नेशनल पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में राजस्थान का जलवा, ममता और श्रीकांत ने जीते गोल्ड मेडल

हैदराबाद में आयोजित राष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में राजस्थान के दो खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश का मान बढ़ाया है। ममता और श्रीकांत बिस्सा की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खेल जगत में खुशी का माहौल है।

राष्ट्रीय मंच पर राजस्थान की बड़ी जीत

हैदराबाद के गाचीबोवली स्टेडियम में आयोजित 48वीं पुरुष एवं महिला जूनियर और 27वीं सब जूनियर राष्ट्रीय इक्विप्ड पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2026 में राजस्थान के खिलाड़ियों ने अद्भुत प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। 23 से 28 जून तक चली इस प्रतिष्ठित खेल स्पर्धा में देश भर के कई राज्यों से आए खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच राजस्थान के दो होनहार खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया है। यह जीत न केवल खिलाड़ियों की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि राजस्थान के खेल कौशल के लिए भी एक मील का पत्थर साबित हुई है।

ममता का शानदार प्रदर्शन

राजस्थान की खिलाड़ी ममता ने 57 किलोग्राम भार वर्ग में जबरदस्त दमखम दिखाया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। प्रतियोगिता के दौरान ममता का आत्मविश्वास और उनकी तकनीक बेहद प्रभावशाली रही। ममता की इस शानदार कामयाबी के पीछे उनके कोच अविनाश व्यास का मार्गदर्शन सबसे महत्वपूर्ण रहा है। कोच द्वारा दिए गए नियमित प्रशिक्षण, अनुशासन और ममता की कठिन मेहनत का ही परिणाम है कि उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर यह उपलब्धि हासिल की है। उनकी तकनीक और एकाग्रता ने सभी को प्रभावित किया और उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़कर शीर्ष स्थान हासिल किया।

बीकानेर के श्रीकांत बिस्सा ने किया कमाल

बीकानेर के रहने वाले श्रीकांत बिस्सा ने 120 किलोग्राम भार वर्ग में अपनी ताकत का लोहा मनवाया। उन्होंने इस प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतकर न केवल अपने शहर बल्कि पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है। श्रीकांत बिस्सा अपनी ट्रेनिंग के लिए बीकानेर के प्रिंस जिम में निरंतर अभ्यास करते हैं। उनके कोच के मार्गदर्शन और लगातार की गई मेहनत ने उन्हें एक सामान्य खिलाड़ी से राष्ट्रीय स्तर का चैंपियन बनाने का सफर तय कराया है। उनके इस दमदार प्रदर्शन की हर तरफ सराहना हो रही है और बीकानेर में उनके समर्थकों और शुभचिंतकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

कोच की भूमिका और समर्पण

इन दोनों खिलाड़ियों की इस बड़ी सफलता में कोच हंसराज किराडू का योगदान अत्यंत सराहनीय माना जा रहा है। हंसराज किराडू सिंथल उपडाकघर में पोस्टमास्टर के पद पर कार्यरत हैं और सरकारी सेवा की जिम्मेदारियों को निभाने के साथ-साथ वे खेलों को बढ़ावा देने का भी काम कर रहे हैं। जिस तरह से उन्होंने खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया है, वह अन्य खेल प्रशिक्षकों के लिए एक प्रेरणा है। खिलाड़ियों के प्रदर्शन में कोच के मार्गदर्शन और उनकी बारीकियों पर ध्यान देने का असर स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

प्रदेश के खेल जगत में गर्व का माहौल

राष्ट्रीय स्तर की इस चैंपियनशिप में दो स्वर्ण पदक जीतना राजस्थान के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। ममता और श्रीकांत की इस कामयाबी ने यह साबित कर दिया है कि यदि सही मार्गदर्शन, दृढ़ संकल्प और निरंतर अभ्यास मिले, तो किसी भी लक्ष्य को पाना संभव है। इस सफलता से राजस्थान के उन युवा खिलाड़ियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा जो पावरलिफ्टिंग या अन्य खेलों में अपना करियर बनाना चाहते हैं। खेल प्रेमियों, विभिन्न सामाजिक संगठनों और खेल विशेषज्ञों ने ममता, श्रीकांत बिस्सा, कोच अविनाश व्यास और हंसराज किराडू को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर बधाई दी है। भविष्य में इस जीत से प्रदेश में पावरलिफ्टिंग के प्रति युवाओं का रुझान बढ़ने की पूरी उम्मीद है और यह राजस्थान के खेल जगत के लिए एक यादगार क्षण बनकर उभरा है।

https://hindi.news18.com/news/rajasthan/bikaner-mamta-and-shrikant-shine-for-rajasthan-in-national-powerlifting-championship-in-hyderabad-local18-ws-l-10614868.html