मिथुन संक्रांति 2026: 15 जून को सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग, जानें सूर्य प्रवेश और महा पुण्यकाल का समय

साल 2026 में मिथुन संक्रांति 15 जून को मनाई जाएगी, जब सूर्य दोपहर 12 बजकर 58 मिनट पर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बनने से दान, पूजा और शुभ कार्यों का महत्व और बढ़ जाएगा।

वैदिक ज्योतिष में सूर्य को ग्रहों का राजा कहा गया है और उनका हर राशि परिवर्तन खास अहमियत रखता है। जब सूर्य देव वृषभ राशि को छोड़कर मिथुन राशि में कदम रखते हैं, तब मिथुन संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। यह तिथि सूर्य उपासना, स्नान, दान और पुण्य कर्मों के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। साल 2026 में यह पर्व 15 जून को आ रहा है और इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का भी निर्माण हो रहा है, जिससे इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है।

सूर्य कब करेंगे मिथुन राशि में प्रवेश

वैदिक पंचांग के अनुसार सूर्य देव 15 जून 2026 को दोपहर 12 बजकर 58 मिनट पर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। इसी राशि परिवर्तन के साथ मिथुन संक्रांति का शुभ पर्व आरंभ होगा। सनातन परंपरा में सूर्य के गोचर को ऊर्जा, सफलता और तरक्की का प्रतीक माना जाता है।

मिथुन संक्रांति 2026 का पुण्यकाल

संक्रांति के दिन पुण्यकाल और महा पुण्यकाल की विशेष मान्यता है। इस अवधि में किए गए दान, जप और पूजा-पाठ को बेहद फलदायी माना जाता है।

  • पुण्यकाल: दोपहर 12:59 बजे से शाम 7:20 बजे तक
  • महा पुण्यकाल: दोपहर 12:59 बजे से 3:19 बजे तक

बनेगा सर्वार्थ सिद्धि योग

इस बार मिथुन संक्रांति पर सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग भी बन रहा है। यह योग सुबह 5:23 बजे से 7:08 बजे तक प्रभावी रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में इसे नए कामों की शुरुआत, पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए लाभकारी बताया गया है।

इस दिन जरूर करें सूर्य पूजा

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक मिथुन संक्रांति के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करना चाहिए। इसके बाद जल में लाल चंदन, अक्षत, कुमकुम और लाल पुष्प मिलाकर सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए। माना जाता है कि ऐसा करने से करियर और कारोबार में आने वाली रुकावटें दूर होती हैं और रुके हुए कामों को गति मिलती है।

दान का महत्व

मिथुन संक्रांति पर चावल, गेहूं और गुड़ जैसी वस्तुओं का दान शुभ माना गया है। इसके साथ ही छाता, सूती वस्त्र, चप्पल और पंखा दान करने की भी परंपरा रही है। मान्यता है कि इस दिन इन चीजों का दान करने से जीवन में किसी भी वस्तु की कमी नहीं रहती।

सूर्य देव की विशेष कृपा कैसे पाएं

सूर्य भगवान की विशेष कृपा पाने के लिए मिथुन संक्रांति के दिन सूर्य मंत्रों का जप, आदित्य हृदय स्तोत्र और सूर्य चालीसा का पाठ करना भी लाभकारी बताया गया है। धार्मिक मान्यता है कि इससे व्यक्ति को यश, सम्मान और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

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