पीएम मोदी ने बुलाई सभी केंद्रीय सचिवों की अहम बैठक, सुधारों और विकास एजेंडे पर होगी चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को सभी मंत्रालयों के सचिवों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक करेंगे, जिसमें 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य और जन-केंद्रित सुधारों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।

सचिवों के साथ पीएम मोदी की हाई लेवल बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देश के सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के सचिवों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों के जीवन को सरल बनाने और देश में व्यापार सुगमता को बढ़ावा देने के लिए लागू किए गए सुधारों की विस्तृत समीक्षा करना है। इस संबंध में जानकारी रखने वाले सूत्रों ने सोमवार को बताया कि इस चर्चा में शासन व्यवस्था से जुड़े कई अहम मुद्दों पर गहन मंथन किया जाएगा।

प्रस्तुतियों के माध्यम से होगी प्रगति की समीक्षा

बैठक की कार्ययोजना के अनुसार, विभिन्न मंत्रालयों के सचिव अपने-अपने विभागों के कामकाज का ब्योरा प्रधानमंत्री के सामने पेश करेंगे। इन प्रस्तुतियों में सरकारी सुधारों, जन-केंद्रित पहलों और अब तक हासिल की गई प्रगति की जानकारी दी जाएगी। सरकार का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि आम लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिले।

2047 का लक्ष्य और अगली पीढ़ी के सुधार

प्रधानमंत्री मोदी ने 2047 तक भारत को एक पूर्णतः विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है, जो देश की आजादी के 100 साल पूरे होने का वर्ष होगा। सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री इस बैठक में सचिवों के साथ अगली पीढ़ी के उन सुधारों पर विचार-विमर्श करेंगे जो देश की कार्यप्रणाली को और अधिक आधुनिक और पारदर्शी बना सकें। इन सुधारों का ध्येय न केवल नागरिकों के जीवन को सुखद बनाना है, बल्कि देश में निवेश और व्यापार को नई दिशा देना भी है।

सुशासन और समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर

ऐसी प्रबल संभावना है कि प्रधानमंत्री इस बैठक के दौरान शासन और योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दे सकते हैं। वे इस बात पर जोर दे सकते हैं कि सरकारी कामकाज में किसी भी तरह की सुस्ती या देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री पहले ही अगले 10 वर्षों के लिए अपनी सुधार प्राथमिकताओं को स्पष्ट कर चुके हैं। उनका मानना है कि सरकार की 'सुधार एक्सप्रेस' ने व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाकर नागरिकों को सीधे लाभ पहुंचाया है।

आर्थिक मोर्चे और विकास दर की स्थिति

बैठक में देश की आर्थिक स्थिति पर भी चर्चा संभव है। आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में सकल घरेलू उत्पाद यानी GDP की वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत रही है, जबकि चौथी तिमाही में यह 7.8 प्रतिशत दर्ज की गई। जनवरी-मार्च तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था ने पूर्वानुमान से बेहतर प्रदर्शन किया, जिसका श्रेय मजबूत घरेलू मांग और सरकारी खर्च को जाता है। पिछले वर्ष की तुलना में GDP में 7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, और पूरे वर्ष की वृद्धि दर 2024-25 के 7.1 प्रतिशत से बढ़कर 7.7 प्रतिशत पर पहुंच गई है।

जीवन और व्यापार की सुगमता को प्राथमिकता

प्रधानमंत्री मोदी ने 21 जून को मंत्रिपरिषद की बैठक में स्पष्ट किया था कि सरकार युवाओं के लिए अवसर बढ़ाने और 'जीवन की सुगमता' व 'व्यापार सुगमता' को प्राथमिकता देने के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में प्रधानमंत्री के दो प्रधान सचिव पीके मिश्रा और शक्तिकांत दास के साथ-साथ कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन के भी उपस्थित रहने की संभावना है। सभी अधिकारियों को यही संदेश देने की उम्मीद है कि जनकल्याण ही शासन का मूल मंत्र होना चाहिए।

https://www.indiatv.in/india/national/pm-modi-high-level-meeting-with-union-ministries-and-secretaries-on-tuesday-review-of-reforms-likely-2026-06-29-1228120