इंदौर में सड़क के बीच हुई खुदाई
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी के रूप में मशहूर इंदौर शहर से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने स्थानीय लोगों के साथ-साथ सोशल मीडिया यूजर्स को भी अचंभित कर दिया है। आमतौर पर बोरिंग या पानी के लिए खुदाई खेतों में या फिर किसी खाली प्लॉट में की जाती है, लेकिन इंदौर में एक ऐसी जगह बोरिंग की गई है जो लोगों के चर्चा का विषय बन गई है। यहां किसी खाली जगह पर नहीं, बल्कि पक्की सड़क के बिल्कुल बीचों-बीच बोरिंग मशीन से गड्ढा खोदकर पाइप डाल दिया गया है। देश के सबसे स्वच्छ शहर का तमगा हासिल करने वाले इंदौर में निगम और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी इस घटना के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
क्यों पड़ी बीच सड़क पर बोरिंग की जरूरत?
इस अजीबोगरीब वाकये पर जब प्रशासनिक दावों की पोल खुली, तो सफाई के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आगे आना पड़ा। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस क्षेत्र में पानी की गंभीर समस्या लंबे समय से बनी हुई थी। बताया जा रहा है कि सड़क के एक किनारे पर ड्रेनेज लाइन बिछी हुई है, जबकि दूसरे किनारे पर गैस पाइपलाइन का जाल है। ऐसे में बोरिंग करने के लिए कोई सुरक्षित और उपयुक्त जगह नहीं मिल पा रही थी। इसी तकनीकी मजबूरी और जगह की कमी का हवाला देकर बीच सड़क को ही बोरिंग के लिए चुन लिया गया।
बीजेपी पार्षद ने दी अपनी सफाई
इस पूरे मामले पर स्थानीय बीजेपी पार्षद राजीव जैन ने स्थिति स्पष्ट की है। उनका कहना है कि पिछले एक-दो साल से स्थानीय निवासियों को पानी के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ रही थी। इससे पहले एक बोरिंग गार्डन में मौजूद था, जिससे पानी की आपूर्ति की जाती थी, लेकिन वह नाकाफी साबित हो रहा था। राजीव जैन के मुताबिक, उन्होंने इस संबंध में स्थानीय विधायक से निवेदन किया था, जिसके बाद एक सरकारी बोरिंग स्वीकृत किया गया।
पार्षद के अनुसार, जब बोरिंग का काम शुरू होने वाला था, तब ड्रेनेज और गैस पाइपलाइन की मौजूदगी के कारण किसी भी तरफ जगह नहीं थी। आखिर में सभी के विचार-विमर्श और बोरिंग करने वाले ठेकेदार की सलाह पर यह निर्णय लिया गया कि इसे सड़क के बीच में ही किया जाए ताकि अन्य पाइपलाइनों को नुकसान न पहुंचे। पार्षद का दावा है कि उन्होंने इस बोरिंग को बीच में इसीलिए करवाया है ताकि यह भविष्य में दिखाई न दे।
सड़क को समतल करने का आश्वासन
लोगों को हो रही परेशानी और सड़क की स्थिति को लेकर पार्षद राजीव जैन ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही इसे ठीक कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि काम पूरा होने के बाद चैंबर बनाकर सड़क के इस हिस्से को पूरी तरह से समतल कर दिया जाएगा, ताकि वाहनों की आवाजाही में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो। पार्षद का यह भी दावा है कि अभी भी सड़क के बीच में बोरिंग होने के बावजूद स्थानीय निवासियों या राहगीरों को किसी भी तरह की कोई समस्या नहीं हो रही है। हालांकि, इस मामले ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल पैदा कर दी है और कांग्रेस ने इस विचित्र व्यवस्था पर सवाल उठाना शुरू कर दिया है।
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