दिल्ली मैंगो फेस्टिवल में छाया 2 किलो का 'मोदी मैंगो', लखनऊ के बागवान की 10 साल की मेहनत लाई रंग

दिल्ली के जनकपुरी में आयोजित मैंगो फेस्टिवल में मलिहाबाद के शादाब अली द्वारा विकसित 2 किलोग्राम वजनी 'मोदी मैंगो' लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है।

राजधानी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में इन दिनों आम के शौकीनों का जमावड़ा लगा हुआ है। अवसर है दिल्ली मैंगो फेस्टिवल का, जिसका शानदार आगाज हो चुका है। 3 जुलाई से लेकर 5 जुलाई तक चलने वाले इस त्रि-दिवसीय महोत्सव में देश के विभिन्न हिस्सों से आमों की सैकड़ों किस्में प्रदर्शित की जा रही हैं। लेकिन इस पूरे आयोजन में एक ऐसा आम आया है, जो दर्शकों के बीच कौतूहल और आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है। इस आम का आकार और वजन इतना अधिक है कि इसे देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। लोग न केवल इस विशालकाय आम को निहार रहे हैं, बल्कि इसके साथ सेल्फी ले रहे हैं और सोशल मीडिया पर साझा करने के लिए इसके वीडियो भी बना रहे हैं। इस अनोखे आम का नाम है 'मोदी मैंगो'

प्रधानमंत्री के नाम पर रखा गया है 'मोदी मैंगो'

जब इस विशालकाय हरे रंग के आम के बारे में विस्तार से पड़ताल की गई, तो पता चला कि इसे उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मलिहाबाद से लाया गया है। मलिहाबाद अपनी खास किस्म के आमों के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। इस आम को मलिहाबाद के रहने वाले शादाब अली दिल्ली लेकर पहुंचे हैं। शादाब अली 'कदीम चंदन मलिहाबाद नर्सरी' चलाते हैं और उन्होंने बताया कि इस आम को तैयार करने में उन्हें और उनके परिवार को पूरे 10 साल की कड़ी मेहनत करनी पड़ी है।

शादाब अली ने बताया कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनकल्याणकारी कार्यों से उनके पिता साजिद अली बेहद प्रभावित थे। इसी प्रभाव और सम्मान के चलते उन्होंने इस खास किस्म के आम का नाम 'मोदी मैंगो' रखने का फैसला किया। यह आम वीआईपी लोगों की पसंद भी बनता जा रहा है। जानकारी के अनुसार, इस आम को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता तक भी पहुंचाया जा चुका है, जिन्होंने इसकी गुणवत्ता और स्वाद की जमकर सराहना की है। इसके अलावा, मनोरंजन जगत यानी बॉलीवुड के कई बड़े सितारे भी इस विशालकाय आम को देखकर काफी प्रभावित हुए हैं।

2 किलो वजन और पतले छिलके की खूबियां

इस आम की शारीरिक बनावट और इसके स्वाद को लेकर कई तरह की दिलचस्प बातें सामने आई हैं। शादाब अली के मुताबिक, 'मोदी मैंगो' का वजन पूरे 2 किलो है। आम तौर पर बाजार में मिलने वाले आम कुछ सौ ग्राम के होते हैं, ऐसे में 2 किलो का एक अकेला आम वाकई अद्भुत है। उन्होंने बताया कि इस विशेष प्रजाति को दो बेहतरीन देसी आमों की किस्मों को आपस में मिलाकर विकसित किया गया है।

इस आम की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  • अत्यधिक मिठास: आकार में बड़ा होने के बावजूद इसके स्वाद में कोई कमी नहीं है। यह खाने में बेहद मीठा और स्वादिष्ट होता है।
  • पतला छिलका: इतने बड़े आकार के आम का छिलका आमतौर पर मोटा होता है, लेकिन 'मोदी मैंगो' का छिलका बेहद पतला है, जिससे इसका गूदा ज्यादा मात्रा में मिलता है।
  • छोटी गुठली: शादाब अली के अनुसार, इस आम की सबसे बड़ी खासियत इसकी बहुत छोटी गुठली है। देखने में यह आम जितना बड़ा और भारी-भरकम है, इसके अंदर की गुठली उतनी ही छोटी है।

अभी बाजार में नहीं आया है यह आम, पौधों की है भारी मांग

आम प्रेमियों के लिए यह जानना जरूरी है कि 'मोदी मैंगो' अभी आम उपभोक्ताओं के लिए बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं है। शादाब अली का कहना है कि इसे व्यावसायिक रूप से बाजार में उतारने में अभी करीब 2 से 3 साल का समय और लग सकता है। हालांकि, इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अभी से देश के कोने-कोने से इसके पौधों की भारी मांग आने लगी है।

नर्सरी में वर्तमान समय में इसके नए पौधे तैयार करने का काम किया जा रहा है ताकि मांग को पूरा किया जा सके। शादाब अली ने स्पष्ट किया कि अभी उनके पास इस आम की वैरायटी का आधिकारिक सर्टिफिकेशन आना बाकी है। उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही सभी जरूरी कागजी प्रक्रियाएं पूरी हो जाएंगी और उन्हें इस अनूठी प्रजाति का आधिकारिक सर्टिफिकेशन मिल जाएगा।

महोत्सव के अंतिम दिन होगा खास फैसला

दिल्ली के जनकपुरी में चल रहे इस मैंगो फेस्टिवल में 'मोदी मैंगो' को केवल प्रदर्शन के लिए रखा गया है, इसे बेचा नहीं जा रहा है। शादाब अली ने बताया कि 5 जुलाई को मैंगो फेस्टिवल के अंतिम दिन वह इस अनमोल आम को किसी मंत्री या वरिष्ठ अधिकारी को सप्रेम भेंट करेंगे। लोगों में इस आम को लेकर जो भारी उत्साह और दिलचस्पी है, उसे देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

इसके साथ ही, शादाब अली की प्रदर्शनी में एक और विशेष आम भी लोगों का ध्यान खींच रहा है, जिसका नाम 'चितला खास' है। यह आम सफेद और हरे रंग की चित्तीदार त्वचा वाला होता है। स्वाद की बात करें तो यह थोड़ा खट्टा होता है। 'मोदी मैंगो' के साथ-साथ 'चितला खास' को भी लोग काफी पसंद कर रहे हैं और मलिहाबाद की इस बागवानी कला की सराहना कर रहे हैं।

https://hindi.news18.com/news/agriculture/2-kg-modi-mango-becomes-center-of-attraction-in-delhi-mango-festival-develop-by-lucknow-shadab-ali-local18-ws-l-10625428.html