लोकप्रिय रियलिटी शो 'लॉकअप सीजन 2' इन दिनों लगातार चर्चा बटोर रहा है। शो के कंटेस्टेंट अपनी जिंदगी के ऐसे राज खोल रहे हैं, जिनके बारे में उनके प्रशंसकों को भी भनक नहीं थी। इसी क्रम में टीवी जगत के मशहूर अभिनेता हर्षद चोपड़ा ने अपनी निजी जिंदगी से जुड़ा एक ऐसा कबूलनामा किया है, जिसने सबको हैरान कर दिया है। हर्षद चोपड़ा ने खुले तौर पर स्वीकार किया है कि एक समय ऐसा भी था जब वे LGBTQ कम्युनिटी के लोगों को लेकर मन में एक अजीब तरह का डर और असहजता महसूस करते थे। उन्होंने बताया कि अपनी इसी गलत सोच के कारण उन्होंने अतीत में एक गे व्यक्ति के साथ बहुत ही अजीब व्यवहार किया था, लेकिन जब समय के साथ उनकी सोच में बदलाव आया, तो उन्होंने अपनी इस बड़ी गलती के लिए उस इंसान से माफी भी मांगी।
करियर के शुरुआती दिनों का वह वाकया, जब डरकर भागे थे हर्षद
शो के दौरान अपने साथी कंटेस्टेंट धीरज धूपर से बातचीत करते हुए हर्षद चोपड़ा ने अपने अतीत के इस अनछुए और संवेदनशील पहलू को सबके सामने रखा। हर्षद ने स्वीकार किया कि जब वे इंडस्ट्री में नए-नए आए थे, तब उनमें इतनी समझदारी और परिपक्वता नहीं थी कि वे हर तरह के लोगों को सामान्य रूप से स्वीकार कर सकें।
अपनी आपबीती सुनाते हुए हर्षद ने बताया, 'अपने करियर के शुरुआती दिनों में मेरी मुलाकात एक गे व्यक्ति से हुई थी। उस दौर में मुझे इस बात की बिल्कुल भी समझ नहीं थी कि ऐसे लोगों से किस तरह बात की जानी चाहिए या उनके साथ सामान्य ढंग से व्यवहार कैसे किया जाए। मेरे मन में अजीब सा डर बैठ गया था और मैं वहां से बचकर भागने के रास्ते तलाशने लगा था।'
हर्षद ने उस असहज कर देने वाली घटना का विवरण देते हुए आगे कहा, 'एक बार तो मैंने उस इंसान से दूरी बनाने के लिए बाकायदा शूटिंग का झूठा बहाना बना दिया था। मैं बस किसी भी तरह उस परिस्थिति से निकल जाना चाहता था। सबसे अजीब बात यह थी कि सामने वाले व्यक्ति को अच्छी तरह से पता था कि शूटिंग पहले ही रद्द हो चुकी है। इसके बावजूद, मैं झूठ बोलकर वहां से भाग खड़ा हुआ।'
सालों बाद जब दोबारा हुई मुलाकात, तो मांगी माफी
वक्त के साथ इंसान की सोच में बदलाव आता है और वह अपनी पुरानी गलतियों को समझने लगता है। हर्षद चोपड़ा के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उन्होंने बताया कि इस घटना के कई वर्षों बाद जब उनकी मुलाकात उसी व्यक्ति से दोबारा हुई, तो उनके मन में अपनी उस पुरानी हरकत को लेकर भारी आत्मग्लानि हुई।
हर्षद ने बताया, 'जब कई साल बीत जाने के बाद हमारी दोबारा मुलाकात हुई, तो मुझे तुरंत अपनी वह पुरानी और गलत हरकत याद आ गई। इस बार मैंने अपने कदम पीछे नहीं खींचे, बल्कि बिना किसी झिझक के सीधे उस व्यक्ति के पास गया और अपनी उस हरकत के लिए बकायदा माफी मांगी।'
इसके साथ ही हर्षद ने अपनी व्यक्तिगत कमजोरियों पर भी बात की। उन्होंने कबूल किया कि वे किसी भी नई या असहज परिस्थिति को तुरंत संभालने में उतने कुशल नहीं हैं। हर्षद ने कहा, 'सच कहूं तो मैं झगड़ने से बचता हूं और बहुत जल्दी घबरा जाता हूं। जब भी मेरे सामने कोई नई स्थिति आती है, तो मुझे उसका सामना करने और खुद को ढालने में थोड़ा समय लगता है।'
फैशन इन्फ्लुएंसर सूफी मोतीवाला ने भी साझा किया अपना दर्द
'लॉकअप सीजन 2' के इसी मंच पर केवल हर्षद चोपड़ा ही नहीं, बल्कि फैशन इन्फ्लुएंसर सूफी मोतीवाला ने भी अपनी जिंदगी से जुड़े बेहद संवेदनशील और भावुक कर देने वाले अनुभवों को साझा किया। हर्षद की बातें सुनने के बाद सूफी मोतीवाला ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि समाज और परिवार में आज भी इस कम्युनिटी को लेकर सोच में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है।
सूफी ने बेहद भावुक होकर बताया कि आज के आधुनिक दौर में भी उनके खुद के माता-पिता को ऐसा लगता है कि उनकी सेक्सुअलिटी के कारण उनके भीतर कोई बड़ी गड़बड़ी या खराबी है। सूफी के मुताबिक, उनके परिवार और समाज की इस संकीर्ण सोच के कारण उन्हें अपने जीवन में कई तरह की मानसिक और भावनात्मक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है।
हर्षद चोपड़ा द्वारा राष्ट्रीय टेलीविजन पर अपनी इस पुरानी रूढ़िवादी सोच को स्वीकार करना और उसमें सुधार लाने की बात करना दर्शकों के बीच काफी पसंद किया जा रहा है। लोग उनकी इस ईमानदारी की सराहना कर रहे हैं।
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