मुंगेर जेल में बड़ा हादसा: भाई की हत्या के आरोपी कैदी ने छत से कूदकर दी जान, परिजनों ने जेल प्रशासन पर उठाए गंभीर सवाल

बिहार के मुंगेर मंडलकारा में बंद एक विचाराधीन कैदी मनीष कुमार की जेल की छत से कूदने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने इसे लेकर जेल प्रशासन पर हत्या के गंभीर आरोप लगाए हैं।

बिहार के मुंगेर जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और दर्दनाक खबर सामने आई है। यहां की मंडलकारा (जेल) में बंद एक विचाराधीन कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मृतक कैदी की पहचान खड़गपुर थाना क्षेत्र के दरियापुर गांव के निवासी मनीष कुमार के रूप में हुई है। मनीष अपने ही सगे बड़े भाई की हत्या के संगीन आरोप में न्यायिक हिरासत में जेल में बंद था। शुक्रवार की सुबह उसने जेल की छत से छलांग लगा दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से पूरे जेल प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।

जेल की छत से कूदने के बाद बिगड़ी हालत

जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना शुक्रवार सुबह की है। मुंगेर मंडलकारा में बंद विचाराधीन बंदी मनीष कुमार किसी तरह सुरक्षाकर्मियों की नजरों से बचकर जेल की छत पर पहुंच गया। वहां पहुंचने के बाद उसने अचानक इतनी ऊंचाई से नीचे छलांग लगा दी। जमीन पर गिरते ही वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। मनीष को लहूलुहान हालत में देखकर जेल परिसर में हड़कंप मच गया। जेल प्रशासन ने बिना वक्त गंवाए उसे तुरंत इलाज के लिए मुंगेर सदर अस्पताल में भर्ती कराया। वहां डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उसका इलाज शुरू किया, लेकिन उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी और आखिरकार उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। कैदी की मौत की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत सदर अस्पताल पहुंची और स्थिति का जायजा लेते हुए जांच शुरू कर दी।

भाई की हत्या के आरोप में जेल में था बंद

मृतक मनीष कुमार के बारे में बताया जा रहा है कि वह अपने ही बड़े भाई की हत्या के मामले में आरोपी था। पुलिस ने उसे इस गंभीर अपराध के आरोप में गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था, जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। वह मुंगेर मंडलकारा में एक विचाराधीन कैदी के तौर पर सजा काट रहा था। इस घटना के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं कि आखिर एक कैदी इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद जेल की छत तक कैसे पहुंच गया और वहां उसने इतना आत्मघाती कदम कैसे उठा लिया।

परिजनों ने जेल प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

मनीष कुमार की मौत की खबर जैसे ही उसके घर पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। रोते-बिलखते परिजन तुरंत मुंगेर सदर अस्पताल पहुंचे। अस्पताल परिसर में परिजनों ने जेल प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई और उनके ऊपर गंभीर आरोप लगाए। मृतक के परिजनों का साफ तौर पर कहना है कि यह सामान्य आत्महत्या का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे कुछ और बात है। उन्होंने जेल प्रशासन पर हत्या के गंभीर आरोप लगाते हुए इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। परिजनों ने मांग की है कि इस घटना के पीछे के असली कारणों को सामने लाया जाए ताकि सच सबके सामने आ सके।

मामले की जांच में जुटी पुलिस

दूसरी तरफ, पुलिस ने मनीष कुमार के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह का पता चल सकेगा। फिलहाल पुलिस और जेल प्रशासन दोनों ही अपने-अपने स्तर पर इस मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं। इस बात का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि मनीष किन परिस्थितियों में छत पर चढ़ा और क्या वहां कोई सुरक्षा चूक हुई थी। जेल प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने और पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो पाएगी कि यह आत्महत्या का मामला है या फिर इसके पीछे कोई और बड़ी साजिश या वजह है।

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