मामले की पृष्ठभूमि और घटनाक्रम
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला मुख्यालय स्थित क्षेत्रीय अस्पताल में 21 जून को प्रसव के बाद 23 वर्षीय महिला मंजू शर्मा की दुखद मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद से ही क्षेत्र में भारी आक्रोश का माहौल है। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ पर गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। इस मामले ने उस समय विकराल रूप धारण कर लिया जब सोमवार को भारी संख्या में युवाओं और स्थानीय लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। कुल्लू अस्पताल से लेकर ढालपुर चौक तक करीब 10 घंटे तक युवाओं का धरना जारी रहा। इस विरोध प्रदर्शन के चलते मुख्य मार्गों पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह बाधित रही और करीब 3 घंटे तक लंबा जाम लगा रहा।
प्रशासन का एक्शन और जांच के निर्देश
प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव भी किया। वहां मौजूद परिजनों ने प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखी। इस दौरान एडीसी कुल्लू अश्वनी कुमार, पुलिस अधीक्षक मदन लाल कौशल और तहसीलदार कुल्लू अनिल कुमार वहां मौजूद थे। परिजनों की मुख्य मांग थी कि लापरवाही करने वाले डॉक्टर और नर्सों को तुरंत प्रभाव से निलंबित किया जाए।
परिस्थितियों की गंभीरता को देखते हुए एडीसी कुल्लू अश्वनी कुमार ने मामले की मैजिस्ट्रेट जांच कराने के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही, अस्पताल प्रबंधन की ओर से संबंधित महिला डॉक्टर अनु को एक नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में कहा गया है कि घटना के बाद डॉक्टर को कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। अब उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए निर्धारित समय दिया गया है।
आमरण अनशन और युवाओं का रुख
प्रशासनिक आश्वासन के बावजूद, प्रदर्शनकारियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है। बलदेव ठाकुर उर्फ बंटी सराजी के नेतृत्व में 15 से 20 युवा कुल्लू अस्पताल परिसर के भीतर ही आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। बंटी सराजी ने स्पष्ट कहा है कि जब तक दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी आशंका जताई है कि यदि अस्पताल के डॉक्टर ही जांच कमेटी में रहेंगे, तो जांच निष्पक्ष नहीं हो पाएगी। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि जांच पूरी होने तक संबंधित डॉक्टर को तत्काल सेवा से बर्खास्त या निलंबित किया जाए।
अस्पताल प्रबंधन की ओर से सफाई
इस पूरे मामले पर सीएमओ हीरा लाल ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासन ने पांच सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है, जो पूरे घटनाक्रम की बारीकी से पड़ताल करेगी। अस्पताल प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि विभागीय जांच की रिपोर्ट मंगलवार दोपहर 3:00 बजे तक पूरी कर ली जाएगी। बंटी सराजी ने भी कहा है कि वे और उनके साथी मंगलवार दोपहर 3:00 बजे तक आने वाली जांच रिपोर्ट का इंतजार करेंगे, जिसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। उल्लेखनीय है कि इस संवेदनशील मुद्दे पर अभी तक मुख्यमंत्री या स्वास्थ्य मंत्री की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
क्या है पूरा मामला?
मंडी जिले के बालीचौकी की निवासी मंजू शर्मा को 21 जून को कुल्लू अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था। यहां उन्होंने एक बेटी को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि प्रसव के बाद से ही महिला की तबीयत बिगड़ती जा रही थी और वे बार-बार डॉक्टरों व नर्सों को उनकी गंभीर स्थिति के बारे में सचेत कर रहे थे। पति का आरोप है कि अस्पताल के स्टाफ ने उनकी बातों को गंभीरता से लेने के बजाय उन्हें यह कहकर टाल दिया कि महिला केवल ड्रामा कर रही है। उपचार के दौरान हुई कथित लापरवाही के चलते ही महिला ने दम तोड़ दिया। अब पूरे मामले की शिकायत स्वास्थ्य विभाग को सौंप दी गई है और जांच के नतीजों का इंतजार किया जा रहा है।
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