के लिए तैयार किए गए एआई (AI) आधारित सिस्टम 'त्रिनेत्र' को प्रतिष्ठित स्वर्ण पुरस्कार से नवाजा गया है। यह दो दिवसीय कार्यक्रम एक और दो जुलाई को आयोजित किया गया था।

कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने किया प्रतिनिधित्व

इस सम्मेलन की मुख्य थीम 'विकसित भारत 2047: एआई-सक्षम, डेटा-संचालित एवं सुरक्षित डिजिटल गवर्नेंस' रखी गई थी। कार्यक्रम के पहले दिन राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इसका उद्घाटन किया। देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रशासनिक अधिकारियों के बीच उज्जैन के कलेक्टर एवं उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अध्यक्ष रौशन कुमार सिंह ने 'त्रिनेत्र' प्रोजेक्ट की विस्तृत कार्यप्रणाली पेश की। विशेषज्ञों ने इस नवाचार की काफी सराहना की। दूसरे दिन आयोजित समापन समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और राजस्थान के आईटी मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कलेक्टर रौशन कुमार सिंह को स्वर्ण पुरस्कार प्रदान किया।

मुख्यमंत्री मोहन यादव के मार्गदर्शन का परिणाम

इस गौरवपूर्ण पल के दौरान श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक, पलाश शर्मा, सचिन जैन समेत पूरी आईटी टीम वहां मौजूद थी। पुरस्कार स्वीकार करने के बाद कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने कहा कि यह सफलता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निरंतर मार्गदर्शन और उनके कुशल नेतृत्व का परिणाम है। उन्होंने इस जीत का श्रेय पूरी टीम की मेहनत और सामूहिक प्रयासों को दिया।

पूरे देश में लागू होगा स्मार्ट सुरक्षा मॉडल

उज्जैन के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि भारत सरकार की डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन ने इस प्रोजेक्ट को अखिल भारतीय स्तर पर ले जाने का निर्णय लिया है। आने वाले समय में उज्जैन के इस मॉडल को देशभर में लागू करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। यह इस बात का प्रमाण है कि उज्जैन में विकसित यह स्वदेशी एआई तंत्र अत्यधिक प्रभावशाली है और अन्य शहरों के लिए भी अनुकरणीय है। अब उज्जैन का 'त्रिनेत्र' मॉडल पूरे देश की स्मार्ट निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था का आधार बनने जा रहा है, जो न केवल उज्जैन के लिए बल्कि संपूर्ण मध्य प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

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