थाईलैंड: 12 साल की बेटी को जापान ले जाकर जिस्मफरोशी के दलदल में धकेला, मां को हुई लंबी जेल की सजा

थाईलैंड की एक अदालत ने एक मां को अपनी 12 साल की मासूम बेटी की तस्करी कर जापान ले जाने और वहां उसे देह व्यापार के लिए मजबूर करने के आरोप में सात साल और छह महीने की सजा सुनाई है।

क्रूरता की हदें पार

थाईलैंड की एक अदालत ने एक ऐसी महिला को दोषी ठहराया है जिसने मां होने के पवित्र रिश्ते को शर्मसार कर दिया। अदालत ने इस महिला को सात साल और छह महीने की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। महिला पर अपनी 12 साल की सगी बेटी की मानव तस्करी करने और उसे जापान ले जाकर देह व्यापार जैसे घिनौने धंधे में धकेलने का गंभीर आरोप सिद्ध हुआ है। महिला ने कोर्ट में अपने अपराध को स्वीकार कर लिया है और अब वह जेल की सजा काट रही है।

घूमने के बहाने रची गई साजिश

जांच और अदालती दस्तावेजों से सामने आया है कि इस पूरी साजिश का ताना-बाना बहुत ही शातिर तरीके से बुना गया था। महिला अपनी 12 साल की बेटी को विदेश घुमाने के बहाने उसे बहला-फुसलाकर जापान ले गई थी। वहां पहुंचते ही महिला ने मासूम बच्ची को अकेला छोड़ दिया और उसे टोक्यो के एक मसाज पार्लर में जबरन काम करने के लिए मजबूर किया। सरकारी वकीलों ने कोर्ट को बताया कि महिला ने टोक्यो में पहले से ही अपने कुछ संपर्कों का इस्तेमाल किया था, ताकि बच्ची को देह व्यापार के धंधे में आसानी से फंसाया जा सके।

एक महीने में 60 ग्राहकों की दरिंदगी

जांच एजेंसियों के अनुसार, यह मामला बेहद खौफनाक है। जून 2025 और जुलाई 2025 के बीच महज एक महीने के छोटे से अंतराल में, उस 12 साल की बच्ची को लगभग 60 ग्राहकों के सामने परोसा गया। यह एक ऐसी त्रासदी है जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक उन ग्राहकों या इस पूरे गिरोह में शामिल अन्य लोगों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच जारी है।

ऐसे हुआ खौफनाक सच का खुलासा

सितंबर 2025 में बच्ची ने इस नरक से बाहर निकलने की हिम्मत जुटाई और खुद ही जापानी इमिग्रेशन सर्विस एजेंसी से संपर्क साधा। उसने अधिकारियों से अपनी जान बचाने की गुहार लगाई। जापानी अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए तत्काल प्रभाव से बच्ची को अपनी कस्टडी में लिया और उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया। इसके बाद उन्होंने मामले की जानकारी थाईलैंड पुलिस को दी, जिसके बाद कानून की कार्रवाई शुरू हुई।

गिरफ्तारी और महिला की अजीबोगरीब दलील

बच्ची द्वारा शिकायत किए जाने के बाद, आरोपी मां को सितंबर 2025 में ताइवान की यात्रा के दौरान हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद दिसंबर 2025 में उसे थाईलैंड वापस लाया गया और उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान जब महिला से इस कृत्य के बारे में पूछा गया, तो उसने बेहद हैरान करने वाली और तर्कहीन दलील पेश की। महिला ने दावा किया कि वह अपनी बेटी को जापान केवल अपनी मदद के लिए ले गई थी। उसका कहना था कि जब वह खुद मसाज पार्लर में काम करे, तो उसकी बेटी घर पर उसके सबसे छोटे बच्चे की देखभाल कर सके। हालांकि, महिला इस सवाल का कोई जवाब नहीं दे पाई कि उसने अपनी बेटी को खुद देह व्यापार के इस गंदे धंधे में क्यों धकेला। फिलहाल थाईलैंड और जापान दोनों देशों की पुलिस इस मामले की आगे की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

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