वेनेजुएला में मसीहा बनी भारतीय सेना, 'ऑपरेशन अमिस्ताद' के तहत बचाई सैकड़ों जानें, अब तक की 65 से ज्यादा सर्जरी

भूकंप की विभीषिका झेल रहे वेनेजुएला में भारतीय सेना का 'ऑपरेशन अमिस्ताद' तेजी से जारी है, जिसके तहत भारतीय चिकित्सा दल ने अब तक 800 से अधिक मरीजों का इलाज किया है।

भूकंप की भीषण आपदा से जूझ रहे वेनेजुएला में भारत की मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) मुहिम उम्मीद की एक बड़ी किरण बनकर उभरी है। भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए 'ऑपरेशन अमिस्ताद' के तहत भारतीय सेना की 60 पैरा फील्ड हॉस्पिटल की टीम वहां दिन-रात राहत और चिकित्सा कार्यों में जुटी हुई है। संकट की इस घड़ी में भारतीय चिकित्सा दल ने अपनी निस्वार्थ सेवा और तत्परता से स्थानीय लोगों का दिल जीत लिया है। इस मिशन के तहत अब तक सैकड़ों घायलों को नया जीवन दिया जा चुका है और यह अभियान निरंतर जारी है।

राहत और इलाज के आंकड़े: सेवा की मिसाल

वेनेजुएला में जमीनी स्तर पर काम कर रही भारतीय सेना की मेडिकल टीम ने कम समय में ही विशाल राहत कार्य को अंजाम दिया है। 2 जुलाई 2026 तक के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारतीय दल ने कुल 815 प्रभावित लोगों और घायलों का इलाज किया है। इनमें से कई मरीजों की हालत काफी नाजुक बनी हुई थी। वर्तमान में भी 20 मरीज भारतीय सेना के अस्पताल में भर्ती हैं, जहां डॉक्टर उनकी सेहत पर लगातार नजर रख रहे हैं और उन्हें गहन चिकित्सा प्रदान कर रहे हैं।

भारतीय सेना की यह यूनिट केवल आपातकालीन प्राथमिक उपचार तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वहां अत्याधुनिक और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं भी मुहैया कराई जा रही हैं। अस्पताल द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, राहत शिविरों में अब तक निम्नलिखित सेवाएं प्रदान की जा चुकी हैं:

  • गंभीर रूप से घायल मरीजों की करीब 65 जटिल और बड़ी सर्जरी सफलतापूर्वक की गई हैं।
  • मरीजों की आंतरिक चोटों का सटीक पता लगाने के लिए 253 एक्स-रे किए जा चुके हैं।
  • विभिन्न बीमारियों और संक्रमण की समय पर पहचान के लिए कुल 1,836 प्रयोगशाला (लैब) जांच की गई हैं।
  • दंत चिकित्सा के क्षेत्र में भी राहत देते हुए डॉक्टरों ने 233 लोगों की डेंटल जांच की है।

'ऑपरेशन अमिस्ताद' की शुरुआत और भारत की त्वरित प्रतिक्रिया

वेनेजुएला में 24 जून 2026 को आए विनाशकारी भूकंप के तुरंत बाद भारत सरकार ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए कदम उठाए थे। आपदा से प्रभावित लोगों की मदद के लिए भारत ने तत्काल प्रभाव से 'ऑपरेशन अमिस्ताद' नाम से एक विशेष मानवीय मिशन शुरू करने का निर्णय लिया। इसके तहत 26 जून 2026 को भारतीय वायुसेना के दो विशालकाय C-17 ग्लोबमास्टर विमानों को राहत सामग्री और विशेषज्ञ कर्मियों के साथ वेनेजुएला के लिए रवाना किया गया था।

इस जीवन रक्षक मिशन में भारत की ओर से भेजी गई राहत और बचाव टीम में कुल 41 विशेषज्ञ सदस्य शामिल हैं। भारत ने प्रभावित क्षेत्रों के लिए भारी मात्रा में संसाधन भेजे हैं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • करीब 30 टन राहत सामग्री, जिससे रहने और खाने-पीने का जरूरी सामान शामिल है।
  • 6 टन जीवन रक्षक दवाइयां और आधुनिक चिकित्सा उपकरण।
  • भारतीय सेना की एक पूरी तरह सुसज्जित फील्ड हॉस्पिटल यूनिट।
  • आपातकालीन इलाज के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए दो 'भीष्म क्यूब' पोर्टेबल अस्पताल।

स्थानीय प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम

भारतीय सेना का यह विशेष दस्ता वेनेजुएला की स्थानीय सरकार और प्रशासन के साथ मिलकर बेहद समन्वय के साथ काम कर रहा है। दोनों देशों की टीमें मिलकर मलबे में फंसे लोगों की खोजबीन, राहत सामग्री के वितरण और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रूप से चलाने में जुटी हैं। भारत सरकार ने इस वैश्विक मंच से एक बार फिर स्पष्ट किया है कि वह संकट की इस कठिन घड़ी में वेनेजुएला की जनता और वहां के प्रशासन के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। इसके साथ ही भारत ने यह भी भरोसा दिलाया है कि यदि भविष्य में और सहायता की आवश्यकता होगी, तो देश हर संभव मदद के लिए तैयार रहेगा।

वेनेजुएला में भूकंप से मची तबाही की स्थिति

वेनेजुएला में आए इस भूकंप ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है, जिसकी भयावहता दिन-प्रतिदिन स्पष्ट होती जा रही है। नवीनतम आधिकारिक और मीडिया रिपोर्टों के हवाले से जानकारी मिली है कि इस विनाशकारी आपदा में अब तक कम से कम 2,595 लोगों की जान जा चुकी है। इसके अलावा, करीब 11,000 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका अलग-अलग स्थानों पर इलाज चल रहा है।

प्रारंभिक दौर में जारी किए गए सरकारी आंकड़ों में मरने वालों की संख्या केवल 164 बताई गई थी, लेकिन जैसे-जैसे मलबे को हटाने और राहत कार्यों का दायरा बढ़ाने का काम आगे बढ़ा, वैसे-वैसे हताहतों का आंकड़ा तेजी से बढ़ता चला गया और अब यह ढाई हजार को पार कर चुका है। बचाव दल अभी भी जमींदोज हो चुकी इमारतों के मलबे में फंसे संभावित जीवित लोगों की तलाश में दिन-रात अभियान चला रहे हैं।

गौरतलब है कि 24 जून 2026 को वेनेजुएला में इतिहास का सबसे भीषण भूकंप दर्ज किया गया था। उस दिन मात्र 39 सेकंड के बेहद कम अंतराल के भीतर धरती दो बार तेजी से कांप उठी थी। इनमें से पहले भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.2 मापी गई थी, जबकि उसके तुरंत बाद आए दूसरे झटके की तीव्रता 7.5 दर्ज की गई। इन दोनों शक्तिशाली भूकंपों का मुख्य केंद्र देश का उत्तरी-मध्य हिस्सा था। इसके तेज झटके देश की राजधानी कराकास समेत कई प्रमुख शहरों और दूरदराज के इलाकों में महसूस किए गए थे, जिससे भारी संख्या में बहुमंजिला इमारतें और रिहायशी मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गए।

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