भारत पहुंचीं साने ताकाइची
चीन की मुखर आलोचक मानी जाने वाली जापान की प्रमुख नेता साने ताकाइची तीन दिवसीय भारत यात्रा के लिए दिल्ली पहुंच चुकी हैं। उनका यह दौरा 1 जुलाई से शुरू होकर 3 जुलाई तक चलेगा। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और साने ताकाइची के बीच होने वाली बातचीत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बीजिंग में क्यों मचा है हड़कंप
इस मुलाकात की सूचना मिलते ही चीन की राजधानी बीजिंग में खलबली मच गई है। शी जिनपिंग प्रशासन की चिंता का मुख्य कारण भारत और जापान के बीच बढ़ती रणनीतिक नजदीकियां हैं। ड्रैगन इस बात से वाकिफ है कि नई दिल्ली और टोक्यो का एक मंच पर आना एशिया में उसकी विस्तारवादी नीतियों के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।
ताइवान और एशिया की सुरक्षा
मौजूदा समय में ताइवान को लेकर चीन और दुनिया के बीच तनाव चरम पर है। ऐसे में भारत और जापान का यह कूटनीतिक तालमेल चीन की दादागिरी को चुनौती देने वाला माना जा रहा है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों का यह कदम चीन की सामरिक घेराबंदी को और मजबूत कर सकता है, जिससे एशियाई क्षेत्र में संतुलन बनाने में मदद मिलेगी।
बड़ा भूचाल आने के संकेत
पीएम मोदी और साने ताकाइची की यह बैठक महज एक औपचारिक यात्रा नहीं, बल्कि भविष्य की बड़ी कूटनीतिक हलचल का संकेत है। चीन इस बात से डरा हुआ है कि भारत और जापान के बीच किसी ठोस समझौते या रक्षा साझेदारी से उसकी क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाओं पर सीधा असर पड़ेगा।
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