हर्ष फायरिंग मामला: 'वह मेरी भाभी जैसी थीं...' सजा पर सुनवाई के दौरान कोर्ट में गिड़गिड़ाने लगे भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह

बिहार के साहेबगंज से भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह की सजा पर दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट शनिवार को अपना फैसला सुनाएगी। हर्ष फायरिंग के इस मामले में अदालत उन्हें पहले ही दोषी ठहरा चुकी है।

बिहार के साहेबगंज से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक राजू कुमार सिंह की मुश्किलें आने वाले समय में काफी बढ़ सकती हैं। दिल्ली की राऊज एवेन्यू अदालत शनिवार को सात साल पुराने हर्ष फायरिंग मामले में उनकी सजा की अवधि का निर्धारण करेगी। इस मामले में शुक्रवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई पूरी हो चुकी है, जिसके बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। सुनवाई के दौरान अदालत कक्ष में बेहद भावुक दृश्य देखने को मिला, जब भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह न्यायाधीश के सामने कम से कम सजा देने की गुहार लगाने लगे।

कोर्ट में विधायक की भावुक अपील: 'वह मेरी भाभी जैसी थीं'

विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने की अदालत में जब सजा के बिंदु पर जिरह शुरू हुई, तो विधायक राजू कुमार सिंह ने स्वयं को बेकसूर बताते हुए अदालत से नरमी बरतने की अपील की। विधायक ने अदालत के समक्ष अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, "मैंने जानबूझकर ऐसा कुछ नहीं किया। मेरा परिवार भी डांस फ्लोर पर मौजूद था, जिस महिला की मौत हुई, वह मेरे बड़े भाई के दोस्त की पत्नी डॉ. अर्चना गुप्ता थीं। हम उन्हें भाभी की तरह मानते थे। हमारे अपने परिवार के सदस्य की मौत हुई है। मुझे इस मामले में एक महीने तक जेल में भी रहना पड़ा है। मैंने अपने पूरे जीवन में कभी भी समाज के खिलाफ कोई काम नहीं किया है। मेरे इस अच्छे आचरण को ध्यान में रखते हुए मुझे कम से कम सजा दी जाए।"

क्या है सात साल पुराना यह पूरा मामला?

यह पूरा मामला करीब सात साल पुराना है, जब एक समारोह के दौरान हर्ष फायरिंग की गई थी। इस समारोह में बिहार के साहेबगंज से विधायक राजू कुमार सिंह भी शामिल हुए थे। जश्न के दौरान की गई इस हर्ष फायरिंग में दुर्भाग्यवश डॉ. अर्चना गुप्ता को गोली लग गई थी, जिसके बाद इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने राजू कुमार सिंह के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।

जून में कोर्ट ने सुनाया था दोषी करार देने का फैसला

इस मुकदमे में दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने इसी साल 6 जून को अपना महत्वपूर्ण फैसला सुनाया था। अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का गहन अध्ययन करने के बाद भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह को भारतीय दंड संहिता की धारा IPC की धारा 304 (भाग-दो) और आर्म्स एक्ट की धारा 30 के तहत दोषी करार दिया था। तभी से यह कयास लगाए जा रहे थे कि उन्हें इस मामले में कितनी सजा सुनाई जाएगी।

पत्नी सहित तीन सह-आरोपी हो चुके हैं बरी

इस मामले में राहत की बात केवल इतनी रही कि अदालत ने सबूतों के अभाव में मामले के अन्य सह-आरोपियों को पहले ही बरी कर दिया है। बरी होने वाले लोगों में भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह की धर्मपत्नी रेनू सिंह के अलावा राणा राजेश सिंह और रामेंद्र सिंह शामिल हैं। अदालत ने पाया था कि इन तीनों के खिलाफ आरोपों को साबित करने के लिए अभियोजन पक्ष के पास पर्याप्त और पुख्ता साक्ष्य उपलब्ध नहीं थे।

अब शनिवार को आने वाले अंतिम फैसले पर सभी की निगाहें टिकी हैं कि विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने दोषी करार दिए जा चुके भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह को कितनी सजा सुनाते हैं। इस फैसले का राजू सिंह के राजनीतिक करियर और साहेबगंज के राजनीतिक समीकरणों पर गहरा प्रभाव पड़ना तय माना जा रहा है।

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