अंतरराज्यीय बस चोर गिरफ्तार: नागपुर से चुराई सवा करोड़ की सरकारी बस, खुद ड्राइवर बनकर रास्ते में बैठाईं सवारियां

महाराष्ट्र के नागपुर में एक शातिर चोर चार्जिंग पर लगी सरकारी बस चोरी कर खुद ही उसे चलाने लगा और रास्ते में सवारियां भी बैठा लीं, जिसे पुलिस ने अमरावती में दबोच लिया।

महाराष्ट्र के नागपुर शहर से चोरी का एक ऐसा अनोखा मामला सामने आया है जिसने पुलिस प्रशासन और आम जनता दोनों को हैरान कर दिया है। यहां एक बेहद शातिर चोर ने नागपुर के इमामबाड़ा डिपो में चार्जिंग के लिए खड़ी एक सरकारी बस पर अपना हाथ साफ कर दिया। हैरान करने वाली बात यह है कि बस चोरी करने के बाद आरोपी खुद ही उसका ड्राइवर बन गया और नागपुर से अमरावती के रास्ते पर बाकायदा सवारियों को बस में बैठाते हुए आगे बढ़ता रहा। हालांकि, इस अंतरराज्यीय बस चोर की चालाकी ज्यादा देर नहीं चल सकी और अमरावती की राजा पेठ पुलिस की मुस्तैदी के कारण वह कानून के शिकंजे में आ गया।

अमरावती में दबोचा गया शातिर चोर

पुलिस की गिरफ्त में आए इस आरोपी की पहचान विष्णु गणपति निलावर के रूप में हुई है, जिसकी उम्र केवल 22 साल है। वह कोई साधारण अपराधी नहीं, बल्कि एक बेहद पेशेवर अंतरराज्यीय बस चोर है। उसने जो बस चुराई थी, वह स्टेट ट्रांसपोर्ट महामंडल की एक आधुनिक बस है जिसकी कीमत करीब 1 करोड़ 25 लाख रुपये बताई जा रही है। जब तक डिपो के सुरक्षाकर्मियों और कर्मचारियों को इस बड़ी चोरी की भनक लगती, तक तक आरोपी बड़ी आसानी से बस को नागपुर की सीमा से बाहर निकाल चुका था। चोरी की पुष्टि होने के बाद इमामबाड़ा डिपो के कर्मचारियों ने तुरंत गणेश पेठ पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई और अमरावती में उसे धर दबोचा गया।

चार्जिंग स्टेशन से रात को गायब हुई बस

यह पूरी घटना रात के समय की है। जानकारी के मुताबिक, आरोपी विष्णु गणपति निलावर ने रात करीब 1 बजे नागपुर के इमामबाड़ा बस स्टैंड पर चार्जिंग के लिए खड़ी इस सरकारी बस को निशाना बनाया। डिपो में सुरक्षा के बावजूद वह बस को वहां से चालू करके अमरावती की तरफ लेकर भाग निकला। चोरी का खुलासा तब हुआ जब अगली सुबह बस का असली चालक अपनी ड्यूटी पर पहुंचा। जब उसने पार्किंग क्षेत्र में बस को गायब पाया, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। चालक ने तुरंत इस बात की सूचना गणेश पेठ बस स्टैंड के डिपो मैनेजर को दी। जब वहां से भी बस के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली, तो तुरंत पुलिस स्टेशन जाकर मामले की प्राथमिकी दर्ज कराई गई।

GPS तकनीक से मिली सटीक लोकेशन

पुलिस ने शिकायत मिलते ही मामले की जांच शुरू की। आधुनिक तकनीक का सहारा लेते हुए जब बस में लगे GPS को ट्रैक किया गया, तो बस की लोकेशन अमरावती के पास दिखाई दी। नागपुर पुलिस ने तुरंत इसकी जानकारी अमरावती पुलिस को साझा की। सूचना मिलते ही अमरावती पुलिस ने मुस्तैदी दिखाई और नाकाबंदी कर बस समेत आरोपी को बीच रास्ते में ही रोक लिया। पुलिस ने आरोपी विष्णु गणपति निलावर को हिरासत में लेकर बस को अपने कब्जे में ले लिया और आगे की कार्रवाई के लिए उसे पुलिस स्टेशन लाया गया।

तीन राज्यों में चुरा चुका है 22 बसें

जांच में इस शातिर चोर के बारे में जो खुलासे हुए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। महज 22 साल का विष्णु अब तक देश के तीन राज्यों में चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुका है। उसने पूछताछ में कबूल किया है कि वह अब तक महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से कुल 22 बसें चुरा चुका है। उसके चोरी करने का तरीका बेहद अलग और योजनाबद्ध था:

  • आरोपी ने अकेले आंध्र प्रदेश से 20 बसें चुराई थीं।
  • इसके अलावा उसने महाराष्ट्र के नांदेड़ से 1 बस चोरी की थी।
  • वह बस चुराने के बाद उसे तुरंत कबाड़ में नहीं बेचता था, बल्कि 2 से 3 दिनों तक उसे सड़कों पर दौड़ाता था।
  • इस दौरान वह बस के कीमती उपकरण जैसे बैटरी, डिक्स और टायर निकाल लेता था।
  • इन कीमती हिस्सों को वह बाजार में बेचकर पैसे कमाता था और खाली बस को किसी सुनसान जगह पर लावारिस छोड़ देता था।

इस बार भी उसकी योजना इसी तरह से बस के कीमती पार्ट्स निकालकर बेचने की थी, लेकिन पुलिस की सतर्कता और बस में लगी आधुनिक तकनीक के कारण उसका यह खेल हमेशा के लिए खत्म हो गया।

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