पर्यटकों के लिए पहली पसंद बना वाल्मीकि टाइगर रिजर्व, तीन साल में 14 लाख से ज्यादा सैलानियों ने भरी हुंकार

बिहार के इकलौते वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में सफारी का दौर भले ही मॉनसून के कारण रुक गया हो, लेकिन यहां आने वाले पर्यटकों की तादाद में लगातार बड़ा इजाफा देखने को मिल रहा है।

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में सैलानियों का उमड़ा हुजूम

बिहार का इकलौता वाल्मीकि टाइगर रिजर्व यानी वीटीआर इन दिनों प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है। हालांकि, मॉनसून के आगमन के साथ ही वन विभाग ने गंडक नदी और जंगल के भीतर सफारी की गतिविधियों पर फिलहाल रोक लगा दी है। इसके बावजूद, जंगल की खूबसूरती और शांत वातावरण का दीदार करने के लिए पर्यटकों का उत्साह कम नहीं हुआ है। वीटीआर के प्रति लोगों की दीवानगी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां आने वाले सैलानियों ने अब तक के सभी पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं।

लगातार बढ़ रही है पर्यटकों की संख्या

वन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों पर गौर करें तो वीटीआर में हर साल पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। अगर हम पिछले तीन वित्तीय सत्रों की बात करें, तो पर्यटकों का आंकड़ा काफी प्रभावशाली रहा है।

  • वर्ष 2023-2024: इस दौरान कुल 3,22,071 पर्यटक यहां पहुंचे। इसमें से 1,67,521 सैलानियों ने शुल्क देकर भ्रमण किया, जबकि 1,54,550 लोगों ने निःशुल्क भ्रमण का आनंद उठाया।
  • वर्ष 2024-2025: पर्यटकों की संख्या में भारी उछाल आया और कुल 4,80,680 लोग यहाँ आए। इसमें 1,50,000 सशुल्क और 3,30,680 निःशुल्क पर्यटक शामिल थे।
  • वर्ष 2025-2026: इस वर्ष तो वीटीआर का क्रेज और बढ़ गया, जहाँ कुल 6,09,159 पर्यटक विभिन्न रेंजों की सैर करने पहुंचे। इसमें 1,53,601 पर्यटक सशुल्क थे और 4,55,558 पर्यटक बिना किसी शुल्क के घूमने आए थे।

चालू सत्र के शुरुआती आंकड़े

नए सत्र 2026-2027 की शुरुआत भी काफी सकारात्मक रही है। अप्रैल से मई महीने के बीच ही वीटीआर में कुल 69,618 सैलानियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। इन आंकड़ों के अनुसार 20,166 पर्यटकों ने शुल्क देकर सफारी का आनंद लिया, वहीं 49,452 पर्यटक निःशुल्क श्रेणी में शामिल रहे। कुल मिलाकर, पिछले तीन वर्षों में वीटीआर में आने वाले पर्यटकों की कुल संख्या 14,81,528 तक पहुंच गई है, जो इसे राज्य का प्रमुख पर्यटन स्थल साबित करती है।

सफारी के दीवानों में भी बढ़ा उत्साह

केवल कुल पर्यटकों की संख्या ही नहीं, बल्कि जंगल सफारी करने वाले लोगों की तादाद में भी निरंतर वृद्धि देखी गई है। वर्ष दर वर्ष जंगल सफारी का आनंद लेने वाले पर्यटकों का डेटा इस प्रकार है:

  • वर्ष 2021-2022 में 11,538 पर्यटक।
  • वर्ष 2022-2023 में 17,198 पर्यटक।
  • वर्ष 2023-2024 में 23,550 पर्यटक।
  • वर्ष 2024-2025 में 29,196 पर्यटक।
  • वर्ष 2025-2026 में 33,224 पर्यटक।
  • वर्ष 2026-2027 में अप्रैल से जून माह तक कुल 14,040 पर्यटकों ने जंगल सफारी का लुत्फ उठाया।

बिहार का कश्मीर कहे जाने वाले वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में पर्यटकों की यह बढ़ती भीड़ यह दर्शाती है कि वन्यजीव पर्यटन के प्रति लोगों की रुचि और जागरूकता में बड़ा बदलाव आया है। सफारी फिलहाल बंद होने के बाद भी, आने वाले समय में सैलानियों की संख्या में और वृद्धि होने की पूरी संभावना है।

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