पुडुचेरी में हुए बहुचर्चित और देश को हिला देने वाले 5,000 करोड़ रुपये के नकली दवा घोटाले में फंसे हरियाणा कैडर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी (IPS) दीपक गहलावत की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। दिल्ली की एक विशेष अदालत ने इस मामले में गिरफ्तार आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत को झटका देते हुए उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की तरफ से आरोपी पुलिस अधिकारी की हिरासत अवधि को बढ़ाने के लिए कोर्ट में अर्जी दी गई थी, जिसे माननीय अदालत ने साफ तौर पर ठुकरा दिया। इस बेहद गंभीर और बड़े घोटाले में अधिकारी पर मुख्य आरोपियों को बचाने और जांच में रियायत देने के बदले में करोड़ों रुपये की भारी-भरकम रिश्वत मांगने का संगीन आरोप लगा है।
सीबीआई की रिमांड बढ़ाने की याचिका खारिज, कोर्ट ने भेजा जेल
दिल्ली की विशेष सीबीआई अदालत ने जांच एजेंसी की उस अर्जी को नामंजूर कर दिया जिसमें दीपक गहलावत की रिमांड अवधि बढ़ाने की मांग की गई थी। सीबीआई ने अदालत के समक्ष बेहद मजबूती से अपनी दलील रखी और कहा कि इस बड़े नकली दवा घोटाले के पीछे छिपी एक बहुत बड़ी साजिश का पर्दाफाश करना अभी बाकी है। जांच एजेंसी का यह भी कहना था कि उन्हें इस बात का बारीकी से पता लगाना है कि रिश्वत के इस पैसे का मुख्य स्रोत क्या है, इसे कहां से लाया गया था और इस पूरे मामले के पीछे असली फायदा उठाने वाले लोग कौन-कौन हैं।
जांच एजेंसी ने कोर्ट को यह भी दलील दी कि इस मामले के अन्य सह-आरोपियों के साथ दीपक गहलावत को आमने-सामने बिठाकर सघन पूछताछ किए जाने की बेहद जरूरत है, ताकि इस पूरे नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके। हालांकि, मामले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश सुशांत चंगोत्रा ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की इन दलीलों को हिरासत बढ़ाने के लिए पर्याप्त आधार नहीं माना और उनकी याचिका को खारिज करते हुए आरोपी अधिकारी को सीधे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का निर्देश जारी कर दिया। एक दिन की सीबीआई हिरासत खत्म होने के बाद गहलावत को शाम लगभग चार बजे अदालत के समक्ष पेश किया गया था।
कौन हैं आईपीएस दीपक गहलावत? जानिए उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि
इस बड़े मामले में नाम सामने आने के बाद हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत कौन हैं और उनकी पृष्ठभूमि क्या है। दीपक गहलावत का संबंध मूल रूप से हरियाणा से है। वह हरियाणा के सोनीपत जिले के रहने वाले हैं और उनका पैतृक स्थान वहां का निजामपुर माजरा गांव है। दीपक 2012 बैच के हरियाणा कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। उनके परिवार का पहले से ही सरकारी सेवाओं और पुलिस महकमे से बहुत गहरा नाता रहा है।
दीपक गहलावत के पारिवारिक बैकग्राउंड पर नजर डालें तो उनके पिता भी पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनके पिता ने हरियाणा पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के पद से अपना सेवाकाल शुरू किया था और बाद में पदोन्नत होकर वे इंस्पेक्टर के पद तक पहुंचे थे। इसके अलावा, दीपक की मां भी एक सरकारी कर्मचारी रही हैं। केवल माता-पिता ही नहीं, बल्कि दीपक गहलावत की पत्नी भी देश की एक अत्यंत प्रतिष्ठित सेवा का हिस्सा हैं। वह IRS (भारतीय राजस्व सेवा) की अधिकारी हैं और वर्तमान समय में हरियाणा के गुरुग्राम में आयकर आयुक्त के बेहद महत्वपूर्ण पद पर तैनात हैं।
सैनिक स्कूल से पढ़ाई और आईआईटी रुड़की से हासिल की इंजीनियरिंग डिग्री
दीपक गहलावत की शुरुआती शिक्षा-दीक्षा हरियाणा के सोनीपत से ही हुई। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सोनीपत के डीएवी पब्लिक स्कूल से पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने आगे की पढ़ाई के लिए करनाल के सुप्रसिद्ध कुंजपुरा सैनिक स्कूल में दाखिला लिया था, जहां से उन्होंने अनुशासित माहौल में अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। इसके बाद उन्होंने देश के सबसे प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में से एक, आईआईटी रुड़की से अपनी इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की थी।
उच्च शिक्षा और इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद दीपक ने देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा को पास किया और उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए हुआ। अपने सेवाकाल के दौरान उन्होंने हरियाणा के कई प्रमुख जिलों, विशेष रूप से गुरुग्राम में पुलिस अधीक्षक (SP) और पुलिस उपायुक्त (DCP) के रूप में अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। इसके अलावा, वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) में क्षेत्रीय निदेशक के तौर पर भी कार्य कर चुके हैं।
खेलों में भी चमके थे दीपक, अमेरिका में जीता था कांस्य पदक
दीपक गहलावत केवल पढ़ाई-लिखाई और पुलिसिंग में ही नहीं, बल्कि खेल के मैदान पर भी अपनी ताकत का प्रदर्शन कर चुके हैं। साल 2025 में अमेरिका के अलबामा में आयोजित हुए 'वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स' में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था। इस वैश्विक खेल प्रतियोगिता में उन्होंने 35 वर्ष से अधिक की आयु वर्ग में हिस्सा लिया था। उन्होंने 74 किलोग्राम भार वर्ग की पुश-पुल स्पर्धा में हिस्सा लेकर देश के लिए कांस्य पदक हासिल किया था और अपनी खेल प्रतिभा का लोहा मनवाया था।
क्या हैं आईपीएस दीपक गहलावत पर आरोप?
पुडुचेरी में उजागर हुए इस 5,000 करोड़ रुपये के नकली दवा घोटाले में दीपक गहलावत पर लगे आरोप बेहद चौंकाने वाले हैं। सीबीआई की जांच में यह बात सामने आई है कि वह घोटाले के मुख्य आरोपियों को जांच की आंच से बचाने के लिए और उन्हें कानूनी रूप से राहत दिलाने के नाम पर बड़ी घूस की मांग कर रहे थे। जांच एजेंसी द्वारा लगाए गए मुख्य आरोप इस प्रकार हैं:
- आरोप है कि आईपीएस दीपक गहलावत ने इस पूरे मामले के मुख्य आरोपी एन. राजा को सीबीआई की गहन जांच से बचाने और मामले को हल्का करने का पक्का वादा किया था।
- इस बड़ी मदद और राहत के बदले उन्होंने आरोपी से कथित तौर पर 3 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रिश्वत की मांग की थी।
- सीबीआई का आरोप है कि मांगी गई इस बड़ी रिश्वत की राशि में से 1 करोड़ रुपये का भुगतान पहले ही हवाला नेटवर्क के जरिए संदिग्धों तक पहुंचा दिया गया था।
फिलहाल, दिल्ली की अदालत से झटका लगने के बाद आरोपी आईपीएस अधिकारी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। उधर, सीबीआई इस गंभीर मामले के वित्तीय लेनदेन, हवाला नेटवर्क और इस बड़ी साजिश में शामिल अन्य किरदारों का पर्दाफाश करने के लिए लगातार अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है।
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