पूरी घटना की साजिश
भीलवाड़ा के शास्त्री नगर इलाके में हुई कथित 20 लाख रुपए की लूट का मामला पूरी तरह से फर्जी निकला। नेशनल फ्रूट कंपनी के कर्मचारी नारायण सिंह ने लूट की झूठी कहानी गढ़कर पुलिस और प्रशासन को गुमराह करने की कोशिश की थी। जांच के बाद सामने आया कि यह पूरी साजिश इंस्टाग्राम रील्स से प्रेरित थी।
ऐसे रची गई लूट की कहानी
29 जून की शाम को नेशनल फ्रूट कंपनी में काम करने वाले नारायण सिंह ने पुलिस को सूचना दी कि जब वह कंपनी के 20 लाख रुपए बैंक में जमा कराने जा रहा था, तब उसके साथ लूट हुई। नारायण सिंह के अनुसार, शास्त्री नगर इलाके में स्प्लेंडर बाइक पर सवार दो अज्ञात युवकों ने उसकी एक्टिवा को टक्कर मारी और उसे गिरा दिया। इसके बाद आरोपी नकदी से भरा बैग और उसका मोबाइल छीनकर मौके से फरार हो गए।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए जब पुलिस ने संदिग्धों से पूछताछ की और साक्ष्यों का विश्लेषण किया, तो नारायण सिंह की कहानी में विरोधाभास दिखने लगा। घंटों की कड़ी पूछताछ के बाद नारायण सिंह टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
साजिश में कौन-कौन शामिल था
इस फर्जी लूट की योजना में नारायण सिंह के साथ निम्नलिखित लोग भी शामिल थे:
- नारायण सिंह, जो खुद इस घटना का मुख्य सूत्रधार था।
- रघुवीर उर्फ राजवीर, जो नारायण सिंह का भाई है।
- विशाल साहू, जो नारायण सिंह का मित्र है।
इन तीनों ने मिलकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही रील्स से प्रभावित होकर इस वारदात की स्क्रिप्ट लिखी थी, लेकिन पुलिस की सतर्कता के कारण उनकी यह चाल कामयाब नहीं हो सकी और पूरी साजिश बेनकाब हो गई।
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