पंजाब कांग्रेस में संगठन बदलाव से नाराज हुए चरणजीत सिंह चन्नी, समर्थकों के साथ बुलाई बैठक

पंजाब कांग्रेस द्वारा की गई नई नियुक्तियों से पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने असंतोष जताया है, जिसके चलते उन्होंने शुक्रवार को अपने समर्थकों की एक विशेष बैठक बुलाई है।

संगठन में बदलाव से चन्नी का असंतोष

पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस ने अपनी संगठनात्मक संरचना में बड़े फेरबदल किए हैं। पार्टी के इस फैसले के बाद से ही पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की नाराजगी की खबरें सामने आ रही हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, संगठन में नियुक्तियों को लेकर चन्नी आलाकमान के फैसलों से पूरी तरह सहमत नहीं हैं। इस स्थिति के मद्देनजर उन्होंने शुक्रवार को सुबह 11 बजे अपने गृह क्षेत्र मोरिंडा में अपने करीबी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है।

गौर करने वाली बात यह है कि जब से उन्हें चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है, तब से चरणजीत सिंह चन्नी ने सार्वजनिक रूप से चुप्पी साध रखी है। उन्होंने मीडिया से भी दूरी बना ली है, जिससे सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि वे पार्टी के नए समीकरणों से खुश नहीं हैं।

राजा वडिंग और प्रताप सिंह बाजवा की भूमिका बरकरार

कांग्रेस हाईकमान ने पंजाब में संगठन को व्यवस्थित करने के लिए बुधवार को अपनी अंतिम टीम की घोषणा की। इस फेरबदल में पार्टी ने अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष और प्रताप सिंह बाजवा को पंजाब विधानसभा में विपक्ष का नेता बनाए रखने का निर्णय लिया है। इन नियुक्तियों के साथ ही उन कयासों पर विराम लग गया है, जिनमें पिछले कुछ हफ्तों से राज्य नेतृत्व में बड़े बदलाव की चर्चा हो रही थी।

पार्टी ने सौंपी नई जिम्मेदारियां

वर्ष 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों की तैयारी के लिए कांग्रेस ने कई नेताओं को अहम पद दिए हैं। पार्टी ने सुखविंदर डैनी, राज कुमार वेरका और ओबीसी नेता संगत सिंह गिलजियां को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी है। इनमें डैनी और वेरका का अनुसूचित जाति में अच्छा प्रभाव माना जाता है।

पार्टी की अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियां इस प्रकार हैं:

  • चरणजीत सिंह चन्नी को चुनाव अभियान समिति का प्रमुख बनाया गया है।
  • सुखजिंदर रंधावा को कोर कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
  • विजय इंदर सिंघला चुनाव प्रबंधन एवं समन्वय समिति के अध्यक्ष होंगे।
  • अमर सिंह को घोषणापत्र समिति का जिम्मा सौंपा गया है।

इसके अलावा, वरिष्ठ नेताओं जैसे सुखपाल सिंह खैरा, राणा गुरजीत सिंह और धर्मवीर गांधी को चुनाव अभियान समिति का सह-अध्यक्ष बनाया गया है। चुनाव प्रबंधन एवं समन्वय समिति में ओ.पी. सोनी, रजिया सुल्ताना, कुलजीत सिंह नागरा, अंगद सिंह सैनी और भारत भूषण आशु को सह-अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया है। वहीं, घोषणा पत्र समिति की सह-अध्यक्षता का कार्य गुरजीत सिंह औजला, परगट सिंह, हरदयाल सिंह कंबोज और सुखविंदर सिंह सरकारिया को मिला है।

गुटबाजी रोकने की कवायद

कांग्रेस पार्टी ने इन नियुक्तियों के जरिए पंजाब में व्याप्त गुटबाजी को खत्म करने का प्रयास किया है। हालांकि, पूर्व में भी चरणजीत सिंह चन्नी ने दलित नेताओं की अनदेखी का मुद्दा उठाकर अपना विरोध जताया था। अब एक बार फिर संगठन में हुए बदलावों के बाद उनकी यह नाराजगी पार्टी के लिए चुनौती बन सकती है।

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