वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर कपिल देव की दोटूक सलाह, बोले- 'उसमें विराट-सचिन जैसा दम, लेकिन पहले खुद को साबित करना होगा'

भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी के अंतरराष्ट्रीय डेब्यू को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच पूर्व दिग्गज कप्तान कपिल देव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने वैभव की प्रतिभा की तारीफ की लेकिन साथ ही उन पर दबाव न बनाने की सलाह दी।

भारतीय क्रिकेट टीम के युवा सनसनी 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को लेकर क्रिकेट जगत में लगातार चर्चाएं गर्म हैं। इंग्लैंड और आयरलैंड के दौरे पर टीम इंडिया का हिस्सा होने के बावजूद इस युवा खिलाड़ी को अब तक मैदान पर उतरने का अवसर नहीं मिल सका है। इस दौरे पर भारतीय टीम अब तक कुल तीन मुकाबले खेल चुकी है, लेकिन वैभव को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं दी गई। इसे लेकर क्रिकेट के जानकारों और प्रशंसकों के बीच अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी बीच, भारत को पहला विश्व कप दिलाने वाले पूर्व कप्तान कपिल देव ने वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू और उनके भविष्य को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और व्यावहारिक सलाह दी है।

अभी बहुत युवा हैं वैभव, मत बढ़ाओ उन पर दबाव

कपिल देव ने एक खेल चैनल स्पोर्ट्स तक को दिए साक्षात्कार में वैभव सूर्यवंशी के बारे में खुलकर बातचीत की। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में खिलाड़ियों पर बहुत अधिक ध्यान केंद्रित करना कभी-कभी उनके लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। कपिल देव ने कहा, "मैंने वैभव को बहुत ज्यादा खेलते हुए तो नहीं देखा है, लेकिन जितना भी देखा है, उससे यह साफ है कि उनमें असाधारण प्रतिभा मौजूद है। इस बात में कोई दोराय नहीं है कि वह एक प्रतिभावान खिलाड़ी हैं। लेकिन मुझे लगता है कि इस समय हम उनके बारे में जरूरत से ज्यादा चर्चा कर रहे हैं।"

कपिल देव ने आगे सलाह देते हुए कहा, "हमें उन्हें थोड़ा वक्त देना चाहिए। इतनी जल्दी उन्हें बहुत बड़ा स्टार बनाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। इतनी छोटी उम्र के खिलाड़ियों में अभी पूरी तरह से समझ विकसित नहीं होती है। उन्हें खुद भी अपनी क्षमताओं और परिस्थितियों के बारे में गहराई से अंदाजा नहीं होता है। इसलिए, उन्हें स्वाभाविक रूप से आगे बढ़ने का मौका मिलना चाहिए।"

विराट कोहली और सचिन तेंदुलकर से तुलना पर क्या बोले कपिल?

युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के टैलेंट की तुलना अक्सर दिग्गज क्रिकेटरों से की जा रही है। इस पर बात करते हुए कपिल देव ने माना कि प्रतिभा के मामले में वैभव किसी भी बड़े खिलाड़ी से कमतर नहीं हैं। कपिल देव ने कहा, "यदि हम केवल टैलेंट की बात करें, तो वैभव का हुनर किसी भी तरह से विराट कोहली या सचिन तेंदुलकर से कम नजर नहीं आता। उनमें T20 प्रारूप के लिए कमाल की काबिलियत दिखाई देती है। लेकिन असली परीक्षा अन्य प्रारूपों में होगी।"

कपिल देव ने क्रिकेट के लंबे प्रारूप का जिक्र करते हुए एक अहम सवाल उठाया। उन्होंने कहा, "T20 में उनकी बल्लेबाजी लाजवाब है, लेकिन क्या वह टेस्ट क्रिकेट में लगातार 5 ओवर मेडन खेल पाएंगे? यह एक बड़ा सवाल है। हालांकि, वीरेंद्र सहवाग जैसे आक्रामक बल्लेबाज टेस्ट क्रिकेट में इस तरह की सोच नहीं रखते थे, लेकिन सामान्य तौर पर टेस्ट क्रिकेट की अपनी अलग मांग होती है और वहां खुद को स्थापित करने के लिए धैर्य दिखाना पड़ता है।"

1 प्रतिशत खिलाड़ियों में शामिल हैं वैभव

पूर्व भारतीय कप्तान ने वैभव की आक्रामक और प्रभावशाली बल्लेबाजी की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में ऐसा प्रभाव छोड़ना कोई साधारण बात नहीं है। कपिल देव के अनुसार, "T20 क्रिकेट के लिहाज से वैभव सूर्यवंशी एक बेहतरीन खिलाड़ी साबित हो सकते हैं। इतनी छोटी उम्र में खेल पर इस तरह का प्रभाव डालने वाले खिलाड़ी दुनिया में शायद 1 प्रतिशत ही होते हैं।" उन्होंने इस दौरान महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के डेब्यू के दिनों को भी याद किया और कहा कि जब सचिन ने टीम में कदम रखा था, तब भी ऐसी ही बातें होती थीं। उन्होंने कहा कि अगर वैभव पूरी तरह तैयार हैं, तो उन्हें खेलने का मौका जरूर मिलना चाहिए।

उम्र नहीं, काबिलियत को पैमाना बनाएं

कपिल देव का मानना है कि चयन के समय खिलाड़ी की उम्र को बाधा नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने कहा:

"हमें वैभव सूर्यवंशी की उम्र पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय उनकी असली काबिलियत और प्रदर्शन को देखना चाहिए। क्रिकेट के खेल में हर खिलाड़ी के जीवन में उतार-चढ़ाव आते हैं। ऐसा नहीं है कि वैभव के करियर में कभी खराब फॉर्म नहीं आएगी।"

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कपिल देव ने कहा कि दुनिया के सबसे महान बल्लेबाजों को भी अपने करियर में बुरे दौर से गुजरना पड़ा है। उन्होंने कहा:

  • सचिन तेंदुलकर और विव रिचर्ड्स जैसे दिग्गजों को भी अपने करियर में खराब फॉर्म का सामना करना पड़ा था।
  • दुनिया में ऐसे बेहद कम खिलाड़ी हुए हैं जिनका कभी खराब पैच नहीं आया हो।
  • असल परीक्षा तब होगी जब वैभव का खराब दौर आएगा और यह देखना दिलचस्प होगा कि वह उस परिस्थिति से खुद को कैसे निकालते हैं।

कपिल देव के इस बयान से साफ है कि वह वैभव को भारतीय क्रिकेट का एक बड़ा भविष्य मानते हैं, लेकिन साथ ही वे चाहते हैं कि इस युवा खिलाड़ी को बिना किसी अतिरिक्त मानसिक दबाव के मैदान पर खुद को साबित करने का पूरा मौका मिले।

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