गर्मियों के मौसम में ठंडी और रसीली चीजें खाना हर किसी को पसंद होता है। ऐसे में अनानास एक ऐसा फल है, जो अपने अनोखे खट्टे-मीठे स्वाद और ढेर सारे पोषक तत्वों के लिए बड़े चाव से खाया जाता है। यह फल न केवल शरीर को ताजगी देता है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद गुणकारी माना जाता है। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि जैसे ही आप अनानास का एक टुकड़ा अपने मुंह में रखते हैं, आपकी जीभ, होंठों या मसूड़ों में एक अजीब सी झनझनाहट, खुजली या हल्की जलन महसूस होने लगती है? कई बार तो ऐसा लगता है जैसे जीभ छिल गई हो।
अक्सर लोग इस असहजता को देखकर डर जाते हैं और इसे किसी तरह की एलर्जी समझ बैठते हैं। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि इसके पीछे कोई बीमारी या एलर्जी नहीं, बल्कि एक बेहद दिलचस्प वैज्ञानिक कारण काम करता है। आइए विस्तार से समझते हैं कि आखिर अनानास खाने के बाद मुंह में यह अजीब सी प्रतिक्रिया क्यों होती है और इससे बचने के क्या उपाय हैं।
जीभ में होने वाली इस जलन की असली वजह क्या है?
जब आप अनानास खाते हैं और आपकी जीभ में जलन होने लगती है, तो इसके लिए जिम्मेदार होता है इसमें पाया जाने वाला एक खास तरह का प्राकृतिक एंजाइम, जिसे ब्रोमेलैन कहा जाता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए, तो ब्रोमेलैन वास्तव में एक ऐसा एंजाइम है जो प्रोटीन को पचाने या उसे तोड़ने का काम करता है। इस एंजाइम का इस्तेमाल मीट यानी मांस को नरम और मुलायम बनाने के लिए भी किया जाता है।
अब सवाल उठता है कि यह हमारी जीभ पर कैसे असर करता है? दरअसल, हमारी जीभ, होंठ और मुंह का अंदरूनी हिस्सा प्रोटीन और अमीनो एसिड से बना होता है। जब हम ताजा अनानास चबाते हैं, तो उसमें मौजूद सक्रिय ब्रोमेलैन हमारी जीभ और मुंह की नाजुक सतह पर मौजूद प्रोटीनों के साथ प्रतिक्रिया करने लगता है। एक तरह से यह एंजाइम हमारी जीभ की ऊपरी सतह के प्रोटीन को आंशिक रूप से तोड़ने की कोशिश करता है। इसी जैविक प्रक्रिया के कारण हमें मुंह में झनझनाहट, खुजली, संवेदनशीलता या जलन का अहसास होता है। सरल शब्दों में कहें तो, जब आप अनानास को खा रहे होते हैं, तब अनानास भी आपकी जीभ पर अपना असर दिखा रहा होता है।
क्या यह जलन हमारे शरीर के लिए नुकसानदेह है?
ज्यादातर लोगों के मन में यह शंका उठती है कि क्या इस तरह की जलन से शरीर को कोई नुकसान पहुंच सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, अनानास खाने के बाद होने वाली यह हल्की जलन या झुनझुनी पूरी तरह से सामान्य और अस्थाई होती है। जैसे ही आप अनानास खाना बंद करते हैं, हमारा लार उस एंजाइम को साफ कर देता है और मुंह की कोशिकाएं खुद को तेजी से ठीक कर लेती हैं। कुछ ही मिनटों में यह परेशानी अपने आप पूरी तरह ठीक हो जाती है।
हालांकि, हर मामले में इसे सामान्य नहीं माना जा सकता। यदि अनानास खाने के तुरंत बाद आपको शरीर पर लाल चकत्ते, जीभ, होंठ या गले में बहुत तेज सूजन, सांस लेने में तकलीफ, चक्कर आना या अत्यधिक बेचैनी जैसी गंभीर समस्याएं महसूस होने लगें, तो इसे नजरअंदाज बिल्कुल न करें। यह सामान्य जलन नहीं, बल्कि एक गंभीर एलर्जिक रिएक्शन यानी एलर्जी की प्रतिक्रिया का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति को बिना समय गंवाए तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए और उचित इलाज लेना चाहिए।
सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है अनानास
भले ही अनानास खाने से थोड़ी देर के लिए मुंह में झनझनाहट होती हो, लेकिन इसके स्वास्थ्य लाभों को देखते हुए इसे डाइट से बाहर नहीं किया जा सकता। अनानास पोषक तत्वों का एक बेहतरीन खजाना है।
- इम्यूनिटी मजबूत बनाना: अनानास में विटामिन C प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है।
- पाचन तंत्र को सुधारना: इसमें मौजूद ब्रोमेलैन एंजाइम भोजन में मौजूद प्रोटीन को आसानी से पचाने में मदद करता है, जिससे पाचन क्रिया सुचारू रूप से काम करती है।
- एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर: अनानास में उच्च मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो शरीर को हानिकारक फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं और पुरानी बीमारियों के जोखिम को कम करते हैं।
- हड्डियों और त्वचा के लिए लाभकारी: इसमें पाए जाने वाला मैंगनीज़ हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है, जबकि विटामिन C त्वचा में चमक लाता है और उसे स्वस्थ रखता है।
अनानास खाते समय जलन से बचने के आसान और असरदार उपाय
अगर आप अनानास के स्वाद और इसके पोषक तत्वों का पूरा आनंद लेना चाहते हैं और साथ ही मुंह में होने वाली जलन से भी बचना चाहते हैं, तो आप निम्नलिखित आसान तरीकों को अपना सकते हैं:
- पका हुआ अनानास ही चुनें: हमेशा अच्छी तरह से पका हुआ अनानास ही खरीदें। कच्चे या कम पके हुए अनानास में ब्रोमेलैन एंजाइम की मात्रा बहुत अधिक और सक्रिय होती है, जिससे जलन का खतरा बढ़ जाता है। पका हुआ फल मीठा होता है और उसमें इस एंजाइम का प्रभाव थोड़ा कम होता है।
- नमक के पानी का इस्तेमाल करें: अनानास काटने के बाद उसके टुकड़ों को कुछ मिनटों के लिए हल्के गुनगुने या सामान्य नमक वाले पानी में भिगोकर रख दें। नमक ब्रोमेलैन एंजाइम की सक्रियता को कम करने में मदद करता है, जिससे खाने पर जलन नहीं होती।
- डेयरी उत्पादों के साथ खाएं: अनानास को दही, क्रीम या अन्य डेयरी प्रोडक्ट्स के साथ मिलाकर खाया जा सकता है। ऐसा करने से ब्रोमेलैन एंजाइम जीभ के प्रोटीन के बजाय डेयरी उत्पाद में मौजूद प्रोटीन के साथ क्रिया कर लेता है, जिससे आपकी जीभ सुरक्षित रहती है।
- एक बार में सीमित मात्रा में खाएं: किसी भी चीज की अति नुकसानदेह होती है। इसलिए एक बार में बहुत अधिक मात्रा में अनानास खाने से बचें। सीमित मात्रा में खाने से जीभ पर जलन का अनुभव बहुत कम या न के बराबर होता है।
संक्षेप में कहें तो, अनानास खाने पर होने वाली जीभ की जलन कोई बड़ी बीमारी नहीं बल्कि केवल ब्रोमेलैन एंजाइम की एक प्राकृतिक रासायनिक प्रक्रिया है। इसलिए, अगली बार जब आप इस स्वादिष्ट फल का सेवन करें, तो इन छोटी-छोटी सावधानियों को ध्यान में रखें और बिना किसी असुविधा के इसके लाजवाब स्वाद का आनंद लें।
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