पाकिस्तान की ISI का फंडिंग एजेंट गिरफ्तार, राजस्थान CID को मिली बड़ी कामयाबी

राजस्थान पुलिस की सीआईडी इंटेलिजेंस ने महाराष्ट्र के औरंगाबाद से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के एक फंडिंग एजेंट को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पहले गिरफ्तार किए गए दो जासूसों से मिले इनपुट के बाद की गई है।

राजस्थान पुलिस की बड़ी कार्रवाई

जासूसी के एक गंभीर मामले में राजस्थान पुलिस की सीआईडी इंटेलिजेंस विंग ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए महाराष्ट्र के औरंगाबाद से आईएसआई के एक फंडिंग एजेंट को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी देश के खिलाफ जासूसी गतिविधियों में शामिल लोगों को वित्तीय मदद मुहैया कराने का काम करता था। सीआईडी की इस कार्रवाई से एक ऐसे महत्वपूर्ण फाइनेंशियल नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, जिसका इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। अतिरिक्त महानिदेशक यानी एडीजी इंटेलिजेंस प्रफुल्ल कुमार के अनुसार, यह गिरफ्तारी जनवरी 2026 में आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, 1923 के तहत दर्ज किए गए एक मामले की कड़ी का हिस्सा है।

पहले गिरफ्तार हुए थे दो जासूस

पुलिस को यह कामयाबी पहले से हिरासत में लिए गए दो संदिग्धों से हुई पूछताछ के आधार पर मिली है। इससे पहले सीआईडी ने जैसलमेर के रहने वाले झबरा राम और असम के डिब्रूगढ़ स्थित इंडियन एयर फोर्स स्टेशन पर एमटीएस पद पर तैनात सुमित कुमार को गिरफ्तार किया था। इन दोनों पर भारतीय सशस्त्र बलों से जुड़ी बेहद गोपनीय और संवेदनशील जानकारी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के हैंडलरों को साझा करने का गंभीर आरोप है।

कैसे हुआ नेटवर्क का खुलासा

मामले की विस्तृत जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इन दोनों आरोपियों को जासूसी के एवज में मिलने वाली रकम औरंगाबाद निवासी रफीक चांद शेख के जरिए भेजी गई थी। जब सीआईडी ने रफीक चांद शेख को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो परत दर परत चौंकाने वाले खुलासे हुए। रफीक ने स्वीकार किया कि वह पिछले करीब चार वर्षों से लगातार आईएसआई के एक हैंडलर के संपर्क में था।

सोशल मीडिया के जरिए फैलाया गया जाल

जांच में यह बात सामने आई है कि रफीक सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तानी हैंडलर्स के साथ जुड़ा हुआ था। उसे निर्देश मिलते थे कि वह अपने और अन्य व्यक्तियों के नाम पर अलग-अलग बैंक खाते खुलवाए, ताकि जासूसी में लिप्त लोगों तक पैसा आसानी से पहुंचाया जा सके। जब यह पूरी तरह प्रमाणित हो गया कि रफीक चांद शेख आईएसआई के फंडिंग एजेंट की भूमिका निभा रहा था, तब राजस्थान सीआईडी ने 30 जून 2026 को उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस इस पूरे वित्तीय नेटवर्क को खंगालने में जुटी है और इस सिलसिले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी गहन पड़ताल की जा रही है। राजस्थान पुलिस का स्पष्ट कहना है कि देश की सुरक्षा को खतरा पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसी राष्ट्रविरोधी गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है।

https://www.indiatv.in/rajasthan/isi-funding-agent-arrested-for-financing-espionage-by-rajasthan-cid-2026-07-01-1228579