शामली में धर्मांतरण का बड़ा खुलासा: आयुष मलिक की सनातन में घर वापसी, डायरी में मिला खौफनाक मिशन

उत्तर प्रदेश के शामली में मोहम्मद अली बने आयुष मलिक की फिर से हिंदू धर्म में वापसी हो गई है। जांच के दौरान पुलिस को एक डायरी मिली है जिसमें 'I Am on Mission' लिखा है, वहीं मुख्य आरोपी मौलवी की तलाश जारी है।

धर्मांतरण की साजिश से पर्दा

उत्तर प्रदेश के शामली जिले से सामने आए धर्मांतरण के एक बेहद चौंकाने वाले मामले में आयुष मलिक ने सनातन धर्म में अपनी वापसी कर ली है। आयुष को बहला-फुसलाकर उसका धर्म परिवर्तन करवाया गया था और उसका नाम बदलकर मोहम्मद अली रख दिया गया था। अब इस पूरे प्रकरण के पीछे एक बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है, जिसके तार कई शहरों से जुड़े बताए जा रहे हैं। इस मामले में पुलिस की टीमें अब एक फरार मौलवी की तलाश में जुटी हुई हैं।

छापेमारी में मिली रहस्यमयी डायरी

मामले का खुलासा उस वक्त हुआ जब स्थानीय पुलिस को आयुष मलिक के जबरन धर्मांतरण की जानकारी मिली। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आयुष के घर पर दबिश दी। तलाशी के दौरान पुलिस को वहां से एक बड़ा चाकू बरामद हुआ। इसके अलावा, एक डायरी हाथ लगी है, जिसमें 'I Am on Mission' जैसी गंभीर बातें लिखी हुई मिली हैं। यह डायरी इस मामले में किसी गहरे षड्यंत्र की ओर इशारा कर रही है।

मौलवी की तलाश में जुटी पुलिस

जांच में यह बात सामने आई है कि धर्मांतरण के इस पूरे खेल के पीछे एक स्थानीय मौलवी का मास्टरमाइंड हाथ है। पुलिस का दबाव बढ़ते ही वह आरोपी मौलवी शामली छोड़कर भाग निकला। शुरुआती जांच और पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी के अंडमान या चेन्नई में कहीं छिपे होने की संभावना है। पुलिस की विशेष टीमें उसे पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं।

विधि-विधान से हुई सनातन में वापसी

आयुष मलिक की घर वापसी से उसके परिवार ने राहत की सांस ली है। उसने शामली स्थित हनुमान मंदिर में पूरे विधि-विधान और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ फिर से हिंदू धर्म अपना लिया है। आयुष के पिता देवराज मलिक ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनका बेटा अब घर लौट आया है और नियमित रूप से पूजा-पाठ कर रहा है।

क्या था पूरा घटनाक्रम

पिता की शिकायत के अनुसार, वर्ष 2023 में आयुष को दिल्ली ले जाया गया था, जहाँ उसे धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया। धर्मांतरण के बाद उसका नाम मोहम्मद अली रख दिया गया और दिल्ली में एक निकाह समारोह भी आयोजित किया गया था। हालांकि, जांच में कोई वैध मैरिज सर्टिफिकेट नहीं मिला। धर्मांतरण के बाद आयुष पर दाढ़ी बढ़ाने, नमाज पढ़ने और पहनावा बदलने का दबाव बनाया गया था। इस मामले में पुलिस ने चांदनी कुरैशी (फिजियोथेरेपिस्ट) और उसके पिता इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार किया था। इन दोनों पर उत्तर प्रदेश धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

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