उज्जैन में मोहर्रम के दौरान कार में धमाका करने वाले 9 आरोपी गिरफ्तार, तीन पर दर्ज हुआ रासुका

मध्य प्रदेश के बड़नगर में मोहर्रम के जुलूस में कार को हवा में लटकाकर विस्फोट करने के मामले में प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। पुलिस ने अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और तीन मुख्य अभियुक्तों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की गई है।

बड़नगर धमाका मामला: प्रशासन की कड़ी कार्रवाई

मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के अंतर्गत आने वाले बड़नगर में मोहर्रम के जुलूस के दौरान हुए खतरनाक पटाखा विस्फोट ने स्थानीय प्रशासन को हिलाकर रख दिया है। सार्वजनिक सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने के मामले में जिला प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लेते हुए इस घटना के तीन मुख्य साजिशकर्ताओं के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून यानी रासुका के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इस मामले में पुलिस ने अब तक कुल 9 आरोपियों को हिरासत में लिया है, जिनसे गहन पूछताछ की जा रही है।

क्या था पूरा घटनाक्रम

घटनाक्रम 23 और 24 जून की मध्य रात्रि का है, जब बड़नगर क्षेत्र में मोहर्रम का जुलूस निकाला जा रहा था। इसी दौरान शहर के जय स्तंभ चौक पर एक टाटा मैजिक वाहन को क्रेन की मदद से जमीन से करीब 40 फीट की ऊंचाई पर लटका दिया गया। वाहन के भीतर भारी मात्रा में विस्फोटक और पटाखे भरे गए थे, जिन्हें वहां मौजूद लोगों ने रिमोट या आग के जरिए धमाके के साथ उड़ा दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस खतरनाक स्टंट के वीडियो ने पुलिस महकमे में खलबली मचा दी, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से जांच शुरू की।

तीन मुख्य आरोपियों पर रासुका का शिकंजा

उज्जैन के जिलाधिकारी रौशन कुमार सिंह के कड़े निर्देशों के बाद पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपियों की पहचान की। जिन तीन व्यक्तियों पर रासुका के तहत कार्रवाई की गई है, उनके नाम शोएब गब्बू खान, जाहिद खान और तपसील उर्फ तस्लीम बताए जा रहे हैं। इन आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद कड़ी सुरक्षा के घेरे में उज्जैन की केंद्रीय भेरूगढ़ जेल में भेज दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह का जानलेवा प्रदर्शन किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विस्फोट में रॉकेट और सुतली बम का इस्तेमाल

जांच में सामने आया है कि जिस वाहन को क्रेन से लटकाया गया था, उसके अंदर रॉकेट और सुतली बमों का जखीरा रखा गया था। चश्मदीदों के अनुसार, वाहन पर दो युवक लाल झंडे लेकर खड़े थे और उनके नीचे उतरते ही भीतर रखे पटाखों में विस्फोट कर दिया गया। धमाका इतना जोरदार था कि वाहन के कांच और धातु के टुकड़े हवा में उड़ते हुए आसपास मौजूद भीड़ की तरफ जा गिरे। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। जांच में यह भी सामने आया है कि जिस टाटा मैजिक वाहन का इस्तेमाल हुआ, उस पर 'ले फिर आ गए' जैसे संदेश लिखे थे, जिसकी पड़ताल एजेंसियां कर रही हैं। आरोपियों ने पूछताछ के दौरान इसे अखाड़ों के बीच की प्रतिस्पर्धा में किया गया एक स्टंट बताया है।

पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की जांच जारी

इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के साथ-साथ एटीएस और बम निरोधक दस्ता भी अपनी जांच में जुट गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और विस्फोटक अधिनियम की विभिन्न सुसंगत धाराओं के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया है। कुल 9 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि इस प्रदर्शन के पीछे असल मंशा क्या थी और विस्फोटक सामग्री कहां से जुटाई गई थी। पुलिस प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी यदि कोई सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालेगा, तो उसके खिलाफ ऐसी ही सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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