गुजरात: ड्रग्स तस्करी के बड़े मामलों में ऐतिहासिक फैसला, 18 पाकिस्तानी समेत 19 तस्करों को 20-20 साल की कैद

कच्छ की समुद्री सीमा से करोड़ों रुपये की हेरोइन तस्करी करने के दोषी 19 विदेशी नागरिकों को भुज की विशेष अदालत ने 20 साल के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।

भुज कोर्ट का बड़ा फैसला

गुजरात के कच्छ जिले की समुद्री सीमाओं के जरिए भारत में मादक पदार्थों की बड़ी खेप भेजने के तीन अलग-अलग मामलों में भुज की विशेष एनडीपीएस अदालत ने एक कठोर और ऐतिहासिक निर्णय सुनाया है। अदालत ने कुल 19 तस्करों को दोषी ठहराते हुए उन्हें 20-20 साल की कैद की सजा सुनाई है। इन दोषियों में 18 पाकिस्तानी नागरिक और 1 अफगानी नागरिक शामिल हैं। अदालत ने सभी दोषियों पर 2-2 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। गुजरात आतंकवाद निरोधी दस्ते यानी एटीएस ने खुफिया जानकारी जुटाने के बाद जखौ के पास समुद्र में विशेष अभियान चलाकर इन तस्करों को भारी मात्रा में हेरोइन के साथ दबोचा था।

वर्ष 2020 में हुई थी 175 करोड़ की बरामदगी

इस सिलसिले का पहला मामला 6 जनवरी 2020 का है, जब एटीएस ने जखौ के निकट समुद्र में एक फिशिंग बोट को इंटरसेप्ट किया था। इस नाव से 175 करोड़ रुपये की हेरोइन बरामद की गई थी। उस समय 5 पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया था। कानूनी प्रक्रिया के दौरान एक आरोपी की मौत हो गई, जिसके बाद उसके खिलाफ मामला बंद कर दिया गया। अदालत ने बाकी 4 पाकिस्तानी दोषियों को 20 साल की सजा सुनाई।

वर्ष 2021 में पकड़ा गया 150 करोड़ का ड्रग्स

इसके बाद 14 अप्रैल 2021 को एटीएस ने फिर एक बार समुद्र में छापेमारी की। इस बार 30 किलो हेरोइन के साथ एक नाव को पकड़ा गया, जिसकी अनुमानित कीमत 150 करोड़ रुपये थी। इस मामले में पाकिस्तान के हैदरी पोर्ट से आए 8 पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने इन सभी 8 दोषियों को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

वर्ष 2022 का मामला और अफगानी नागरिक की भूमिका

तीसरा मामला 8 अक्टूबर 2022 का है, जब जखौ के निकट से 50 किलो हेरोइन जब्त की गई। इस खेप की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 250 करोड़ रुपये आंकी गई थी। एटीएस ने पहले 5 पाकिस्तानी नागरिकों को पकड़ा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर एक अफगानी नागरिक की संलिप्तता भी सामने आई और उसे गिरफ्तार किया गया। इस पूरे मामले में कुल 7 लोगों को दोषी करार देकर 20-20 साल की सजा दी गई है।

अदालत की कड़ी टिप्पणी

तीनों मामलों की सुनवाई तृतीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एवं विशेष एनडीपीएस न्यायाधीश वी. ए. बुद्ध की अदालत में संपन्न हुई। अदालत ने एनडीपीएस कानून की धारा 8(सी) और 23(सी) के तहत दोषियों को सजा सुनाई। न्यायाधीश ने अपने फैसले में टिप्पणी की कि मादक पदार्थों का यह कारोबार देश के युवाओं को नशे में धकेलने की सुनियोजित साजिश है। यह केवल एक अपराध नहीं, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा और सामाजिक ढांचे को अस्थिर करने का प्रयास है। अदालत ने साफ कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जा सकती। इस मुकदमे में सरकारी वकील एच. बी. जाडेजा ने सरकार का पक्ष मजबूती से रखा। उल्लेखनीय है कि साक्ष्यों के अभाव में एक भारतीय समेत दो लोगों को अदालत ने बरी भी कर दिया है।

दोषियों की सूची और सजा का विवरण

  • पहला मामला: इस्माइल मोहम्मद जाम (50), अनीश ईशा भाटी (30), अबूबकर हसम कुंगरा (70) और अशर्रफ उस्मान भाटी (42) को 20-20 साल की सजा सुनाई गई है।
  • दूसरा मामला: मुर्तजा यामीन सिंधी (35), यामीन उमर सिंधी (65), मुस्तफा यामीन सिंधी (33), नसरुल्ला यामीन सिंधी (28), हुसैन इब्राहिम सिंधी (62), सालेमामद अब्दुल्ला सिंधी (70), मोहम्मद यासीन मोहम्मद उर्स मुल्ला (39) और रफीक अहमद उस्मानअली मुल्ला (62) शामिल हैं।
  • तीसरा मामला: अली मोहम्मद बच्चन मुल्ला (40), ममताज हारून मुल्ला (30), शेर मोहम्मद बशरिया बड (40), मोतिया इदरीश मुल्ला (50), इब्राहिम यूसुफ समेजा (68), जाहिद अब्दुल्ला मुल्ला (22) तथा अफगानिस्तान के हेकमतुल्लाह नुरुल्लाह को सजा मिली है।

https://www.indiatv.in/gujarat/18-pakistanis-including-19-foreign-nationals-sentenced-to-20-years-in-3-gujarat-heroin-smuggling-cases-2026-07-01-1228531