5 रुपये के नोट के बदले 17 लाख का झांसा, किसान के साथ हुई बड़ी ठगी, फिर ऐसे बची जान

मध्य प्रदेश के राजगढ़ में ट्रैक्टर वाले दुर्लभ 5 रुपये के नोट का लालच देकर एक किसान से लाखों रुपये ठग लिए गए। सुसाइड करने निकले किसान की जान एक जागरूक ग्रामीण ने बचाई, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

राजगढ़ में अनोखी ठगी का पर्दाफाश

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में साइबर ठगी का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक भोले-भाले किसान को पुराने और दुर्लभ नोट के बदले मालामाल करने का सपना दिखाकर उससे लाखों रुपये ऐंठ लिए गए। इस धोखाधड़ी के चलते किसान न केवल अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठा, बल्कि वह गहरे सदमे में आकर आत्मघाती कदम उठाने तक पहुंच गया था। हालांकि, समय रहते एक जागरूक व्यक्ति की मदद से न केवल उसकी जान बची, बल्कि पुलिस ने भी तत्परता दिखाते हुए आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।

क्या था पूरा मामला और कैसे फंसा किसान

यह पूरा वाकया ब्यावरा शहर थाना क्षेत्र का है। ग्राम आलमपुर के निवासी अनिल राजपूत के पास एक विशेष 5 रुपये का नोट था, जिस पर ट्रैक्टर की तस्वीर बनी हुई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के जरिए एक ठग ने अनिल से संपर्क किया। जालसाज ने किसान को झांसा दिया कि उनके पास मौजूद यह नोट अंतरराष्ट्रीय बाजार में अत्यंत दुर्लभ है और इसके बदले में उन्हें 17 लाख रुपये तक मिल सकते हैं। ठग की बातों पर विश्वास करते हुए अनिल उसके झांसे में आ गए।

किश्तों में लूटे 3 लाख 65 हजार रुपये

आरोपी ने अनिल का भरोसा जीतने के बाद उन्हें अलग-अलग तकनीकी कारणों का हवाला दिया। ठग ने प्रोसेसिंग फीस, टैक्स और अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के नाम पर उनसे पैसे की मांग की। लालच में आकर अनिल ने आरोपी द्वारा बताए गए बैंक खातों में कुल 3 लाख 65 हजार रुपये अलग-अलग किश्तों में ट्रांसफर कर दिए। जब पैसे देने के बाद भी उन्हें कोई रकम नहीं मिली, तब उन्हें एहसास हुआ कि वे एक बड़ी साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो चुके हैं।

मौत के मुहाने से लौटकर मिली जिंदगी

ठगी की बात जानकर अनिल अंदर से बुरी तरह टूट गए। उनके लिए अपनी गाढ़ी कमाई खो देना एक गहरा आघात था। निराशा और हताशा में उन्होंने अपनी जीवनलीला समाप्त करने का मन बना लिया और आत्महत्या करने के उद्देश्य से घर से बाहर निकल गए। इसी दौरान, ग्राम आलमपुर के ही निवासी बलवंत सिंह सौंधिया की नजर उन पर पड़ी। बलवंत ने अनिल की मनोदशा को भांप लिया और उन्हें आत्महत्या जैसा कदम उठाने से रोक लिया। बलवंत सिंह ने ही पीड़ित को ढांढस बंधाया और उन्हें साथ लेकर सीधे ब्यावरा शहर थाना पहुंचे, जहां पूरे मामले की जानकारी दी गई।

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी ने तुरंत एक विशेष साइबर टीम का गठन किया। पुलिस ने बैंक खातों के विवरण, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजेक्शन का बारीकी से विश्लेषण किया। इस तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही। छापेमारी के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने उसके पास से 3 लाख 24 हजार रुपये नकद और 2 मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

पुलिस की सतर्क रहने की अपील

इस सराहनीय कार्य के लिए एसपी अमित तोलानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर किसान की जान बचाने वाले बलवंत सिंह सौंधिया को शॉल, श्रीफल और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। साथ ही, आरोपी को पकड़ने वाली पुलिस टीम को भी पुरस्कार दिया गया। राजगढ़ पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर पुराने नोट या सिक्कों की खरीद-फरोख्त के नाम पर आने वाले किसी भी लुभावने विज्ञापनों या संदेशों से सावधान रहें। अगर कोई भी व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो वह तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर या आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराए।

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