केतन अग्रवाल मर्डर केस: चेतन और सिया 3 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर, जांच में खुलेंगे कई बड़े राज

केतन अग्रवाल हत्याकांड के आरोपियों चेतन और सिया को कोर्ट ने पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अब इस मामले से जुड़े अहम सबूत जुटाने और पूरी साजिश का पर्दाफाश करने की तैयारी में है।

कोर्ट का फैसला और पुलिस की अगली कार्रवाई

केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में तेजी लाते हुए वडगांव मावल कोर्ट ने आरोपियों सिया और चेतन को 3 जुलाई तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब तक इस मामले में 13 अलग-अलग आर्टिकल्स को जब्त किया गया है। हालांकि, जांच का दायरा अभी और बड़ा है क्योंकि इस हत्याकांड से जुड़े कई अहम सबूतों को अभी इकट्ठा करना बाकी है। पुलिस को यह पता लगाना है कि अलग-अलग स्थानों पर रहने के बावजूद इन दोनों ने मिलकर हत्या की योजना आखिर कहां बनाई थी। इसके अलावा, पुलिस इस बात की भी गहन छानबीन कर रही है कि क्या आरोपियों ने घटना को अंजाम देने से पहले धक्का देने की कोई प्रैक्टिस की थी और क्या वे लोहगढ़ फोर्ट की रेकी करने के लिए पहले भी वहां गए थे।

पासपोर्ट और डिजिटल साक्ष्यों की जांच

जांच के क्रम में पुलिस की टीम चेतन को लोहगढ़ लेकर जाएगी, ताकि वहां घटनास्थल का पूरा सीन रीक्रिएट किया जा सके। पुलिस के पास तकनीकी साक्ष्य जुटाने की बड़ी चुनौती है। इसके लिए आरोपी के व्हाट्सऐप कॉल और चैट डेटा को रिट्राइव करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। पुलिस को संदेह है कि आरोपी चेतन ने घटना के समय जो फुलपैंट पहनी थी, उसे बाद में बदल दिया गया था। उस पैंट को बरामद करना अभी बाकी है। इसके अलावा, पुलिस के लिए पासपोर्ट का मुद्दा सबसे अहम बना हुआ है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि पासपोर्ट को किस जगह और किस तरह से डिस्पोज किया गया। पुलिस को प्रबल संदेह है कि हत्या की साजिश पूरी तरह से प्री-प्लांड थी और बाली जाने से रोकने के लिए ही जानबूझकर पासपोर्ट को नष्ट किया गया था।

कैब ड्राइवर के नए खुलासे

इस पूरे मामले में केतन और सिया के बाली ट्रिप के दौरान कैब ड्राइवर के बयानों ने नई दिशा दी है। सिया और केतन अपने प्री-वेडिंग शूट के लिए बाली रवाना होने वाले थे और इसके लिए उन्होंने पुणे से मुंबई एयरपोर्ट तक की कैब बुक की थी। ड्राइवर ने खुलासा किया कि सिया बाली जाने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थी और उसने कार में बैठने से भी मना कर दिया था। ड्राइवर के अनुसार, सिया के भाई साहिल ने उसे जबरदस्ती हाथ पकड़कर कार में बिठाया था। पुणे से पिंपरी-चिंचवड़ के रावेत तक के पूरे रास्ते में सिया और साहिल के बीच तीखी बहस हुई थी। किवाले लोढ़ा पहुंचने के बाद केतन और उसके परिवार के कुछ अन्य सदस्य भी उनके साथ शामिल हो गए थे ताकि वे सभी साथ में मुंबई एयरपोर्ट जा सकें।

चाय के ब्रेक के दौरान गायब हुआ पासपोर्ट

सफर के बीच में सभी लोग चाय और स्नैक्स के लिए एक फूड कोर्ट पर रुके थे। ड्राइवर ने दावा किया है कि जब परिवार के बाकी सदस्य थोड़ी दूर थे, तब सिया किसी बहाने से वापस पार्क की गई गाड़ी के पास आई और उसने गाड़ी के अंदर से कुछ सामान अपनी जेब में डाल लिया। इसके बाद वह फिर से अपने परिवार के पास चली गई। जब सभी लोग मुंबई एयरपोर्ट पहुंचे और यात्री वहां से रवाना हो गए, तब केतन ने ड्राइवर को फोन किया और बताया कि उसका कुछ सामान, जिसमें उसका पासपोर्ट भी था, गाड़ी में ही छूट गया है। ड्राइवर वापस सामान देने पहुंचा, लेकिन उसे गाड़ी में कहीं भी पासपोर्ट नहीं मिला। अब पुलिस का मानना है कि फूड कोर्ट पर रुकने के दौरान ही सिया ने शातिराना अंदाज में पासपोर्ट गायब कर दिया होगा।

https://www.indiatv.in/maharashtra/court-sent-chetan-and-siya-to-police-custody-until-july-3-know-about-investigation-still-pending-2026-06-29-1228095