उत्तर प्रदेश एसटीएफ का बड़ा एक्शन: महज एक हफ्ते के भीतर दो कुख्यात शूटर्स का एनकाउंटर में खात्मा

उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स ने अपनी कार्रवाई को तेज करते हुए एक सप्ताह के भीतर दो खूंखार शूटर्स को मुठभेड़ में मार गिराया है। ये अपराधी पुलिस अधिकारियों को निशाना बनाने और बड़ी डकैतियों में शामिल थे।

यूपी एसटीएफ की बड़ी कामयाबी

उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स ने अपराध जगत में दहशत फैलाने वाले अपराधियों के खिलाफ अपना शिकंजा कस लिया है। बीते एक सप्ताह के भीतर एसटीएफ ने दो बड़े शूटर्स को अलग-अलग मुठभेड़ में ढेर कर दिया है। इन शूटर्स की तलाश पुलिस को लंबे समय से थी और ये कई गंभीर वारदातों में वांछित थे। विभाग इस सफलता को पुलिस बल के मनोबल के लिए बेहद महत्वपूर्ण मान रहा है।

पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने का तरीका

बिहार के कुख्यात शूटर ललन सिंह ने यूपी में शरण ली थी। ललन सिंह और उसका गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था। ये बदमाश मुख्य रूप से एएसआई और सब-इंस्पेक्टर स्तर के पुलिस अधिकारियों को अपना निशाना बनाते थे। इनका चयन इस आधार पर किया जाता था कि कौन सा पुलिसकर्मी जवाबी कार्रवाई करने में कम सक्षम है। मौका मिलते ही ये उन पर हमला कर देते थे और उनकी सर्विस पिस्तौल या रिवॉल्वर लूटकर फरार हो जाते थे। इन लूटे गए हथियारों का उपयोग ये बड़ी बैंक डकैतियों और हत्याओं में करते थे, ताकि पुलिस बैलिस्टिक जांच के दौरान भ्रमित रहे और अपराधी पकड़ में न आएं।

ललन सिंह और उसके गिरोह का आपराधिक इतिहास

ललन सिंह उर्फ लल्लन ने अपने भाइयों मनीष सिंह, रजनीश और अन्य साथियों के साथ मिलकर कई बड़ी वारदातों को अंजाम दिया था। 16 मार्च 2016 को नालंदा में एएसआई भुवनेश्वर सिंह को गोली मारकर उनकी रिवॉल्वर लूटी गई थी। इसके बाद, 18 अप्रैल 2016 को पटना में एएसआई सुरेश ठाकुर की गोली मारकर हत्या कर उनकी पिस्टल लूट ली गई। वहीं, 24 सितंबर 2016 को पटना में एएसआई आर के चौधरी की हत्या कर सरकारी हथियार छीना गया था।

इनकी आपराधिक फेहरिस्त यही खत्म नहीं हुई। 27 फरवरी 2017 को नालंदा में कैश वैन पर धावा बोलकर सुरक्षा गार्ड वर्जनन्दन प्रसाद सिंह और कैशियर रंजीत कुमार की हत्या की गई और बीस लाख रुपये लूटे गए। इसी तरह, 6 मार्च 2017 को पटना में पीएनबी बैंक के बाहर गार्ड और ड्राइवर की हत्या कर 60 लाख रुपये लूट लिए गए थे। ललन सिंह 8 सितंबर 2022 को हवालात की दीवार तोड़कर फरार हो गया था। भागने के बाद उसने 1 नवंबर 2022 को चंदौली में मोटरसाइकिल लूटी और 8 नवंबर 2022 को वाराणसी में उपनिरीक्षक अजय यादव को गोली मारकर उनकी सर्विस पिस्टल छीन ली थी।

कैसे हुआ शूटर्स का अंत

ललन सिंह के दोनों भाई 21 नवंबर 2022 को पुलिस मुठभेड़ में मारे गए थे। इसके बाद 22 जून को यूपी एसटीएफ ने सहारनपुर में ललन सिंह को मार गिराया। वहीं, शनिवार को एक और बड़ी कार्रवाई में लखनऊ में मुठभेड़ के दौरान शूटर संजय को ढेर कर दिया गया। संजय ने 27 मई को लखनऊ में प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह की दिनदहाड़े हत्या की थी। संजय अंबेडकरनगर के खान मुबारक गैंग से जुड़ा था और उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था, साथ ही उसके खिलाफ कुल 13 मुकदमे दर्ज थे।

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