जगन गुर्जर हत्याकांड: भाई पप्पू का सनसनीखेज दावा, कहा- जो मेरी चड्डी धोता था, वह मेरे भाई को क्या मारेगा?

धौलपुर के भवूतीपुरा में दस्यु जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार कर दिया गया है, लेकिन परिवार ने अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हुई मौत को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

भवूतीपुरा में अंतिम संस्कार के बाद उठा विवाद

धौलपुर जिले के भवूतीपुरा गांव में दस्यु जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार संपन्न हो गया है, लेकिन इस अंतिम विदाई के दौरान परिवार द्वारा दिए गए बयानों ने पूरे मामले को एक नया और गंभीर मोड़ दे दिया है। जगन गुर्जर की मौत को लेकर पहले से ही कई तरह के सवाल खड़े किए जा रहे थे, लेकिन उसके भाई पप्पू गुर्जर ने अब ऐसा दावा किया है जिसने मामले की पूरी दिशा ही बदल दी है। परिवार इस मौत को किसी भी हाल में सामान्य मानने को तैयार नहीं है और वे लगातार इसकी निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

जेल में बंद विष्णु पर भाई पप्पू का तीखा प्रहार

अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में जगन गुर्जर की मौत के पश्चात जब उसके शव को भवूतीपुरा लाया गया, तो अंतिम संस्कार के समय उसके भाई पप्पू गुर्जर ने मीडिया से बातचीत करते हुए जेल में बंद विष्णु द्वारा किए गए दावों की हवा निकाल दी। विष्णु ने दावा किया था कि उसने जगन गुर्जर की हत्या की है, लेकिन पप्पू गुर्जर ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी। पप्पू ने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि जिस व्यक्ति की हत्या की जिम्मेदारी लेने की चर्चा है, वह जेल के अंदर उसका व्यक्तिगत काम किया करता था और उसकी चड्डी तक धोता था। पप्पू ने सवाल उठाते हुए कहा कि जो व्यक्ति उसके लिए ऐसे काम करता था, वह भला उसके भाई जगन गुर्जर की हत्या करने की हिम्मत कैसे जुटा सकता है। यह बयान सामने आते ही मामले को लेकर नई और तीखी चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

मौत की साजिश का सनसनीखेज आरोप

पप्पू गुर्जर ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए आरोप लगाया कि जगन गुर्जर की मौत पूरी तरह से सुनियोजित साजिश का हिस्सा है। उनका दावा है कि जगन गुर्जर की मौत सामान्य परिस्थितियों में नहीं हुई है, बल्कि इसे अंजाम देने के लिए पहले उसे 10 नींद की गोलियां जबरन दी गईं। पप्पू के अनुसार, जब वह बेहोशी की हालत में था, तब उसका गला घोंटा गया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस पूरे घटनाक्रम की सच्चाई तभी दुनिया के सामने आएगी, जब इसकी एक निष्पक्ष और गहराई से जांच की जाएगी। परिवार किसी भी तरह का जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालने के पक्ष में नहीं है, लेकिन जो परिस्थितियां सामने दिख रही हैं, वे गंभीर संदेह पैदा करती हैं। उन्होंने मांग की कि इस पूरी मौत के कारणों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए ताकि असली साजिशकर्ताओं का पर्दाफाश हो सके।

पत्नी और बेटे ने भी उठाए गंभीर सवाल

सिर्फ पप्पू गुर्जर ही नहीं, बल्कि जगन गुर्जर की पत्नी कोमेश ने भी न्याय के लिए अपनी आवाज उठाई है। कोमेश ने साफ तौर पर कहा कि वे इस मामले में आखिरी दम तक लड़ाई लड़ेंगी और किसी भी सूरत में चुप नहीं बैठेंगी। परिवार को अब सिर्फ न्याय की दरकार है और वे चाहते हैं कि इस मामले की हर एक कड़ी की जांच हो। उन्होंने प्रतिशोध की भाषा में भी बात की है। वहीं दूसरी तरफ, जगन के बेटे आशाराम ने एक और बड़ा आरोप जड़ा है। आशाराम का दावा है कि जगन गुर्जर की मौत से एक दिन पहले ही अजमेर जेल में पुलिस प्रशासन द्वारा उसके चाचा पप्पू गुर्जर को काफी प्रताड़ित किया गया था। परिवार का मानना है कि इन तमाम बिंदुओं और घटनाओं को भी जांच के दायरे में रखा जाना चाहिए।

जांच एजेंसियों की रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजरें

फिलहाल यह पूरा मामला कानूनी प्रक्रिया और जांच के दायरे में फंसा हुआ है। जगन गुर्जर की मौत को लेकर परिवार के द्वारा लगाए गए तमाम आरोप अभी जांच का विषय बने हुए हैं और उनकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। पुलिस प्रशासन और अन्य एजेंसियां इस दिशा में काम कर रही हैं। हालांकि, पप्पू गुर्जर के इस बयान ने पूरे घटनाक्रम में एक नई बहस छेड़ दी है, जिससे प्रशासनिक स्तर पर भी सवाल उठ रहे हैं। अब हर किसी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच एजेंसियों की आधिकारिक रिपोर्ट में क्या सामने आता है और क्या वाकई अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में जगन गुर्जर की मौत किन विशेष परिस्थितियों के बीच हुई थी।

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