मानसून की पहली बारिश और बदहाल स्थिति
उत्तराखंड में दक्षिण पश्चिम मॉनसून का आगमन हो चुका है और इसकी पहली ही बौछार ने ऋषिकेश के शहरी प्रबंधन की असलियत सामने ला दी है। मॉनसून की शुरुआत के साथ ही शहर की सड़कों पर पानी का कब्जा हो गया है, जिससे आम लोगों का जीवन ठहर सा गया है। जलभराव के कारण लोगों का अपने घरों से बाहर निकलना एक चुनौती बन गया है।
सड़कों पर दिख रही है बड़ी समस्या
सड़कों पर जमा पानी इतना अधिक है कि वाहन चालकों के लिए मार्ग पहचानना मुश्किल हो रहा है। स्थिति इतनी गंभीर है कि सड़क के समतल हिस्से और गड्ढों के बीच का अंतर मिट गया है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। जलभराव के कारण यातायात पूरी तरह से बाधित है और जगह-जगह पानी जमा होने से सड़कें तालाब में तब्दील हो गई हैं।
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
स्थानीय निवासी डॉ. राजकुमार ने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि पहली ही बारिश में शहर की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। उनका मानना है कि अगर प्रशासन मॉनसून आने से पहले ही सक्रिय हो जाता और नालियों की सफाई के साथ जल निकासी की बेहतर व्यवस्था कर लेता, तो लोगों को इतनी परेशानी नहीं झेलनी पड़ती। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन आगे के दिनों के लिए क्या कदम उठाता है।
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