जबलपुर में गहराया जल संकट, फायर ब्रिगेड की गाड़ियां अब बुझा रही हैं लोगों की प्यास

मध्य प्रदेश के जबलपुर में भीषण गर्मी के चलते जल संकट विकराल हो गया है, जिससे निपटने के लिए अब अग्निशमन विभाग की गाड़ियां दिन भर पानी की आपूर्ति में जुटी हैं। परियट जलाशय के सूखने के बाद प्रशासन ने शहर में रोज 300 टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाने का मोर्चा संभाला है।

परियट जलाशय के सूखने से बिगड़े हालात

मध्य प्रदेश की संस्कारधानी कहे जाने वाले जबलपुर में इस समय भीषण गर्मी और पानी की कमी ने आम लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। शहर के रांझी इलाके में जल संकट इतना अधिक बढ़ चुका है कि यहां की मुख्य जल स्रोत परियट जलाशय की स्थिति चिंताजनक हो गई है। जलाशय का जलस्तर घटकर महज 2 फीट पर आ गया है, जिसके कारण शहर में पेयजल की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। इस भीषण गर्मी ने जलाशय को पूरी तरह से सूखने की कगार पर ला खड़ा किया है, जिसका सीधा असर रांझी जल शोधन संयंत्र की कार्यक्षमता पर पड़ा है।

जल शोधन संयंत्र की क्षमता में भारी गिरावट

नगर निगम के एमआईसी सदस्य दामोदर सोनी के अनुसार, जलाशय में पानी की आवक बेहद कम हो गई है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि रांझी स्थित इस संयंत्र की कुल क्षमता 54 एमएलडी है, लेकिन मौजूदा समय में यहां केवल 10 एमएलडी पानी ही प्राप्त हो पा रहा है। जलाशय के जलस्तर में हुई गिरावट और मानसून के आने में हो रही देरी की वजह से जलापूर्ति का चक्र भी बिगड़ गया है। जो इलाके पहले दिन में दो बार पानी पाते थे, वहां अब दो दिन में एक बार पानी की सप्लाई हो रही है। यदि जल्द ही बारिश नहीं हुई तो स्थिति और अधिक कठिन हो सकती है, क्योंकि वर्तमान में शोधन संयंत्र में केवल 10 दिन का पानी ही शेष बचा है। हालांकि प्रशासन इस संकट से निपटने के लिए वार्ड स्तर पर नई बोरिंग भी करवा रहा है।

आग बुझाने वाले अब बन गए हैं पानी के रक्षक

जल संकट की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब फायर ब्रिगेड की गाड़ियां आग बुझाने के अपने मुख्य काम के अलावा लोगों की प्यास बुझाने का काम कर रही हैं। फायर ब्रिगेड कर्मी विनोद पांडे ने बताया कि पहले उनकी प्राथमिकता आग जैसी आपात स्थितियों में जनहानि को रोकना होती थी, लेकिन अब उनका पूरा ध्यान जनता तक पानी पहुंचाने पर केंद्रित है। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां दिन भर में करीब 24 से 25 चक्कर लगाकर जज कॉलोनी, विभिन्न सरकारी अस्पतालों और आवासीय बस्तियों में पानी की आपूर्ति कर रही हैं।

युद्धस्तर पर चल रहा है राहत कार्य

नगर निगम प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधि इस जल संकट पर नियंत्रण पाने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं। राहत कार्य का पैमाना इतना बड़ा है कि सड़कों पर पानी के टैंकरों का जाल सा बिछ गया है। नगर निगम अपने स्वयं के टैंकरों के साथ-साथ निजी टैंकरों का भी सहारा ले रहा है। वर्तमान स्थिति यह है कि रोजाना करीब 300 फेरे लगाकर शहर के विभिन्न इलाकों में पानी पहुंचाया जा रहा है। इसके अलावा, रांझी क्षेत्र के कई पुराने कुओं को मोटर पंपों से जोड़कर टंकियों में पानी भरा जा रहा है, ताकि नागरिकों को पीने के पानी के लिए दर-दर न भटकना पड़े।

डिफेंस फैक्ट्रियों की सप्लाई में की गई कटौती

आम जनता को राहत देने के लिए नगर निगम ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जबलपुर की चार प्रमुख डिफेंस फैक्ट्रियों को की जाने वाली जल आपूर्ति में कटौती की गई है। इस कटौती का एकमात्र उद्देश्य प्राथमिकता के आधार पर आम नागरिकों के घरों तक पानी पहुंचाना है। नगर निगम प्रशासन लगातार स्थिति की मॉनिटरिंग कर रहा है ताकि संकट के इस दौर में किसी भी नागरिक को भीषण गर्मी के बीच पानी की कमी का सामना न करना पड़े।

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