भारत के बड़े हिस्से में मानसून ने अपनी रफ्तार पकड़ ली है, लेकिन इसके साथ ही यह कई राज्यों के लोगों के लिए बड़ी आफत बनकर आया है। महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न पहाड़ी और मैदानी राज्यों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण हालात बिगड़ते जा रहे हैं। कई शहरों में सड़कें तालाब में तब्दील हो चुकी हैं, तो वहीं ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़कें धंसने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसी बीच भारतीय मौसम विभाग यानी IMD ने देश के कई हिस्सों में आने वाले दिनों के लिए आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
पानी के तेज बहाव ने बढ़ाई मुश्किलें, बह गए लोग और वाहन
देश के प्रभावित इलाकों से लगातार डराने वाली तस्वीरें और वीडियो सामने आ रहे हैं। मूसलाधार बारिश की वजह से जलभराव इतना बढ़ गया है कि पानी की तेज धाराओं में लोगों के साथ-साथ वाहन भी बहते हुए दिखाई दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में देखा जा सकता है कि पानी का बहाव इतना खतरनाक था कि देखते ही देखते दो लोग एक के बाद एक उस तेज धारा में बह गए। इसी तरह एक अन्य घटना में सड़क के किनारे खड़ा एक रिक्शा पानी के तेज बहाव में किसी कागज के खिलौने की तरह बहता हुआ नजर आया। कई शहरी इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया है, जिससे लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है।
महाराष्ट्र के कई जिलों में जलप्रलय जैसे हालात
पश्चिम भारत के महाराष्ट्र राज्य में बारिश ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई है। राज्य के भिवंडी क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बाद सड़कों पर 3 से 4 फीट तक पानी भर गया है। यह पानी लोगों के घरों और व्यावसायिक दुकानों में घुस गया है, जिससे भारी नुकसान हुआ है और दैनिक जनजीवन ठप पड़ गया है। वहीं रत्नागिरी जिले से भूस्खलन की खबर आई है, जहां मुंबई-गोवा हाईवे पर स्थित नेवली घाट में भारी मलबा सड़क पर आ गिरा। इस भूस्खलन के कारण हाईवे पर यातायात को पूरी तरह से रोकना पड़ा। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने संबंधित क्षेत्रों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।
पालघर में हाइवे पर यातायात हुआ ठप
महाराष्ट्र के पालघर जिले में भी पिछले दो दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है। इस बारिश के कारण मुंबई-अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर पानी भर गया, जिससे इस महत्वपूर्ण मार्ग पर वाहनों का परिचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ। मुंबई के प्रसिद्ध गांधी मार्केट इलाके की सड़कें भी पूरी तरह जलमग्न हो गईं, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को भीषण ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा। उधर नवी मुंबई में बारिश के दौरान असंतुलन बिगड़ने से एक ओवरलोड ट्रक सड़क के बीचों-बीच पलट गया, जिससे काफी देर तक रास्ता बंद रहा।
गुजरात में पानी के तेज बहाव में बहे लोग और रिक्शा
गुजरात राज्य भी इस समय भारी मानसूनी बारिश की चपेट में है। जामनगर जिले के जामजोधपुर में पानी का बहाव इतना भीषण था कि वहां एक यात्री रिक्शा पानी में बह गया। इस हादसे के दौरान दो लोग भी पानी की तेज धार में बहने लगे। हालांकि, वहां मौजूद स्थानीय लोगों की तत्परता और बहादुरी के कारण एक व्यक्ति ने दोनों को पानी से सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और किसी को गंभीर चोट नहीं आई। राज्य के विभिन्न हिस्सों में लगातार हो रही बारिश से नदियों और स्थानीय नहरों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है।
सूरत में पहली बारिश ने खोली नगर प्रशासन की पोल
खुद को स्मार्ट सिटी कहने वाले गुजरात के सूरत शहर में मानसून की पहली ही तेज बारिश ने स्थानीय नगर निगम और प्रशासन के दावों की हवा निकाल दी। शहर के कई रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों में घुटनों तक जलभराव हो गया। इसके अलावा, शहर की सड़कें कई जगहों पर 100 से 700 मीटर तक धंस गईं। इन धंसी हुई सड़कों के बड़े गड्ढों में कई गाड़ियां फंस गईं, जिससे स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी देखी गई।
मध्य प्रदेश के जबलपुर में नाला पार करते समय दर्दनाक हादसा
मध्य प्रदेश से भी भारी बारिश के बीच एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। जबलपुर जिले के बेलखेड़ा थाना क्षेत्र में उफनते नाले को पार करते समय एक बड़ा हादसा हो गया। महगवां से बरमान के रास्ते बेलखेड़ा की ओर जा रही एक बोलेरो गाड़ी उफनते हुए नाले के तेज बहाव की चपेट में आ गई। इस वाहन में चालक समेत कुल 4 लोग सवार थे। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। रेस्क्यू टीम ने तत्परता दिखाते हुए वाहन में फंसे तीन लोगों को सुरक्षित बचा लिया, लेकिन वाहन के चालक को नहीं बचाया जा सका और पानी में डूबने से उसकी मौत हो गई। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, चालक ने नाले के ऊपर बह रहे पानी के स्तर को कम आंका और गाड़ी आगे बढ़ा दी, जो तेज बहाव में बह गई। बाद में पानी का स्तर कम होने पर गाड़ी और चालक के शव को बाहर निकाला गया।
लाहौल-स्पीति में BRO के जवानों ने बचाई मरीज की जान
देश के पर्वतीय क्षेत्रों में भी मौसम का मिजाज बेहद सख्त बना हुआ है। हिमाचल प्रदेश के दुर्गम लाहौल-स्पीति जिले में खराब मौसम और भारी बारिश के बीच सीमा सड़क संगठन यानी BRO के जवानों ने मानवता की मिसाल पेश की। जवानों ने बेहद कठिन परिस्थितियों और जानलेवा रास्तों के बीच एक गंभीर मरीज का सफल रेस्क्यू किया। लाहौल घाटी में फंसे इस मरीज को बीआरओ के जवानों ने क्रेन की मदद से सुरक्षित निकाला और अस्पताल पहुंचाया, जिससे उसकी जान बचाई जा सकी।
कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए देश के कई हिस्सों में मौसम के और बिगड़ने की आशंका जताई है। IMD द्वारा जारी की गई चेतावनी के अनुसार निम्नलिखित राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश, तेज हवाएं और आंधी-तूफान आने की संभावना है:
- महाराष्ट्र और गुजरात
- मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़
- हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड
- पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश
प्रशासन ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए आम जनता से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों, उफनते नालों, नदियों और पहाड़ी ढलानों से दूर रहें। बहुत जरूरी होने पर ही यात्रा की योजना बनाएं और मौसम विभाग तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी किए जाने वाले सुरक्षा निर्देशों का कड़ाई से पालन करें। देश के इन हिस्सों में मानसून अब राहत देने के बजाय लोगों के लिए आफत का सबब बनता जा रहा है।
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