राष्ट्रपति भवन में वीरता का सम्मान, 105 सैन्य योद्धाओं को विशिष्ट सेवा अलंकरण से नवाजा गया

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रक्षा अलंकरण समारोह-2026 के दौरान सशस्त्र बलों के 105 जांबाजों को उनके असाधारण शौर्य और देश सेवा के लिए सम्मानित किया। इस भव्य कार्यक्रम में सेना, नौसेना, वायुसेना और तटरक्षक बल के वरिष्ठ अधिकारियों की वीरता को सराहा गया।

देश की सुरक्षा के पहरेदारों का गौरव

भारत की सीमाओं पर दुश्मन के दांत खट्टे करने वाले, समंदर की अथाह गहराइयों में पहरा देने वाले और आसमान की ऊंचाइयों से देश की रक्षा करने वाले भारतीय सेना के वीर जवानों और अधिकारियों के साहस को आज पूरा देश नमन कर रहा है। राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह-2026 में वीरता और राष्ट्रभक्ति की एक अद्भुत मिसाल देखने को मिली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने हाथों से 105 सैन्य योद्धाओं को विशिष्ट सेवा अलंकरण प्रदान कर उनके अदम्य साहस को सम्मानित किया। यह सम्मान न केवल उन जांबाजों के लिए, बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए गर्व का विषय है।

समारोह की भव्यता और गरिमा

राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में आयोजित इस भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ उपराष्ट्रपति सीपी. राधाकृष्णन भी विशेष रूप से उपस्थित थे। उपराष्ट्रपति ने इस गौरवशाली अवसर की कुछ तस्वीरें अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल 'एक्स' पर साझा की हैं। रक्षा अलंकरण समारोह-2026 के इस दूसरे चरण में थल सेना, नौसेना, वायु सेना और भारतीय तटरक्षक बल के कुल 105 अधिकारियों और कर्मियों को सम्मानित किया गया। इन वीरों का चयन उनके द्वारा शांति और कठिन ऑपरेशनल परिस्थितियों में दिखाए गए असाधारण नेतृत्व, कर्तव्यनिष्ठा और पेशेवर क्षमता के आधार पर किया गया था।

पदक विजेताओं की श्रेणी

इस समारोह के दौरान दी गई पदवियों की सूची सैन्य सेवा के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन को दर्शाती है। समारोह में निम्नलिखित श्रेणियों में सम्मान प्रदान किए गए:

  • 7 सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक।
  • 30 परम विशिष्ट सेवा पदक।
  • 12 उत्तम युद्ध सेवा पदक।
  • 56 अति विशिष्ट सेवा पदक।

प्रमुख सैन्य अधिकारी और सम्मानित योद्धा

समारोह में सम्मानित होने वाले अधिकारियों की सूची काफी लंबी है, जिनमें थल सेना, वायु सेना और नौसेना के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। अति विशिष्ट सेवा पदक पाने वाले प्रमुख हस्तियों में लेफ्टिनेंट जनरल नीरज वर्ष्णेय, लेफ्टिनेंट जनरल विकास रोहेला, लेफ्टिनेंट जनरल हरबिंदर सिंह वंड्रा, लेफ्टिनेंट जनरल मोहिंदर पाल सिंह, लेफ्टिनेंट जनरल रणजीत सिंह, लेफ्टिनेंट जनरल अजय कुमार, लेफ्टिनेंट जनरल शमशेर सिंह विर्क, लेफ्टिनेंट जनरल आदित्य विक्रम सिंह राठी, लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह और लेफ्टिनेंट जनरल पुनीत आहूजा शामिल रहे। इसके अलावा, एयर मार्शल तरुण चौधरी को भी सम्मानित किया गया।

नौसेना, वायु सेना और तटरक्षक बल का गौरव

नौसेना के वाइस एडमिरल आनंद वाई सरदेसाई, वाइस एडमिरल रजत कपूर, वाइस एडमिरल श्रीनिवास कुदारावल्ली, वाइस एडमिरल सुशील मेनन और वाइस एडमिरल अनिल जग्गी ने अपनी विशिष्ट सेवाओं के लिए अति विशिष्ट सेवा पदक प्राप्त किया। वायु सेना की ओर से एयर मार्शल मेहताब सिंह देसवाल, एयर मार्शल के. ए. ए. संजीब और एयर मार्शल एस. श्रीनिवास राव को भी सम्मानित किया गया। साथ ही, भारतीय तटरक्षक बल के अतिरिक्त महानिदेशक डॉनी माइकल को भी अति विशिष्ट सेवा पदक से नवाजा गया। एक विशेष उल्लेख के रूप में, 9 असम रेजिमेंट के सूबेदार एच. होकाटो सेमा को यह पदक दिया गया, जो एक जूनियर कमीशंड अधिकारी के लिए अत्यंत गर्व और प्रेरणा की बात है।

उत्तम युद्ध सेवा पदक विजेता

युद्ध की रणनीतियों और कमान संभालने में निपुण अधिकारियों को उत्तम युद्ध सेवा पदक से सम्मानित किया गया। इस सूची में दक्षिणी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ, एयर मार्शल मनीष खन्ना और 15 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रशांत श्रीवास्तव शामिल हैं। इसके साथ ही 9 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल राजन शरावत, 3 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल अभिजीत एस. पेंढारकर, 4 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल गंभीर सिंह और 16 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रसन्न किशोर मिश्रा को भी उनकी उत्कृष्ट कार्यशैली के लिए पदक प्रदान किए गए।

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