किसानों की मेहनत होगी कम, बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी का कमाल, पीठ पर टंगने वाला स्प्रेयर करेगा घंटों का काम मिनटों में

बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी ने खेती के काम को आसान बनाने के लिए एक खास मोटराइज्ड स्प्रे बैग विकसित किया है, जो किसानों को कीटनाशक और खाद के छिड़काव में बड़ी राहत देगा।

खेती के काम में तकनीकी नवाचार

खेती-किसानी के काम में कीटनाशक और तरल खाद का छिड़काव करना अक्सर किसानों के लिए एक थकाऊ और चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। इसी समस्या को हल करने के उद्देश्य से बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी ने एक विशेष मशीन तैयार की है। यह एक बैग के आकार का स्प्रेयर है जिसे आसानी से पीठ पर टांगा जा सकता है। यह उपकरण उन किसानों के लिए विशेष रूप से मददगार है जो दो से तीन एकड़ जमीन पर खेती करते हैं और अक्सर छिड़काव के लिए मजदूरों पर निर्भर रहते हैं। इस नई तकनीक से किसान अब अपने खेत का काम केवल एक घंटे के भीतर ही पूरा करने में सक्षम होंगे।

मशीन की विशेषताएं और डिजाइन

इस स्प्रेयर बैग को डिजाइन करते समय किसानों के आराम का पूरा ध्यान रखा गया है। इसके बारे में जानकारी देते हुए टेक्नीशियन रौनक बताते हैं कि इसमें एक आरामदायक और गद्देदार बैकपैक दिया गया है, जिसे कंधे पर टांगने के बाद कमर के पास बेल्ट से बांधा जा सकता है। इससे वजन कंधों पर अधिक महसूस नहीं होता और मशीन काम करते समय अपनी जगह से हिलती नहीं है। इसकी क्षमता की बात करें तो इसमें एक बार में 25 लीटर कीटनाशक या तरल खाद भरी जा सकती है। हालांकि, यदि किसी किसान को अधिक वजन महसूस होता है, तो वे अपनी सुविधा के अनुसार 10 लीटर की मात्रा भरकर भी एक एकड़ जमीन में आराम से छिड़काव कर सकते हैं।

बेहतरीन मोटर और लंबी दूरी का छिड़काव

इस स्प्रेयर की सबसे प्रमुख खासियत इसमें लगी मोटर है, जो छिड़काव के लिए आवश्यक दबाव पैदा करती है। पाइप के निचले हिस्से में एक छोटी मोटर लगी हुई है, जो बैटरी पर संचालित होती है। इस तकनीक का सबसे बड़ा लाभ यह है कि किसान को बार-बार इधर-उधर भागने की जरूरत नहीं पड़ती। एक स्थान पर खड़े रहकर ही वे 20 से 25 फीट दूर तक आसानी से कीटनाशक या लिक्विड खाद का छिड़काव कर सकते हैं। बैटरी की बैकअप क्षमता भी काफी अच्छी है, जो किसानों के रोजाना के एक से दो घंटे के काम को बहुत सहज बना देती है।

कीमत और कहां से प्राप्त करें

आधुनिक सुविधाओं से लैस इस मोटराइज्ड स्प्रे बैग की कीमत ₹15,000 तय की गई है। यदि कोई किसान इस मशीन के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहता है या इसका लाइव डेमो देखना चाहता है, तो वह सीधे बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी परिसर में संपर्क कर सकता है। वहां जाकर किसान कृषि यंत्र विभाग के माध्यम से इस उपकरण को देख सकते हैं और छिड़काव की अन्य उन्नत मशीनों की भी जानकारी ले सकते हैं। यह प्रयास कृषि कार्यों को तकनीकी रूप से सक्षम और कम श्रमसाध्य बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

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