टेलीविजन इंडस्ट्री में सफलता का मंत्र: प्राची सिंह ने बताया क्यों जरूरी है मानसिक मजबूती और जमीन से जुड़ा रहना

लोकप्रिय शो क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 की अभिनेत्री प्राची सिंह ने टीवी जगत की चुनौतियों पर खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि कैसे निरंतर दबाव वाले माहौल में कलाकार अपनी मानसिक सेहत ठीक रख सकते हैं और कामयाबी के बाद भी विनम्र बने रह सकते हैं।

टीवी जगत की चुनौतियां और कलाकारों पर दबाव

टेलीविजन इंडस्ट्री में काम करना बाहर से जितना ग्लैमरस दिखता है, हकीकत में यह उतना ही चुनौतीपूर्ण है। अभिनेताओं को रोजाना नए किरदारों में ढलना पड़ता है, कई घंटों तक लगातार शूटिंग करनी होती है और हर दिन अपनी परफॉर्मेंस को पहले से बेहतर दिखाने का भारी दबाव बना रहता है। इस आपाधापी भरे माहौल के बीच खुद को संतुलित रखना और मानसिक रूप से स्वस्थ बने रहना किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है। हाल ही में इन्हीं पहलुओं पर चर्चा करते हुए टीवी अभिनेत्री प्राची सिंह ने अपने अनुभव साझा किए। वे इन दिनों चर्चित शो क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 में मंजरी उर्फ मुन्नी का किरदार निभा रही हैं। प्राची का मानना है कि अभिनय की दुनिया में सिर्फ बेहतरीन कलाकार होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि मानसिक दृढ़ता और अपने संस्कारों से जुड़ाव भी सफलता के लिए अनिवार्य है।

सकारात्मक सोच है सफलता की कुंजी

प्राची सिंह ने बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि इस इंडस्ट्री में धैर्य का बहुत बड़ा महत्व है। उन्होंने कहा, अभिनय का पेशा चुनौतियों से भरा है। ऐसी स्थिति में अपनी मेंटल हेल्थ का ध्यान रखना और सकारात्मक सोच को बरकरार रखना बेहद आवश्यक हो जाता है। उन्होंने सलाह दी कि यदि कलाकार छोटी-छोटी बातों को लेकर तनाव पालने लगेगा या परेशान होने लगेगा, तो उसके लिए लंबे समय तक इस प्रतिस्पर्धात्मक क्षेत्र में टिक पाना बहुत कठिन होगा। इसलिए, खुद को मानसिक रूप से मजबूत बनाना ही एकमात्र रास्ता है।

दिखावे से दूर रहने की नसीहत

अभिनेत्री ने इस बात पर जोर दिया कि दिखावे की दुनिया में खुद को खो देना आसान है, लेकिन यह मन की शांति छीन लेता है। प्राची के अनुसार, परिवार और अपनी जड़ों से जुड़े रहना ही एक इंसान को भीतर से सशक्त बनाता है। जब कोई अपने परिजनों के साथ जुड़ा रहता है, तो उसे एक खास तरह की आंतरिक शांति का अनुभव होता है। उन्होंने कहा, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इंसान जैसा है, वैसा ही बना रहे। केवल दूसरों को प्रभावित करने या दिखावे के लिए जीने से मन कभी शांत नहीं रह सकता और न ही काम में वह निखार आ पाता है, जिसकी उम्मीद दर्शक करते हैं।

सफलता के बाद विनम्रता का महत्व

करियर की ऊंचाई पर पहुंचने के बाद अक्सर कलाकार अपना स्वभाव बदल लेते हैं, लेकिन प्राची का मानना है कि विनम्रता ही वह गुण है जो उन्हें दूसरों से अलग बनाती है। उन्होंने कहा, सफलता मिलने के बाद भी इंसान को जमीन से जुड़ा रहना चाहिए। एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में अहंकार से बचना थोड़ा मुश्किल जरूर हो सकता है, लेकिन यदि कोई अपना व्यवहार और अपनी सोच नहीं बदलता, तो वह हर विपरीत परिस्थिति में भी खुश रह सकता है। उनकी यही कामना है कि हर कलाकार अपनी कामयाबी के शीर्ष पर पहुंचने के बावजूद विनम्र बना रहे।

इमोशनल सीन को निभाने का तरीका

अपने अभिनय कौशल के बारे में बात करते हुए प्राची ने बताया कि उनके लिए भावनात्मक सीन सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण होते हैं। उन्होंने अपने एक्टिंग प्रोसेस का खुलासा करते हुए कहा, जब मुझे किसी इमोशनल सीन की शूटिंग करनी होती है, तो मैं कल्पना करती हूं कि अगर मेरे वास्तविक जीवन में ऐसी स्थिति आती, तो मैं कैसा महसूस करती और मेरा क्या रिएक्शन होता। जब मैं उस दर्द या खुशी को अपने भीतर गहराई से महसूस करने लगती हूं, तभी वे जज्बात पर्दे पर भी सच्चे और प्रभावशाली दिखते हैं। यही तकनीक उन्हें मुश्किल इमोशनल दृश्यों को सटीकता से शूट करने में मदद करती है।

शो में चयन की दिलचस्प कहानी

प्राची सिंह ने क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 के सेट पर अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वहां का माहौल बेहद सकारात्मक है। वहां मौजूद अनुभवी और सीनियर कलाकारों के साथ काम करना उनके लिए सीखने का एक बहुत बड़ा अवसर है। उन्होंने अपने चयन की कहानी बताते हुए कहा, इस शो के लिए मुझे अचानक ऑडिशन भेजने का निर्देश मिला था। किरदार की बारीकियां और विवरण मिलते ही मैंने बिना देरी किए अपना ऑडिशन रिकॉर्ड करके भेज दिया। लगभग 10 से 15 दिन बाद मेरे पास कॉल आया और बताया गया कि मेरा सिलेक्शन हो गया है। उस पल मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा, क्योंकि मैं इस प्रोजेक्ट को अपने करियर का एक मील का पत्थर मानती हूं।

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