ISRO और NIA सहित कई संवेदनशील ठिकानों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाला आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से धर दबोचा है जिसने ईमेल के जरिए एयर इंडिया और कई सरकारी संस्थानों को बम से उड़ाने की झूठी धमकी दी थी।

दिल्ली पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी

राजधानी दिल्ली समेत देश के कई अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील संस्थानों को बम से उड़ाने की झूठी धमकी देने वाले एक शख्स को दिल्ली पुलिस ने आखिरकार ट्रैक कर लिया है। आरोपी ने ईमेल के जरिए इन संस्थानों में बम होने का दावा किया था, जिससे सुरक्षा व्यवस्था में हड़कंप मच गया था। तकनीकी सर्विलांस और गहन जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने आरोपी को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। शुरुआती तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि आरोपी काफी समय से मानसिक बीमारियों का सामना कर रहा है और उसका इलाज भी चल रहा है। दिल्ली पुलिस की टीमें फिलहाल इस पूरे मामले की गहनता से पड़ताल कर रही हैं।

आरोपी की पृष्ठभूमि और स्थिति

पकड़े गए आरोपी की पहचान 36 वर्षीय निशांत त्यागी के रूप में हुई है। नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त के अनुसार, पूछताछ के दौरान पता चला कि आरोपी ने ओपन स्कूलिंग के माध्यम से अपनी पढ़ाई की थी। वर्ष 2010 में उसने स्नातक के लिए दाखिला लिया था, हालांकि वह अपनी पढ़ाई को मुकाम तक नहीं पहुँचा सका। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, उसके पास से किसी भी प्रकार की संदिग्ध सामग्री या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह केवल एक अफवाह थी।

किन संस्थानों को बनाया गया था निशाना

आरोपी ने 29 जून 2026 को एक के बाद एक कई धमकी भरे ईमेल भेजे थे। इन संदेशों में देश की बेहद सुरक्षित और संवेदनशील जगहों को बम से उड़ाने का झूठा दावा किया गया था। जिन संस्थानों को निशाना बनाया गया, उनकी सूची इस प्रकार है:

  • राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) मुख्यालय
  • भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO)
  • न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCIL)
  • रक्षा अनुसंधान एवं विकास एवं अनुसंधान संगठन (DRDO)
  • नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA)
  • दिल्ली से न्यूयॉर्क जाने वाली एयर इंडिया की एक उड़ान

सुरक्षा तंत्र हुआ सक्रिय

धमकी भरे ईमेल मिलते ही सुरक्षा एजेंसियों के बीच खलबली मच गई। आनन फानन में सुरक्षा प्रोटोकॉल को सक्रिय किया गया और संबंधित स्थानों की सघन तलाशी ली गई। जांच के दौरान ही यह साफ हो गया था कि यह केवल एक शरारत और अफवाह है। घटना के बाद चाणक्यपुरी सब-डिवीजन की पुलिस टीम सक्रिय हुई। एसीपी अर्शदीप सिंह पंवार की देखरेख में और एसआई सुभाष के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने तकनीकी साक्ष्यों को खंगालना शुरू किया।

तकनीकी जांच और गिरफ्तारी

दिल्ली पुलिस ने उन दो GMAIL अकाउंट्स का बारीकी से विश्लेषण किया, जिनसे ये धमकी भरे मेल भेजे गए थे। इन खातों से जुड़े मोबाइल नंबर का पता लगाकर पुलिस उस तक पहुँची। तकनीकी सर्विलांस के सहारे पुलिस की टीम 30 जून को गाजियाबाद की संयोग नगर बैंक कॉलोनी पहुँची और वहां से निशांत त्यागी को गिरफ्तार कर लिया।

जांच का दायरा और आगे की कार्रवाई

पुलिस की पूछताछ और जांच में खुलासा हुआ कि निशांत वर्ष 2008 से मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा है। उसके परिजनों ने भी पुलिस को इस बात की पुष्टि की है कि उसका इलाज देश के कई प्रतिष्ठित अस्पतालों में लंबे समय से चल रहा है। नई दिल्ली जिला पुलिस के उपायुक्त सचिन शर्मा ने बताया कि पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि आरोपी ने किन परिस्थितियों में और किस उद्देश्य से ये ईमेल भेजे थे। अभी तक मिली जानकारी और सबूतों के आधार पर पुलिस कानून सम्मत आगे की कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है।

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